बालोद। पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश कुमार पटेल (भा०पु० से० )के निर्देशन में बालोद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सायबर फ्राड का आरोपी कानपुर (उ0प्र0) से गिरफ्तार किया गया। आरोपी पंकज कुमार सिंह (उ0प्र0) के द्वारा छत्तीसगढ के कमलेश रावटे से संपर्क कर उसे कमीशन देकर गांव के भोले भाले लोगो से बैंक खाता उपलब्ध कराता था।बालोद पुलिस द्वारा साइबर सेल एवं थाना देवरी से टीम बनाकर आरोपी की पता तलाश में कानपुर (उप्र.) गई थी। प्रकरण में पूर्व में कमलेश रावटे की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि एक प्रार्थी खिलेश देवांगन पिता शेखर देंवागन निवासी पिनकापार ने थाना देवरी के साइबर पोर्टल से प्राप्त शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कराया था कि संदेही कमलेश रावटे ने अवैध रूप से किसी अन्य व्यक्ति के रकम को ट्रांजेक्शन कराकर किसन यादव के खाता में कुल 174900/- रूपये अवैध रूप से ट्रांसफर कराया गया है। उक्त रकम में से आवेदक खिलेश देवांगन का खाता का उपयोग कर घटना दिनांक 02.04.2025 से 05.04.2025 तक अपने गांव के ग्राहक सेवा केन्द्र में कुल 77200/- रूपये संदेही द्वारा नगद निकालकर प्राप्त किया गया। संदेही कमलेश रावटे के द्वारा किशन के बैंक खाते से छत्रपाल के खाता में फाने पे, क्यूआर कोड से 42000/- रूपये ट्रांजेक्शन कराकर नगदी रकम प्राप्त किया है। संदेही कमलेश रावटे के बैंक खाता का उपयोग म्यूल एकाउन्ट के रूप में अवैध राशि ट्रांजेक्शन होने से उसका बैंक खाता होल्ड होने से संदेही ने गांव के किशन, छत्रपाल व खिलेश देवांगन के खाता से नगदी रकम प्राप्त किया गया है। यह जानते हुए कि वह रकम उसका नही है। सायबर फ्राड से अवैध धन राशि धोखाधडी से बेईमानी पूर्वक लाभ अर्जित करने के लिए किया जाना पाया गया। जिस पर थाना देवरी में धारा 317(2),317(4),318(4) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग राम गोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश कुमार पटेल के निर्देशन , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार जोशी व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के पर्यवेक्षण में एसडीओपी बालोद देवांश सिंह राठौर के नेतृत्व में थाना देवरी के उक्त प्रकरण में आरोपियों के संबंध में तकनीकी साक्ष्य, बैंक डिटेल , केवायसी डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन हिस्ट्री की जानकारी एकत्र कर प्रकरण के आरोपी कमलेश रावटे पिता रामचरण रावटे पता ग्राम परना डोंगरगांव को गिरफ्तार किया गया। आरोपी कमलेश रावटे से पूछताछ करने पर बताया कि वह उत्तर प्रदेश निवासी पंकज सिंह के कहने पर उसे सायबर फ्राड मे उपयोग करने हेतु कुछ बैंक खाता कमीशन पर उपलब्ध कराता था। फ्राड रकम को चॉइस सेन्टर के माध्यम से और गांव के कुछ लोगों के बैंक खाता का उपयोग कर नगदी रकम प्राप्त कर कमीशन की रकम अपने पास रख बाकी राशि पंकज सिंह के बताये बैंक खाता डाल देता था।थाना देवरी व सायबर सेल बालोद से संयुक्त टीम रवाना होकर कानपुर उत्तर प्रदेश गए। टीम द्वारा लोकल स्तर पर ग्रामीण वेशभूषा में कैम्प कर आरोपी के संबंध में जानकारी प्राप्त कर तकनीकी साक्ष्य के आधार पर आरोपी पंकज सिंह को चिंन्हाकित कर लोकल पुलिस की मदद से रेड कार्यवाही किया गया। आरोपी पंकज कुमार सिंह पिता रविंद्र सिंह उम्र 27 साल निवासी एलआईजी 97 प्लाट जरौली फेस2 बर्रा 8 कानपुर नगर थाना गुजैनी पुलिस चौकी जरौली कानपुर उत्तरप्रदेश को विधिवत गिरफ्तार कर बालोद लाया गया। जिनसे 01 नग आईफोन मोबाईल हैण्डसेट ,आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट आदि जब्त किए गए।उक्त प्रकरण में आरोपियों के पतासाजी व गिरफ्तारी में थाना प्रभारी देवरी निरीक्षक दिनेश कुर्रे, सहायक उप निरीक्षक भरत कुमार यादव, आरक्षक पवन आनंदधीर, नितिन देवांगन,सायबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक जोगेन्द्र साहू, प्रधान आरक्षक रूमलाल चुरेन्द्र, आरक्षक गुलझारी साहू, मिथलेश यादव की सराहनीय भूमिका रही।
म्युल अकाउंट में बालोद पुलिस की एक और कार्रवाई, कानपुर से ठग हुआ गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ में चॉइस सेंटर चलाने वाले व्यक्ति से मिलकर करता था साइबर फ्रॉड
