बालोद। बालोद पुलिस ने आखिरकार जगन्नाथपुर के आरोपी तामेश्वर नेताम पिता कृपाल नेताम उर्फ भूरू को जेल भेज दिया है। सोमवार को कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें रिमांड पर जेल भेजा गया। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(5) और 74 के तहत कार्रवाई की गई है। ज्ञात हो कि जगन्नाथपुर की एक विधवा महिला के घर में घुसने और भूसे के ढेर में बेहोशी की हालत में मिलने का वीडियो सामने आया था। शनिवार रविवार की दरमियानी रात को करीब एक से 1:30 बजे के बीच यह घटना थी। पीड़ित महिला द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है कि आरोपी द्वारा उनके घर के कोठा के रास्ते में बने पटाव के जरिए चढ़कर शयन कक्ष में प्रवेश कर उनके साथ छेड़खानी की गई। रात एक से डेढ़ बजे के बीच वह बाथरूम जाने के लिए उठी थी तो उनके कोठा का दरवाजा खुला हुआ मिला। जिसे वह बंद करके वापस सोने चली गई। इस बीच उसे नींद लग गई और कुछ देर बाद महिला को उनके शयन कक्ष में किसी के घुसने का एहसास हुआ। कमरे में अकेली पाकर आरोपी उसके साथ अश्लील हरकत करने लगा। फिर वह उससे खुद को छुड़ाकर भागी और बाहर से दरवाजे का संकल लगा दी।

इसके बाद आरोपी वापस कोठा के पटाव में चढ़कर छिप गया। महिला ने घर से बाहर निकल कमरे का दरवाजा बंद कर संकल लगा दिया और आसपास के ग्रामीणों को खबर की।
पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों ने भूसे के ढेर से बेहोश स्थिति में बाहर निकाला था आरोपी को

ज्ञात हो कि वायरल वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा था कि आरोपी तामेश्वर नेताम पिता कृपाल नेताम उम्र 23 वर्ष महिला के मकान के कोठा स्थित पटाव में पैरा कुट्टी (भूसे) के ढेर में पकड़े जाने के डर से छिपा हुआ था। पुलिस कंट्रोल रूम में ग्रामीणों द्वारा घटना की सूचना दी गई। जिसके बाद देर रात बालोद पुलिस की पेट्रोलिंग टीम घटना स्थल पहुंची।

पुलिस की मौजूदगी में आरोपी के पिता कृपाल नेताम को ही बुलवाकर अन्य ग्रामीणों की मदद से भूसे में छिपे आरोपी को बाहर निकाला था। तब तक वह बेहोशी की स्थिति में था। उसे पानी डालकर उठाने का प्रयास भी किया गया। लेकिन उसकी स्थिति ठीक नहीं लग रही थी।

जिसे देखते हुए ग्रामीणों ने संजीवनी 108 को खबर कर उसे पहले जिला अस्पताल पहुंचाया फिर दूसरे दिन अस्पताल में उसे स्वस्थ होने के बाद पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और पीड़ित महिला सहित ग्रामीणों को भी घटना की जानकारी के लिए थाने बुलवाया। जहां पर पीड़ित महिला सहित गांव की अन्य महिलाओं ने भी आरोपी तामेश्वर नेताम के खिलाफ लिखित शिकायत की।
गांव में रहने वाली अकेली महिलाओं और लड़कियों को बनाता है शिकार

थाने पहुंची गांव की अन्य महिलाओं ने भी बताया कि तामेश्वर नेताम आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। जिसके चलते आए दिन गांव में कई तरह की घटनाएं घट चुकी है। 8 से 10 घरों में वह इसी तरह से किसी के यहां चोरी तो किसी के यहां नियत खोरी के इरादे से प्रवेश कर चुका है। पहली बार वह सार्वजनिक रूप से पकड़ में आया है। वरना कई बार पकड़े जाने पर वह महिलाओं को चाकू छुरी, ब्लेड आदि दिखाकर डरा धमका कर चला जाता था और डर के मारे कोई कुछ नहीं कर पाता था आरोप है कि उनके परिजन भी अपने बेटे की हरकतों को नजरअंदाज कर उसका बचाव करते थे । जिसके चलते गांव वाले भी परेशान थे। पर इस बार महिलाओं ने साहस दिखाया और उसके खिलाफ थाने में शिकायत की। कई महिलाओं सहित ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर मीडिया के सामने भी बयान दिया कि अक्सर आरोपी तामेश्वर नेताम शराब और गांजे के नशे में रहता था और आधी रात को वह गांव में अकेली रहने वाली महिलाओं या नासमझ लड़कियों को अलग-अलग इरादों से शिकार बनाता था। किसी के घर वह चोरी की इरादे से तो किसी के घर नियत खोरी की इरादे से प्रवेश करता था। शनिवार रविवार की रात की घटना चोरी करने के वजह से नहीं बल्कि नियत खोरी की वजह से उसने अंजाम दिया था। गनीमत महिला की सूझबूझ और तत्परता से आरोपी रात में भाग नहीं पाया और खुद को बचाने के लिए भूसे के ढेर में छिप गया। फिर ग्रामीणों ने चारों ओर से घर को घेर रखा था। जिसके बाद वह पकड़ा गया। अगर समय पर उसे भूसे के ढेर से नहीं निकाला जाता तो नशे और गर्मी में बेहोशी के कारण सुबह तक उसकी मौत भी हो सकती थी । पर ग्रामीणों ने किसी भी तरह से कानून को हाथ लिए बगैर पहले तो उसे भूसे के ढेर से निकाला और जब बेहोश हालत में मिला तो उसे समय पर उनके पिता कृपाल नेताम के साथ ही संजीवनी 108 बुलवाकर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। स्वस्थ होने के बाद आगे पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्रवाई शुरू की। थाना प्रभारी रवि शंकर पांडेय ने बताया ताजा घटना को प्रमुख रूप से आधार बनाते हुए आरोपी के खिलाफ धारा 331(5) और 74 भारतीय न्याय संहिता के तहत गिरफ्तार कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। मामले की विवेचना सहायक उप निरीक्षक कमला यादव, देव कुमारी साहू सहित उनकी टीम ने की।
क्या है भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 331(5)
यह धारा गुप्त गृह-अतिचार या गृह-भेदन के बारे में है। यह धारा बताती है कि यदि कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने, उस पर हमला करने या उसे रोकने की योजना के तहत चोरी-छिपे घर में प्रवेश करता है या तोड़ता है, तो उसे 10 साल तक की सजा हो सकती है,.वहीं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 किसी महिला पर उसकी लज्जा भंग करने के इरादे से हमला करने या आपराधिक बल का प्रयोग करने से संबंधित है। यदि कोई व्यक्ति किसी महिला पर हमला करता है या आपराधिक बल का प्रयोग करता है, जिसका उद्देश्य या संभावना है कि इससे महिला की लज्जा भंग हो, तो उसे कम से कम एक वर्ष और अधिकतम पांच वर्ष तक की सजा और जुर्माना भी हो सकता है।
