बालोद। बालोद जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूरी पर स्थित ग्राम जगन्नाथपुर अक्सर अवैध शराब बिक्री को लेकर चर्चा में रहता है। यहां आगामी 3 और 4 मई को दिल्लीवार कुर्मी क्षत्रिय समाज का 55 वा प्रांतीय महाधिवेशन होना है। जिसमें 4 मई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आगमन होना भी प्रस्तावित है। जिसकी तैयारी के लिए समाज सहित शासन प्रशासन भी जुटा हुआ है तो वही गांव में अवैध शराब बिक्री का मुद्दा भी गरमाया हुआ है। पंचायत प्रशासन पर भी दबाव है कि कैसे वे अवैध शराब बिक्री को बंद करवाए तो इसी तरह सीएम के आगमन के दौरान किसी तरह से अवैध शराब बिक्री को लेकर सीएम से शिकायत ना हो जाए और पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग की खामियां उजागर ना हो जाए, इसे देखते हुए नए एसपी योगेश कुमार पटेल ने पदभार ग्रहण करने के साथ ही बालोद पुलिस को निर्देशित कर जगन्नाथपुर के शराब कोचियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू करवा दी है। लगातार पूर्व में शराब बेच रहे कोचियों सहित नए कोचियों की धर पकड़ जारी है। कई घरों में लगातार बालोद पुलिस और आबकारी विभाग के टीम छापे मार रही है। इस क्रम में किराना व्यवसायी फागूराम साहू उम्र 70 वर्ष को भी गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेजा गया। उन पर आरोप है कि किराना दुकान के आड़ में शराब बेचा करते थे। हालांकि आरोपित फागू राम साहू का कहना था कि वे अपने काम करने वाले मजदूरों के लिए शराब रखे थे। अलग से अवैध बिक्री नहीं करते हैं। इधर पुलिस प्रशासन का कहना है कि उनके द्वारा शराब बेचे जाने की शिकायत लंबे समय से आ रही थी। नए पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर और आबकारी विभाग को भी कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा शराब बिक्री में संलिप्त लोगों की नामजद शिकायत की गई थी। जिसमें फागू साहू भी शराब बेचने वालों की लिस्ट में शामिल थे। इसके बाद पुलिस एक-एक कर सभी की धर पकड़ कर रही है। पुलिस का कहना है कि सीएम के आगमन से पूर्व 4 मई तक सब पर कार्यवाही करना ही है। जो कोचिए भूमिगत या फरार हैं। उन्हें 4 मई के बाद भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। अगर किसी के पास शराब नहीं मिलता है तो उन पर प्रतिबंधात्मक धारा 151 के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। बालोद पुलिस की जारी इस लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई से कोचिए और उनके समर्थक दहशत में है। कुछ तो भूमिगत हो गए हैं तो कुछ लोग कुछ हफ्तों के लिए अपना अवैध कारोबार समेट दिए हैं। बालोद पुलिस लगातार गांव को सुधारने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। लगातार इस गांव में 40 से ज्यादा लोगों द्वारा शराब बेचे जाने की शिकायत प्राप्त हो रही थी। तो वही बड़े कोचियों की देखा सीखी कई नए नवेले कोचिए भी शराब बिक्री में संलिप्त होने की बात सामने आई है। जिसके चलते विगत दोनों ग्राम सभा में भी मामला गरमाया हुआ था। तो वही गांव में शराब दुकान खोले जाने को लेकर भी तैयारी के चलते लोगों में नाराजगी है।
अक्ती पर लिया गया कोचियों पर सख्ती के लिए अर्थदंड का निर्णय
इधर गांव स्तर पर अब शराब बिक्री पूर्ण रूप से रोकी जा सके इसके लिए ग्राम समाज द्वारा अक्षय तृतीया के मौके पर शराब कोचियों के खिलाफ सख्ती भरा कदम उठाने का निर्णय लिया गया जिसके तहत ₹10000 अर्थदंड देने का नियम बनाया गया है। जिस पर अधिकतर ग्रामीण सहमति दिए। इसे कैसे और किस तरह से वसूला जाना है इसको लेकर विस्तृत योजना बनाई जाएगी इसके लिए जल्द ही एक और बैठक गांव में रखी जाएगी। फिलहाल ग्रामीणों द्वारा यह तय किया गया है कि जो व्यक्ति शराब बेचते हुए पाया जाता है तो उससे ₹10000 अर्थदंड लिया जाएगा। कोचियों से शराब लेने वाले व्यक्ति को भी ₹10000 दंड देना होगा। शराब बेचने वाले को बतलाने वालों को 5000 रुपए इनाम दिया जाएगा। अगर शराब बेचने वाले व्यक्ति का कोई जमानत लेते हैं तो उसे ग्राम समाज 20 हजार रुपए दंडित करेगा ।चौक चौराहा में शराब पीते हैं और अगर उसे कोई बताता है और पकड़ते हैं तो पीने वाले को ₹2000 से दंडित किया जाएगा और बताने वाले को ₹500 में इनाम दिया जाएगा।
क्या कड़ाई से हो पाएगा पालन, बना है सवाल?
ग्राम समाज/ समिति द्वारा भले ही यह अर्थदंड लागू करने का निर्णय लिया गया है। लेकिन इसका कड़ाई से क्या पालन हो पाएगा? यह सवाल अभी भी बना हुआ है। क्योंकि पहले भी इस तरह की पाबंदी लगाने का प्रयास किया गया था। मुनादी तक हुई थी लेकिन किसी से आज तक अर्थदंड या जुर्माना वसूल नहीं किया जा सका। ना कोई खुलकर शिकायत करने के लिए सामने आते हैं सब पीछे हट जाते हैं। अब इस निर्णय को पालन करवाने की जिम्मेदारी भी ग्राम समाज के प्रमुख लोगों पर है। देखने वाली बात होगी कि पुलिस प्रशासन, आबकारी और ग्राम समिति द्वारा जारी अवैध शराब बिक्री के रोकने के सख्त प्रयास आगे चलकर कितना सफल होता है। इस पूरे मामले पर गांव की महिला सरपंच देव कुंवर कोसीमा का कहना है कि हम गांव में शराब भट्टी खुलवाने के पक्ष में बिल्कुल नहीं है । अवैध शराब की बिक्री बंद करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसमें सभी ग्राम प्रमुखों और समाज प्रमुखों का सहयोग भी जरूरी है। सब मिलकर कदम उठाएंगे तो यह संभव है।
