जेल और कोर्ट में पेशी के दौरान होती थी उनकी मुलाकात, बना लिए गिरोह, चोरी के सोने चांदी के जेवरात खपाता था सुनार
गिरोह के चार आरोपी हुए गिरफ्तार, एक की तलाश जारी,एक आरोपी को पकड़ने बालोद पुलिस केरल से गोवा तक पहुंची थी
बालोद । बालोद पुलिस ने अंतरजिला चोर गिरोह के बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। जिसमें फिलहाल चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं और एक आरोपी फरार बताया जा रहा है। जिसकी तलाश जारी है। इस मामले में फिल्मी स्टाइल में अलग-अलग कामों में एक्सपर्ट हो चुके लोगों ने मिलकर चोरी करने के लिए गैंग बनाया और चोरी का माल खासकर सोने चांदी को खपाने के लिए राजनांदगांव के एक सुनार (मनिहारी वाले) नथमल सोनी का भी सहारा लिया गया। पूरे प्लानिंग के साथ चोरी को अंजाम देकर माल खपा दिया जाता था और किसी को भनक तक नहीं लगती थी। चोरी करने के लिए भी यह लोग चोरी की बाइक का इस्तेमाल करते थे । बाइक के डिक्की में अलग-अलग नंबर प्लेट रखे होते थे। चोरी करने के लिए जब रेकी करते तो मुंह में गमछा बांधे रहते थे ताकि किसी के नजर में ना आए। लेकिन बालोद पुलिस और साइबर सेल के सामने इन चोरों की चालाकी नहीं चली। विगत दिनों बालोद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम झलमला और उमरादाह में हुई चोरी के मामले में छानबीन शुरू की तो इन चोरों का सुराग हाथ लग गया। एक की गिरफ्तारी के साथ पूरे गिरोह का पर्दाफाश होने लगा। एक आरोपी को पकड़ने के पुलिस केरल से गोवा तक गई। मामले में कुल चार आरोपियों को रिमांड पर जेल भेजा गया। जिसमें चोरी के सोने चांदी के जेवर खपाने वाला सोनार भी शामिल है। आठवीं दसवीं पढ़े हुए गिरोह के सदस्य काफी शातिर दिमाग के हैं । बालोद पुलिस की काफी मशक्कत के बाद पहली बार ये पकड़ में आए हैं। उनके द्वारा अकेले बालोद जिले में ही 13 जगह चोरी की घटना को अंजाम दिया गया है तो अन्य आसपास के जिलों में भी पांच चोरी की गई है। मामले का खुलासा करते हुए एसपी योगेश पटेल ने बताया कि चोरी के बाद माल खपाने के बाद जो भी पैसा हाथ आता था उसे सभी आपस में बांट लेते थे। तो वही सोनार कमिशन में माल खपाने का काम करता था। चोरी की रकम से आरोपियों द्वारा कुछ प्रॉपर्टी भी खरीदी गई है। जिसे भी पुलिस आगे जब्ती की कार्यवाही कर रही है।
क्या है मामला
पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग श्री राम गोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में बालोद पुलिस को ये बड़ी सफलता मिली है। अंतर्जिला चोर गिरोह सहित सोनार व चोरी के आरोपी से जेवरात सहित नगदी रकम बरामद कर लिए गए हैं। बालोद जिला में थाना बालोद, गुण्डरदेही, देवरी, अर्जुन्दा सहित जिला दुर्ग, बेमेतरा, जिला राजनांदगांव के छुरिया और कई जिलों में चोरी की घटना में यही चोर शामिल हैं ।चोरी करने के लिए चोरी की मोटरसायकल व फर्जी नम्बर प्लेट का इस्तेमाल करते थे। पहचान में न आये करके अपने मुंह और चेहरा को गमछा से बांध के रखते थे। ताला बंद सूने मकान में दिन में रेकी करते थे। फिर रात्रि में जाकर चोरी करते थे। त्रिनयन एप के माध्यम से सीसीटीवी फुटेज में पुलिस महत्वपूर्ण सुराग मिला।आरोपियो का पूर्व में कई अपराधिक रिकार्ड है। हत्या के प्रकरण में एक आरोपी जेल की सजा काट चुका है।घटना के बाद से एक आरोपी केरल भाग गया था जिसे टीम द्वारा पकड़ कर बालोद लाया गया। आरोपियो के कब्जे से सोने व चांदी के जेवरात लगभग कीमती 30 लाख बरामद हुए हैं।आरोपियो के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 02 मोटरसायकल, 01 कार, लोहे का राड़, पेचकस, पेनचिंस बरामद हुआ है।आरोपियो को पकड़ने में सायबर सेल टीम बालोद व थाना बालोद की संयुक्त टीम की विशेष भूमिका रही।
इस घटना की छानबीन से खुलता गया गिरोह का राज

बालोद थाने में 27 अप्रैल 2025 को सूचना मिली थी कि उमरादाह व झलमला बालोद में रात्रि को अज्ञात चोर द्वारा 02 लोगों के घर के बाहर लगे बंद ताला को तोड़कर मकान में प्रवेश कर घर में रखे आलमारी से सोने-चांदी के जेवरात सहित नगदी रकम चोरी कर ले गया है। सूचना पर एसडीओपी बालोद देवांश सिंह राठौर व थाना प्रभारी बालोद रविशंकर पाण्डेय के द्वारा घटना स्थल पहुंचकर घटना का निरीक्षण कर वरिष्ठ अधिकारियो को अवगत कराकर उक्त चोरी के अज्ञात आरोपी के पतासाजी हेतु थाना बालोद व साइबर सेल से विशेष टीम बनाकर लगाया गया। साथ ही घटना स्थल में डाग स्क्वाड को बुलाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी गोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में एसपी योगेश कुमार पटेल के निर्देशन एवं एएसपी मोनिका ठाकुर के पर्यवेक्षण में व एसडीओपी बालोद देवांश सिंह राठौर के नेतृत्व में थाना प्रभारी रविशंकर पाण्डेय के नेतृत्व में चोरी के प्रकरण में आरोपियों के पतासाजी हेतु सायबर सेल बालोद व थाना बालोद से विशेष टीम गठित कर अज्ञात आरोपियों के संबंध में पतासाजी शुरू की गई ।
त्रिनयन ऐप बना आरोपियों को पकड़ने का अहम जरिया
त्रिनयन एप के माध्यम से बालोद क्षेत्र पर लगे व आपपास के सीसीटीवी कैमरा फुटेज को प्राप्त कर टीम द्वारा बारीकी से एनालिसिस करने पर 03 संदिग्ध व्यक्ति व मोटरसायकल की जानकारी प्राप्त हुई। जिसे टीम द्वारा चिन्हांकित किया गया ।सीसीटीवी फुटेज को प्राप्त करते हुए टीम बालोद से दुर्ग रोड़, गुण्डरदेही, अर्जुन्दा होते हुए राजनांदगाव पर लगे सैकड़ो सीसीटीवी कैमरों का फुटेज को प्राप्त कर एनालिसिस किया गया। साथ ही तकनीकी टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्य के आधार पर कार्य किया गया।
फर्जी निकला बाइक का नंबर प्लेट
टीम द्वारा रात दिन राजनांदगांव के आसपास कैम्प कर संदिग्ध मोटरसायकल की पहचान करने का प्रयास किया गया। जिसमें मोटरयायकल का नम्बर प्लेट फर्जी होना पाया गया। तीनो संदेही भी गमछा से चेहरे को बांध कर रखे थे जिससे उन सभी का चेहरा स्पष्ट नही हो पा रहा था। तकनीकी साक्ष्य के आधार पर 02 टीम बनाया गया। जिसमें एक टीम निरीक्षक रविशंकर पाण्डेय के नेतृत्व में एक आरोपी के केरल में होने की सूचना पर केरल रवाना किया गया। दूसरी टीम एसडीओपी बालोद के नेतृत्व में राजनांदगांव जाकर सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों के संबध मे पतासाजी कर रही थी। इसी दौरान 01 सीसीटीवी फुटेज में 01 आरोपी का चेहरा स्पष्ट दिखा। जिसकी पहचान राजनांदगांव निवासी आरोपी आरिफ खान उर्फ राजा खान के रूप में हुई। आरिफ खान से पूछताछ करने पर वह बताया की वे अपने साथी अनवर खान निवासी नेवई जिला दुर्ग, राजू मेश्राम के साथ मिलकर घटना के दिन राजनांदगांव से चोरी की मोटर सायकल में तीनो बालोद आये थे। रेकी करके रात्रि में चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। एक टीम भिलाई नेवई से अनवर खान को पकड़कर बालोद लाई। केरल गईं टीम को पता चला कि राजू मेश्राम अपनी परिवार के साथ गोवा चला गया है तत्काल टीम गोवा के लिए रवाना हुआ। जहां पतासाजी करने पर गोवा में कई ठिकानों में दबिस देकर पकड़ने में सफलता मिली। आरिफ खान व अनवर खान से पूछताछ पर चोरी के जेवरात को नथमल सोनी को देना बताया। टीम द्वारा नथमल सोनी निवासी राजनांदगांव को पकड़कर बालोद लाया गया। आरोपियो द्वारा पूर्व में बालोद जिला के थाना बालोद, देवरी, अर्जुन्दा, गुण्डरदेही के कई सूने मकानो में चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। इसके अलावा अन्य जिला दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा में भी कई चोरी की घटनांए किये है। आरोपियों द्वारा बालोद जिले के 13 एवं सरहदी जिले के 05 कुल 18 अपराध को अंजाम देना स्वीकार करने पर विधिवत् गिरफ्तार कर धारा 331(4), 305, 112, 317(4), 238, 62 बीएनएस लगाकर न्यायालय पेश किया गया।
आरोपियों की जेल में हुई थी जान-पहचान व बनाई चोरी की योजना
एसपी ने बताया अनवर खान सोने चांदी के जेवरात चोरी के प्रकरण में राजनांदगांव जेल गया था, उसी समय राजनांदगावं जेल में आरिफ खान उर्फ राजा खान निवासी शांतिनगर राजनांदगांव जो धन व सायकल चोरी के मामले में जेल गया था, उससे जान-पहचान हुआ । माह मार्च वर्ष 2024 में राजनांदगांव न्यायालय में पेशी पर राजा खान से मुलाकात हुआ था तब राजा खान, अनवर खान से कहा कि आर्थिक स्थित बहुत खराब है, मिलकर चोरी का काम करतें है।
सभी आरोपी अलग-अलग अपराधों को अंजाम देने में हैं उस्ताद
अनवर खान जो आलमारी का लाक तोड़ने में उस्ताद है, राजा खान जो बाहर दरवाजा लगा ताला तोड़ने में, रेकी करने, चोरी कर भागने के लिए रास्ता बनाने व मोटरसायकल की वायर को निकालकर डायरेक्ट कर चालू करने में उस्ताद है। दोनो मिलकर गैंग बनाये और इस गैंग में शांतिनगर के राजू मेश्राम जो बाईक चलाने में उस्ताद है और सन्नी निमजे जो बाईक उठाने में उस्ताद है ,उसे भी अपने गैंग के संबंध में बताकर आरिफ खान उर्फ राजा खान ने शामिल कर लिया व चोरी की घटनाओं में संलिप्त हो गये एवं राजनांदगांव के लोकल सोना व्यापारी नथमल सोनी को माल खपाने में अपने गैंग में शामिल किए।
ऐसा था तरीका वारदात को अंजाम देने का
आरोपियो के द्वारा अपने निवास से दूसरे जिले जाकर मोटरसायकल चोरी करते थे फिर मोटरसायकल के नम्बर प्लेट का नम्बर बदलते थे और शीट के नीचे 02-03 नम्बर प्लेट रखे रहते थे। चोरी के बाद नम्बर प्लेट को बदल देते थे। आरोपीगणों द्वारा सुनियोजित प्लान कर बाईक से आउटर एरिया निकलते थे एवं शहर के आउटर कॉलोनी या सूने मकान के घरो की रेकी करते थे। घटना को अंजाम देने के लिए ताला लगे सूने मकानो का घूमघूम कर दिन में रेकी करते है फिर रात्रि को वापस आकर उस मकान के बंद ताला को तोड़ कर घर में रखे नगदी रकम व सोने, चांदी के जेवरात को चोरी कर फरार हो जाते थे। नगदी रकम को खाने, पीने एवं अपने दैनिक खर्च में उपयोग करते थे। और सोने व चांदी के जेवरात को एक व्यक्ति नथमल सोनी निवासी राजनांदगांव को जेवरात बेचने संपर्क करते थे। बाजार मूल्य से कम कीमत पर वह सामान बेच कर पैसा आरोपी को देकर आपस में बांट लेते थे।
ये हैं आरोपियों का नाम व पता
- आरिफ खान उर्फ राजा खान पिता मरहूम बसारत खान उम्र 41 वर्ष पता शांती नगर वार्ड 11 थाना चिखली जिला राजनांदगांव।
- अनवर खान पिता स्व. इकबाल खान उम्र 54 वर्ष पता नेवई बस्ती वार्ड 33 थाना नेवई भिलाई जिला दुर्ग।
- नथमल सोनी पिता स्व. चम्पा लाल सोनी उम्र 51 वर्ष पता बंसतपुर बैद्यनाथ कॉलोनी जिला राजनांदगांव।
- राजू मेश्राम पिता राजेन्द्र मेश्राम उम्र 24 वर्ष पता शांती नगर थाना चिखली जिला राजनांदगांव।
यह हुई है जब्ती
आरोपियो के कब्जे से चोरी के सोने, चांदी के जेवरात बरामद कीमती लगभग 31 लाख, घटना में प्रयुक्त 02 मोटरसायकल कीमती लगभग 80,000/-रूपये 01 कार कीमती लगभग 04 लाख रूपये, नगदी रकम लगभग 90,000/-रूपये जब्त हुए।इसके अलावा लोहे का बनाया हुआ राड, पेनचिस, पेचकस भी मिले हैं।
आरोपियो गणो द्वारा चोरी से कमाकर बनाए संपत्ति का चिन्हाकन कर कुर्की की कार्यवाही कराई जा रही।
टीम में इनकी रही विशेष भूमिका
आरोपियों की गिरफ्तारी में एसडीओपी बालोद देवांश सिंह राठौर, थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक रविशंकर पाण्डेय, उपनिरीक्षक कमला यादव, सहायक उपनिरीक्षक धरम भूआर्य, सउनि रामप्रसाद गजभिये, प्रधान आरक्षक दूर्योधन यादव, आकाश दुबे, संजय सोनी, मोहन कोकिला, बनवाली साहू, सुमित पटेल, सायबर सेल से टीम प्रभारी उपनिरीक्षक जोगेन्द्र साहू, प्रधान आरक्षक भुनेश्वर मरकाम, रूमलाल चुरेन्द्र, विवेक शाही, आरक्षक विपिन गुप्ता, संदीप यादव, राहुल मनहरे, पूरन प्रसाद, योगेश पटेल, मिथलेश यादव, गुलझारी साहू, योगेश गेडाम का विशेष योगदान रहा।
