घने जंगल के बीच अंतिम छोर पर बसे गांव भूताटोला की छात्रा योग्या यादव नवोदय विद्यालय के लिए हुई चयनित



अभाव के बावजूद हासिल की सफलता

बालोद/ डौंडीलोहारा । डौंडीलोहारा ब्लॉक के सबसे अंतिम छोर पर मोहला मानपुर सीमा से लगे बालोद जिले के अंतिम गांव कर्रेगांव पंचायत के आश्रित गांव भूताटोला की छात्रा योग्या यादव ने अपनी योग्यता साबित कर दी है। पांचवी की उक्त छात्रा नवोदय विद्यालय के लिए चयनित हुई है। उनके पिता रोशन लाल यादव भी एक सरकारी शिक्षक है। उन्होंने अपनी बच्ची को भी सरकारी स्कूल में पढ़ाया। भूताटोला एक छोटा सा गांव है। जो की मंगचुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत लोहारा से लगभग 40 किलोमीटर दूर कर्रेगांव पंचायत के आश्रित ग्राम में आता है। यह गांव पहाड़ी और जंगलों से घिरा हुआ है। इसके बाद मोहला मानपुर जिला की सीमा शुरू हो जाती है। घने जंगल में सुविधा के अभाव के बीच उक्त छात्रा ने अपनी मेहनत और जिम्मेदारी से नवोदय विद्यालय में चयनित हुई है। जिससे वह अन्य छात्राओं और बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हुई है। कर्रेगांव संकुल केंद्र के सीएससी ओंकार प्रसाद सोनसारवा ने बताया कि उक्त छात्रा के चयन पर उनके पिता शिक्षक रोशन लाल यादव द्वारा भूताटोला प्राथमिक शाला में विगत दिनों न्यौता भोज का भी आयोजन किया गया था। इस अवसर पर उन्होंने सभी शाला परिवार को खीर पूरी मिठाई और चॉकलेट बंटवाई। इस दौरान प्रधान पाठक महेंद्र कुमार कोरेटी, शिक्षिका शमा अहमद खान, पूर्व संकुल प्राचार्य सुखराम ठाकुर, संकुल समन्वयक ओंकार प्रसाद सोनसारवा आदि मौजूद रहे। सभी ने छात्रा के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं की।

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