बालोद। बालोद ब्लाक के ग्राम खपरी (लाटाबोड़) के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा लिखित शिकायत करते हुए अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर जनदर्शन में भी आवेदन दिया है। ग्रामीणों में नाराजगी है कि इसके पहले भी अपनी समस्या को लेकर उन्होंने आवेदन दिया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिसके कारण वे अब पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिए हैं।

दरअसल में पूरा मामला गांव की एक गली का है। जहां पर तामेश्वर साहू और उनके परिवार द्वारा कब्जा करके मवेशियों को रखकर गंदगी फैलाई जा रही है। वर्षों से यह कार्य उक्त परिवार द्वारा किया जा रहा है। जिससे वार्ड में पूरा गली गंदगी से भरा रहता है। गोबर और अन्य मल मूत्र से गंदगी का अंबार छाया रहता है। जिससे आसपास के रहवासियों को भी दिक्कत होती है। इस बारे में कई बार ग्रामीणों द्वारा उक्त परिवार को समझाइश और चेतावनी भी दी गई थी। बावजूद उनके द्वारा किसी तरह से व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा रहा। जिसके चलते ग्रामीण काफी आक्रोशित हो गए हैं और खपरी में मंगलवार को बैठक में फैसला लेते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीण जनदर्शन में मामले की दोबारा शिकायत करने के लिए पहुंचे थे और जल्द से जल्द कार्रवाई न होने की स्थिति में ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन में सरपंच कुलेश्वर सार्वा , पटेल राधे सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया है कि उक्त ग्रामीण को जब हम सफाई के लिए कहते हैं तो उल्टा ग्रामीणों के साथ ही बहसबाजी किया जाता है। आरोपित ग्रामीण तामेश्वर साहू और उनके परिवार के लोगों द्वारा सार्वजनिक गली में अपने मवेशियों को बांधकर रखा जाता है। जिससे पूरा रास्ता जाम हो जाता है।
मीडिया कर्मी से भी विवादित महिला करने लगी बदसलूकी
जब गांव में बैठक का आयोजन किया जा रहा था तो इस दौरान मीडिया कर्मी भी पहुंचे हुए थे। जब ग्रामीणों के शिकायत की सच्चाई जानने के लिए मीडिया कर्मी उक्त गली में जाकर स्थिति देखें तो वहां कई मवेशी गली में बंधे हुए थे। सड़क/ सीसी रोड पूरी तरह से गंदगी से सराबोर था। गंदा पानी का जमाव था। इस दौरान जब मीडिया कर्मी के द्वारा फोटोग्राफी की जा रही थी तो विवादित परिवार की महिला कुलेश्वरी साहू सामने आकर बहस करने लगी और कहने लगी की फोटो खींचने की हिम्मत कैसे हुई? इसके अलावा अन्य बातें बोलकर बात का बतंगड़ बनाने रही। जानकारी मिली कि अन्य ग्रामीणों के साथ भी उक्त महिला और उनके परिवार के लोगों द्वारा आए दिन बहसबाजी किए जाने की शिकायत भी है। इसके चलते ग्रामीण भी उसे समझा कर थक चुके हैं और मामला गांव से उठकर कलेक्टर कार्यालय तक पहुंच गया है। अब मामला नहीं सुलझा तो ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव बहिष्कार की चेतावनी तक दे दिए हैं।
