DAILY BALOD NEWS

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अरिहंत एकेडमी का हुआ वार्षिक उत्सव: नए भवन का अतिथियों ने किया लोकार्पण

बालोद। “पालक बच्चों की संभावनाओं को पहचानें, तलाशें और तराशें। बच्चे यह जान लें कि प्रतियोगिता किससे है, स्पर्धा पीबी यानि पर्सनल बेस्ट से है, अर्थात हम यह देखें कि पिछली बार मुझमें क्या कमी रह गई थी, हम दूसरों पर बिल्कुल भी ध्यान न दें बल्कि अपना अधिक से अधिक प्रतिशत देने की कोशिश करें।”

यह बातें हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट राजीव श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने अरिहंत एकेडमी के चेयरमैन डॉ प्रदीप जैन की तारीफ करते हुए कहा कि डॉ जैन सहित एकेडमी के सभी सदस्य इस सिद्धांत पर चल रहे हैं कि जीवन सफल हो न हो, सार्थक जरूर होना चाहिए। आगे कहा कि बालोद के लिए यह बहुत ही गौरव की बात है कि सीबीएसई कोर्स संचालित यह एकैडमी बेहतर शिक्षा प्रदान कर रहा है। यहां के लोग शिक्षा के प्रति जागरूक हैं।

कार्यक्रम में अतिथि के रूप में आमंत्रित रिटायर्ड डीजे राजीव श्रीवास्तव ने बच्चों को सफलता के सूत्र बताए। उन्होंने कहा कि संघर्ष व कठिन परिश्रम को अपना हथियार बनाएं। बच्चे आज बहुत से लोगों का सपना लिए चल रहे हैं। बच्चों के लिए पालक कुछ और सपना देखते हैं, घर के अन्य सदस्य कुछ और सपना देखते हैं। इन सबकी अपेक्षाओं को पूरा करने के अलावा खुद के सपने को भी पूरा करने की जद्दोजहद में आज बच्चा आगे बढ़ रहा है। विद्यार्थी अपनी क्षमता पहचानें और उसी दिशा में आगे बढ़े जहां जाने का सपना उन्होंने देखा है।


अरिहंत एकेडमी बालोद का वार्षिक उत्सव शनिवार को मनाया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने नई बिल्डिंग व दो नई बसों स्कूल को समर्पित किया। स्वागत भाषण में अरिहंत अकादमी के चेयरमैन डॉ प्रदीप जैन ने सभी लोगों को स्वागत करते हुए स्कूल की उपलब्धि बताई। उन्होंने बताया कि यह स्कूल सीबीएसई के सभी मापदंडों को पूरा करते हुए बच्चों को शिक्षा दे रहा है। यहां के शिक्षक बच्चों की योग्यता, रुचि को पहचानते हुए बेहतर विद्यार्थी बनाने की कोशिश करते हैं।

पलकों से सतत संपर्क करते हुए हर गतिविधियों की जानकारी देते हैं। निश्चित रूप से इस स्कूल को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने में स्कूल के संचालकों के अलावा पालकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आयोजन में मनोहर नाहटा, भीषम चंद, दानमल जैन, प्रभाकर जैन, राजेश, त्रिशला जैन बरखा, प्राचार्य आलोक श्रीवास्तव सहित अनेक लोग मौजूद रहे

बच्चों की इंद्रधनुषी रंगारंग प्रस्तुति ने मन मोहा

कार्यक्रम में बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। खास तौर पर छोटे छोटे बच्चों की प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया। छोटे छोटे बच्चे ऐसे कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे थे जैसे मंच पर सचमुच इंद्रधनुष के सात रंग प्रकट हो गया हो। बच्चों ने वेलकम डांस, डिस्को थीम, ग्रैंड पेरेंट लव, कश्मीरी डांस, रेनबो थीम, संबलपुरी डांस, ड्रीम ऑफ लाइफ, गुरु शिक्षा, वन महोत्सव, ओल्ड मैंसूप सांग, स्कूल लाइफ, चाइल्ड लेबर, भांगड़ा, छत्तीसगढ़ी डांस, प्रैक्टिस मैक्स मैन परफेक्ट, हनुमान चालीसा, इंग्लिश डांस आदि रहे। इसमें अधिकतर डांस छोटे-छोटे बच्चों के थे।

प्रतिभाओं का सम्मान

कार्यक्रम में स्कूल की प्रतिभाओं का भी सम्मान किया गया। इसमें छात्र चिराग चांडक पिता महेश चांडक का सम्मान किया गया। जिन्होंने कक्षा दसवीं में 97 प्रतिशत अंक लेकर स्कूल को गौरवान्वित किया है। इसके अलावा इंजीनियर प्रतीक जैन का भी सम्मान किया गया जिन्होंने स्कूल के लेबोरेट्री बिल्डिंग का डिजाइन कर कम समय में बनाया।

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