अनुसूचित क्षेत्र में निवासरत ओबीसी समुदाय को पर्याप्त आरक्षण दिए जाने हेतु ओबीसी महासभा ने धरना प्रदर्शन कर दिया ज्ञापन
बालोद। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन धरना प्रदर्शन उपरांत बालोद अनुविभागीय अधिकारी एसडीएम सुरेश कुमार साहू के हाथ छत्तीसगढ़ पंचायत राज एवं नगर पालिका निगम संशोधन अध्यादेश 2024 में संशोधन कर ओबीसी को संख्या के बराबर आरक्षण प्रदान करने बाबत सौंपा गया। प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी राधेश्याम ने बताया कि छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण )क्रमांक 763 विधि और विधायी कार्य विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर अटलनगर दिनांक 3 दिसंबर 2024 एवं छत्तीसगढ़ शासन राजपत्र असाधारण क्रमांक 765 विधि और विधायी कार्य विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर अटल नगर दिनांक 3 दिसंबर 2024 के राजपत्र में छत्तीसगढ़ नगर पालिका निगम संशोधन अध्यादेश 2024 (क्रमांक 5 सन 2024) द्वारा प्रकाशित राजपत्र में मूल अधिनियम की धारा 11 की उप-धारा (दो),धारा 11 क का उप-धारा(1) के अधीन अनुसूचित जातियों तथा /अथवा अनुसूचित जनजातियों का कुल आरक्षण 50% या 50% से अधिक होने की स्थिति में अन्य पिछड़े वर्ग के लिए स्थान आरक्षित नहीं किए जाने का उल्लेख है ।

इसी प्रकार छत्तीसगढ़ पंचायत राज संशोधन अध्यादेश 2024 (क्रमांक 3 सन 2024) छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 765 में मूल अधिनियम की धारा 13 की उप-धारा (4) के खंड (दो) ,मूल अधिनियम की धारा 23 की उप-धारा (3) के खंड (दो),धारा 25 की उप-धारा (2) के खंड (दो) ,धारा 30 की उप-धारा 3 के खंड (दो) एवं मूल अधिनियम की धारा 32 की उप-धारा (2) के खंड 2 के स्थान पर प्रतिस्थापित क्रमशः ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, जिला पंचायत एवं राज्य में यदि अनुसूचित जातियों और /अथवा अनुसूचित जनजातियों के लिए 50% या 50% से अधिक स्थान आरक्षित हो, वहां अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कोई स्थान आरक्षित नहीं किए जाने का उल्लेख है जो कि अन्य पिछड़ा वर्ग के नागरिकों के साथ अन्याय है ।चूंकि अनुसूचित क्षेत्र में निवासरत ओबीसी समुदाय भी सामाजिक एवं शैक्षिक दृष्टि से पिछड़ा है ।उन्होंने आगे कहा कि संविधान के अनुच्छेद 16 (4) में उचित आरक्षण का प्रावधान है एवं 50% की सीमा निर्धारित नहीं है । 50 प्रतिशत सीमा निर्धारण संबंधी उच्चतम न्यायालय के निर्णय में यह सिद्धांत भी प्रतिपादित किया गया है कि किसी क्षेत्र में निवासरत दूरस्थ क्षेत्र के व्यक्तियों की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए 50% की अधिकतम सीमा को शिथिल कर सीमा बढ़ाई जा सकती है। 3 दिसंबर 2024 को पारित अध्यादेश को संविधान के अनुच्छेद 16 (4) के अनुरूप अन्य पिछड़ा वर्ग को पर्याप्त आरक्षण दिया जावे,अन्यथा ओबीसी महासभा उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। बालोद जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन में प्रमुख रूप से प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी राधेश्याम ,प्रदेश महासचिव यज्ञदेव पटेल, प्रदेश सह सचिव पुनेश्वर देवांगन, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा ओबीसी खिलेश्वरी, चंद्रेश हिरवानी अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बालोद, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा भगवती सोनकर, बालोद ब्लाक अध्यक्ष पवन साहू, बालोद नगर अध्यक्ष चमेली साहू, जिला संरक्षक काशीराम निषाद, जिला सचिव लेखराज शाहिरो, जिला महासचिव महिला मोर्चा प्रतिमा यादव,तोरण साहू जिला उपाध्यक्ष साहू संघ बालोद, लैलन कुमार साहू पूर्व तहसील अध्यक्ष दल्ली राजहरा, संगीता देवांगन प्रदेश महासचिव देवानंद समाज जिला सचिव प्रेमचंद क्षीरसागर ,संपत कलिहारी संरक्षक विकासखंड गुरुर, ब्लॉक अध्यक्ष गुरुर ओम प्रकाश साहू, घनश्याम पारकर अध्यक्ष निषाद समाज दल्लीराजहरा,तामसिंह निषाद सचिव निषाद समाज दल्ली राजहरा, गोपी हिरवानी ,देवेंद्र साहू ,सियाराम पटेल अध्यक्ष मरार समाज डौंडी लोहारा राज, मेघनाथ साहू अध्यक्ष युवा मोर्चा तहसील साहू संघ डौंडी लोहारा एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी महामंत्री डौंडी लोहारा, पूरन लाल साहू ,बालोद पार्षद निर्देश पटेल, रोहित कुमार साहू, महेश योगी ,ब्लॉक संरक्षक दिनेश कुमार साहू, सक्रिय पदाधिकारी नारायण साहू, श्यामबत्ती, विशाखा साहू, देवारीन बाई ,ललिता निषाद, प्रदीप हिरवानी ,भुवन निषाद, कृष्णा यादव अध्यक्ष कोसरिया यादव समाज दल्ली राजहरा , नरेंद्र पाटिल, राममूरत भारद्वाज सहित ओबीसी जातिसमाज के प्रमुख के सक्रिय पदाधिकारी शामिल हुए। धरना कार्यक्रम को उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा बारी-बारी से संबोधित किया गया अंत में जिला संरक्षक कांशीराम निषाद के द्वारा अपना वक्तव्य देते हुए आभार प्रदर्शन कर सभा समाप्ति की घोषणा की। धरना कार्यक्रम का सफल संचालन ओबीसी खिलेश्वरी के द्वारा किया गया l
