सैनिक स्कूल का परीक्षा परिणाम आया सामने, प्रवीण्य सूची में बालोद के छात्र मोक्ष साहू ने बनाया पहला स्थान



बालोद। सैनिक स्कूल 2025 की प्रवेश परीक्षा के परिणाम आ चुके है और प्रवीण्य सूची भी जारी हो गई है। जिसमें बालोद जिले के रहने वाले मोक्ष साहू ने सफलता का परचम लहरा दिया है। प्रवीण्य सूची में रैंक 1 लाकर मोक्ष साहू छत्तीसगढ़ टॉपर बन गए है। बता दे कि, सैनिक स्कूल की परीक्षा ऑल इंडिया सैनिक एंट्रेस एग्जाम (AISSEE) राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाती है। यह परीक्षा सैनिक स्कूल में कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश के लिए ली जाती हैं। मोक्ष साहू पिता विनोद कुमार साहू बालोद के ही रहने वाले है परंतु अच्छी पढ़ाई के उद्देश्य से विगत कुछ वर्षों से दुर्ग के बोरसी में रहते हैं। बालक अभी केंद्रीय विद्यालय सीआईएसएफ उतई भिलाई में अध्ययनरत हैं। सैनिक स्कूल की परीक्षा बहुत ही कठिन परीक्षा हैं जिसे मोक्ष साहू ने कड़ी मेहनत और लगन से क्रैक कर लिया। उनके इस सफलता में माता पिता का भी योगदान रहा है। मोक्ष के पिता विनोद कुमार साहू जो कि एलआईसी में विकास अधिकारी के पद पर बालोद में ही पदस्थ है। उन्होंने बच्चे को पढ़ाने का जिम्मा स्वयं लिया और दुर्ग से बालोद अपडाउन करते हुए अपने काम के साथ साथ बच्चे की तैयारी भी स्वयं करवाई। बता दें कि इस परीक्षा के लिए मोक्ष ने रोजाना 7 से 8 घंटे की पढ़ाई की हैं। रोजाना ही वह टेस्ट पेपर भी देता था। तैयारी के दौरान लगभग 300 टेस्ट पेपर उसने सॉल्व कर लिए थे। पढ़ाई के साथ साथ मोक्ष की रुचि कला के क्षेत्रों में भी रही हैं। वह पियानो बजाने में माहिर है तो गायन में भी हुनर आजमा चुके है । तबला की थाप पर जस गीत गाना हो या फिर नदी तालाब में तैराकी करना हो मोक्ष को सभी बखूबी आता है । साथ ही साथ ताइक्वांडो में रेड बेल्ट होने के साथ जिला स्तरीय ताइक्वांडो में सिल्वर मेडल भी प्राप्त कर चुके हैं। पढ़ाई का हुनर पापा से मिला तो कला का हुनर माता से आया है। मोक्ष की माता श्रीमती थ्रीमा साहू गृहिणी होने के साथ ही उद्घोषिका के रूप में विभिन्न मंचों पर प्रस्तुति दे चुकी हैं। मोक्ष साहू के दादा राधेश्याम साहू (सेवानिवृत विद्युत कर्मचारी) दादी सीता साहू गायत्री परिवार से जुड़े हुए हैं तो घर का माहौल भी भक्तिमय ओर अध्यात्म से जुड़ा हुआ है। जिसका प्रभाव भी मोक्ष पर पड़ा और वह भी रामायण भगवत गीता का पठन अच्छे से करता है। उनकी छोटी बहन निष्ठा साहू भी पढ़ाई में होनहार होने के साथ ही इंदिरा कला विश्वविद्यालय खैरागढ़ से कत्थक नृत्य का प्रशिक्षण ले रही है। मोक्ष साहू का चयन छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर सैनिक स्कूल में होने के साथ ही ऑल इंडिया लेवल पर दूसरे राज्य के टॉप के सैनिक स्कूलों में होने की संभावनाएं जताई जा रही है। मोक्ष के शानदार परिणाम आने की खुशी पूरे परिवार को है।

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