बालोद । पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना की जबरदस्त कार्यवाही और आतंकियों को उनके किये की सजा मिलने और उनके ठिकानों को तबाह करने पर पूरे भारत में भारतीय सेना के सम्मान में सिंदूर शौर्य यात्रा निकाली जा रही है। इसी क्रम में बालोद जिला स्वाभिमान मंच के बैनर तले सिंदूर शौर्य यात्रा का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्यवक्ता के तौर पर बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, बालोद नपाध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, महिला नेत्री ममता साहू थी। इस अवसर पर शहर के पूर्व सैनिक, गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियो की उपस्थिति में सैकड़ो महिलाओ ने अपनी मांगों पर सिंदूर भरकर रैली निकाली। जो शहर के प्रमुख मार्गों से होकर जय स्तम्भ चौक पहुंची। जहां मुख्य वक्ता वर्णिका शर्मा ने अपनी ओजस्वी भाषण से महिलाओ में जोश भर दिया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत का अभिन्न अंग जम्मू कश्मीर पूरी दुनिया में खूबसूरती के लिए जाना जाता है। यहां पिछले कुछ सालों में शांति अमन चैन था। यहां सैलानी भी अधिक मात्रा में आ रहे थे। वहां के लोगो को भरपूर रोजगार मिल रहा था परंतु सीमा पार पड़ोसी मुल्क को यह रास नही आ रहा था। वहां से आकर आतंकवादियों ने घूमने आए लोगो को उनका धर्म पूछकर उनके परिजनों के सामने मार दिया। इसके बाद केंद्र सरकार और सेना के तीनों विंग ने मिलकर ऑपरेशन सिंदूर चलाया। जिसमे पाकिस्तान में बने कई आतंकी ठिकाने नष्ट हो गए। सैकड़ो आतंकी भी मारे गए और पाकिस्तान का असली चेहरा दुनिया ने देखा। इसमे भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम ने पूरी दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। उनके सम्मान में ही आज यह यात्रा निकाली गई है। महिला नेत्री समाजसेवी ममता साहू ने कहा कि आतंकियों ने महिलाओ का सिंदूर उजाड़ा था। आज सेना ने उनका पूरा कुनबा उजाड़ दिया है। सेना ने पूरे सफल रणनीति के साथ पाकिस्तान के गलत इरादों पर पानी फेरा है और आतंकियों को उनके सही स्थान में भेजा है। नपाध्यक्ष प्रतिभा चौधरी ने कहा कि जब से केंद्र में मोदी जी की सरकार है तब से सेना को खुली छूट मिली है कि वह आतंक रूपी साँप के फन कुचल दे। आतंकियों को उनके मांद में घुसकर नेस्तानाबूद करे और हमारी सेना ने यह बखूबी कर दिखाया है। सिंदूर शौर्य रैली में प्रमुख रूप से शीतल नायक, पूजा जैन, सत्या साहू, सुनीता मनहर, आशा पटेल, मोना टुवानी, निशा योगी,श्वेता परिहार, प्राची लालवानी, नूपुर सोनवानी सहित सैकड़ों की संख्या में महिलाएं एवं अन्य शामिल रहे।
सिंदूर बन गया शौर्य का प्रतीक, जिन्होंने सिंदूर उजाड़ा उनका सब कुछ उजड़ गया है- वर्णिका शर्मा
