गरियाबंद। अखिल भारतीय आदिवासी हल्बा – हल्बी समाज ग्राम – पोंड़ जिला – गरियाबंद (छ.ग.) में शक्ति दिवस कार्यक्रम बड़े ही धूमधाम से मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत अमर बलिदानी शहीद गैंद सिंह नायक और मां दंतेश्वरी की पूजा से की गई। तत्पश्चात आदिवासी रीति रिवाज से जयकारा के साथ ग्राम का भ्रमण करते हुए शीतला माता (जिमीदारिन याया) के पेन ठाना में सामूहिक रेला गायन एवं नृत्य की प्रस्तुति किया गया।

इस कार्यक्रम में खोवा लाल बिसेन और रमेश सोम ने रेला गायन किया। जिसने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा लया लयोर ने रेला नृत्य किया। जिसने दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया। यह कार्यक्रम हमारी सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का एक अच्छा अवसर था। रेला गायन और नृत्य छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कला रूप हैं जो समुदाय के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देते हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन हमारे समुदाय के लोगों के बीच एकता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए किया गया था। हमें उम्मीद है कि ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे और हमारी सांस्कृतिक विरासत को और भी मजबूत बनाएंगे।
