चुरगियां मांगलिक प्रांगण देवारभाट में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय का एकदिवसीय योग भट्टी का आयोजन, माउंट आबू से पहुंचे ब्रम्हा कुमार आत्म प्रकाश भाई ने दिया व्याख्यान
बालोद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय आत्मज्ञान भवन आमापारा बालोद के तत्वावधान में संस्कार परिवर्तन से संसार परिवर्तन (योग भट्टी) का आयोजन चुरगिया मांगलिक प्रांगण देवारभाट में किया गया। इसमें विश्व के पाचों महाद्वीप अर्थात् अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया एवं एशिया के 95 देशों का भ्रमण करके ईश्वरीय संदेश तथा राजयोग की शिक्षाएं देकर आध्यात्मिक ज्योत जगाने वाले राजयोगी ब्रम्हा कुमार आत्म प्रकाश भाई माउंट आबू ने व्याख्यान दिया। उन्होंने संसार परिवर्तन के लिए राजयोग मेडिटेशन को आवश्यक बताया। आयोजन को अनेक वक्ताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में पूरे जिले भर के अनेक लोग मौजूद रहे। आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में ईश्वरीय विश्वविद्यालय बालोद की मुख्य संचालिका बी के विजयलक्ष्मी दीदी, दुर्ग संस्था की बी के रुपाली दीदी, पुलिस अधीक्षक एस आर भगत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक जोशी, जिला पंचायत सीईओ डॉ संजय कन्नौजे उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। बी के सरिता दीदी ने सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया। स्वागत उद्बोधन देते हैं मुख्य संचालिका बी के विजयलक्ष्मी दीदी ने सभी अतिथियों सहित उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए कहा ज्ञान और योग हमें श्रेष्ठ बनाता है। ज्ञान जीवन भर प्राप्त किया जाता है। ज्ञान को अपना कर अपना जीवन को धन्य बनाएं। उन्होंने कहा योग भटठी आत्मा को कुंदन करता है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री भगत ने कहा आज हम कलयुग में जीवन जी रहे हैं और हमें मानव बनने के लिए अंधकार से प्रकाश की ओर जाना है उन्होंने कहा ब्रम्हा कुमारिज संस्था अध्यात्म का अलख जगाने का काम कर रही है। उप पुलिस अधीक्षक अशोक जोशी ने कहा हमें सृष्टि परिवर्तन करना चाहिए। वरना कलयुग बढ़ता जाएगा। संस्कार से संसार बनता है। इसलिए पहले संस्कारों से सतयुग बनाना है। सीईओ जिला पंचायत डॉ संजय कन्नौजे ने कहा आज हम भौतिक सुख सुविधाओं में लगे हुए हैं और तनाव में जीवन जी रहे हैं और आत्म शांति ब्रह्माकुमारी संस्था में मिलता हैं। बी के रुपाली दीदी ने कहा प्रतिदिन संकल्प करें कि मैं शक्तिशाली आत्मा हूं, कोई भी परिस्थिति या व्यक्ति का व्यवहार मुझे हिला नहीं सकता। दिनभर ये दोहराते रहे कि मैं हमेशा खुश हूं, मेरा रिमोट कंट्रोल मेरे हाथ में है।
राज योग मेडिटेशन करना जरूरी
मुख्य वक्ता राजयोगी आत्म प्रकाश भाई ने संस्कार परिवर्तन से संसार परिवर्तन के विषय पर कहा जिस प्रकार मोबाइल की बैटरी को चार्ज करना जरूरी होता है उसी प्रकार आत्मा की बैटरी को भी रिचार्ज करना जरूरी है और यह राजयोग मेडिटेशन से ही होगा। उन्होंने कहा आत्मा के लिए हर एक व्यक्ति को आधा घंटा राज योग अभ्यास जरूरी है इससे कार्य क्षमता कार्य दक्षता बढ़ता है।
परमात्मा प्यार का सागर
मुख्य वक्ता राजयोगी आत्म प्रकाश भाई ने कहा योग का तात्पर्य आत्मा रूपी बैटरी को चार्ज करना है। परमात्मा प्यार का सागर है उस प्यार के सागर में खो जाना है। उन्होंने कहा हमारे राजयोग से संस्कारों में परिवर्तन आता है। संस्कारों का परिवर्तन होता है योगाभ्यास बढ़ाना जरूरी होती है।
जितनी खुशी बांटोगे उतनी मिलेगी दुआएं
राजयोगी आत्म प्रकाश भाई ने कहा सतज्ञान के बिना सुख मिलता नहीं है आत्मा में सोई हुई शक्तियों को जगाना है।
इसलिए खुश रहना है खुशी बांटना है जितना बाटोगे उतनी दुआएं मिलेगी। उन्होंने कहा स्वमान हमारे शक्तियों को जगाने का काम करता है। स्वमान यानी सुशुप्त रहने वाली शक्तियों को जगाना। उन्होंने कहा माया दुश्मन से बचके रहना है। स्वमान में स्थित रहने से हमारी शक्तियों की जानकारी होती हैं। उन्होंने कहा सबसे मूल्यवान खजाना समय है इसलिए कहते हैं टाइम इस मनी। समय को सफल करना सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा रॉयल संस्कारों को धारण करना है। ईश्वरीय नशा आत्मा की शान है सदा स्वमान में रहकर सबको सम्मान देना है।
सदैव अच्छा सोचें
उन्होंने कहा हमें बस सभी को दुआएं और सम्मान देने वाली आत्मा बनना है। सदैव अच्छा सोचें, सबके कल्याण का सोचें, जीवन में क्षमा करने के लिए हर समय तैयार रहना है।परमात्मा की शक्तियां प्राप्त होती है तो दिव्यगुणो की प्राप्ति होती है। हमें जीवन में किसी से कुछ नहीं चाहिए, बस सभी को दुआएं और सम्मान देने वाली आत्मा बनना है। अपने मन को शिकायत की आदत से शुक्रिया की तरफ ले जाइए। अपने तन और मन का शुक्रिया अदा करें। अपने परिवार के सदस्यों का, संपर्क में आने वाले लोगों का, प्रकृति का शुक्रिया अदा करें।
