बालोद/ दल्ली राजहरा। दल्ली राजहरा के वरिष्ठ भाजपा नेता बॉबी छतवाल द्वारा भाजपा से इस्तीफा दिए जाने की पेशकश की गई है। उन्होंने जिला अध्यक्ष को व्हाट्सएप पर अपना इस्तीफा भी पोस्ट किया है। लेकिन पार्टी ने उसे अभी स्वीकार नहीं किया है। वही इस इस्तीफे की पेशकश के बाद भाजपा में राजनीति गरमा गई है।

तो भाजपा में से पहले से इस्तीफा दे चुके वर्तमान नगर पालिका उपाध्यक्ष व आप के जिला उपाध्यक्ष संतोष देवांगन ने फेसबुक पर एक अखबार की कटिंग के साथ सार्वजनिक रूप से लिखा है कि भाजपा जिलाध्यक्ष भस्मासुर की भूमिका निभा रहे हैं, मुझे भी पार्षद चुनाव जीता तो अध्यक्ष के लिए टिकट मांगने गया तो ₹46 लाख रुपये की मांग की गई। उनकी पोस्ट के बाद भाजपा में फिर से बवाल शुरू हो गया है। तो वही संतोष देवांगन का कहना है कि मैंने जो लिखा है वह सब सच है। सच्चाई ही मैंने लिखकर पोस्ट की है। तो इधर दूसरी ओर भाजपा के जिला अध्यक्ष कृष्णकांत पवार का कहना है कि संतोष देवांगन का इस तरह फेसबुक के सार्वजनिक पोस्ट करना गलत है। अगर वह पैसे के लेन-देन का आरोप लगा रहा है तो साबित करें।

जबकि मैं साबित कर सकता हूं कि उसे उस समय अध्यक्ष के लिए टिकट क्यों नहीं दिया गया। उसके खिलाफ दल्ली राजहरा के मंडल अध्यक्ष के द्वारा ही शिकायत आई थी। उसे निष्कासित करने की अनुशंसा की गई थी। निष्कासन के लिए पत्र संगठन को भेजा भी गया है। अब तक पार्टी से निष्कासित नहीं हुआ है लेकिन उसके पहले ही उसने पार्टी से इस्तीफा दिया है और आप में शामिल हो गए हैं। पार्टी विरोधी कार्य करने के कारण ही मंडल अध्यक्ष द्वारा उसे निष्कासन के लिए लिखा गया था। मैंने कोई पैसे की मांग नहीं की, आरोप बेबुनियाद है। भाजपा से 13 पार्षद जीत कर आए थे। मंडल अध्यक्ष के जरिए अध्यक्ष की दावेदारी के लिए दो लोगों का नाम आया था। जिसमें 10 लोग बॉबी छतवाल के पक्ष में थे तो तीन लोग संतोष देवांगन के। तो मैं संतोष को कैसे टिकट देता।
जिनका भाजयुमो जिलाध्यक्ष बनने का सपना नहीं हुआ पूरा वह कर रहे अब गलत प्रचार

तो वही इस तरह आरोपों से घिरे भाजपा के जिलाध्यक्ष कृष्णकांत पवार का कहना है कि अभी भाजयुमो जिला अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हुई है। जिसको लेकर दल्ली राजहरा से ही कई नेता जोर लगा रहे थे। जिनका सपना पूरा नहीं हुआ तो वह अब अनर्गल और गलत बातों के साथ मेरा दुष्प्रचार कर रहे हैं। मीडिया में गलत संदेश प्रचारित किया जा रहा है। जो बता रही है कि उन्हें भाजयुमो अध्यक्ष नहीं बनाया गया तो वे अपनी इस तरह से खुन्नस निकाल रहे हैं। काफी सोच-विचार के बाद ही किसी को अध्यक्ष बनाया जाना है पिछले बार जो धोखा खाए थे इस बार नहीं खाना है। पार्टी सोच समझ कर फैसला लेगी।
इधर संतोष देवांगन का यह कहना

अपनी फेसबुक में सार्वजनिक रूप से किए गए पोस्ट पर नगर पालिका दल्ली के उपाध्यक्ष व आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष संतोष देवांगन का कहना है कि वर्ष 2014 में नगर पालिका चुनाव में मै भाजपा से अधीकृत प्रत्याशी रहा ।नगर पालिका अध्यक्ष पद हेतु मुझे टिकट दिया गया था।उस समय बालोद जिला भाजपा अध्यक्ष प्रीतम साहू थे। उस समय अध्यक्ष पद के टिकट के लिए भाजपा संगठन के द्वारा एक रुपये भी नही लिया गया तो आज आपके कार्यकाल में पैसे की मांग क्यो? जबकि मैं उस समय मात्र 40 वोट से पीछे रह गया था लेकिन पूरे 5 सालो तक नगर पालिका दल्ली राजहरा में बैठे कांग्रेस के अध्यक्ष के खिलाफ मजबूती से विपक्ष का भूमिका निभाया ।अनेको बार घेराव व धरना दिया। जिसका नतीजा रहा कि वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा के 13 पार्षद जीत के आये। लेकिन अध्यक्ष पद का टिकट बॉबी छटवाल को दिया गया। जो कभी भी नगर पालिका में बैठे कांग्रेस के अध्यक्ष के खिलाफ किसी भी प्रकार का विरोध व धरना नही दिए। बस मौका का इंतजार करते रहे। जैसे मिला मौका जिला अध्यक्ष ने लाखों रुपये ले कर नगर पालिका अध्यक्ष पद का टिकट बॉबी छतवाल को दे दिया गया। पर इस बार जब मैं वर्तमान जिलाध्यक्ष के पास अध्यक्ष के लिए टिकट मांगने गया तो उनके द्वारा इस तरह पैसे की डिमांड की गई। मैंने मना कर दिया। जो भी बातें मैंने फेसबुक पर पोस्ट की है, वह सही है। मेरे साथ जो हुआ है मैंने उसी को लिखा है।
इधर बॉबी छतवाल के इस्तीफे की पेशकश पर जिलाध्यक्ष पवार का कहना है कि उन्होंने पारिवारिक कारणों से इस्तीफा लिखा है। जिसमें वह अपनी मां को कैंसर होने पर इलाज करवाने में व्यस्तता का हवाला दिया है। पार्टी से असंतोष वाली कोई बात ही नहीं लिखी है। बेवजह इसे कुछ लोग गलत प्रचार कर रहे हैं जिसमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जो भाजयुमो जिलाध्यक्ष का सपना संजोए थे। उनका सपना पूरा नहीं हुआ तो इस तरह गन्दी राजनीति पर उतर आए हैं।
