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मधुमाला योग से दे रही बीमारियों को मात, खुद थायराइड से पाई आजादी, अब हजारों लोगों को सिखाती है योगा शिक्षा के साथ समाज सेवा में भी अग्रणी

महिलाओं में पहले राज्य स्तरीय पुरस्कार पानी वाली है शिक्षिका , एशिया में स्काउटिंग के क्षेत्र में भी पा चुकी सबसे बड़ा अवार्ड

बालोद। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल सिकोसा में पदस्थ व्याख्याता मधुमाला कौशल राज्यपाल पुरस्कृत व्याख्याता बालोद जिला में प्रथम महिला शिक्षिका हैं। जिनको राज्यपाल पुरस्कृत किया गया है। वह विभिन्न क्षेत्र में कार्य कर रही है । स्काउट गाइड, रेडक्रॉस में भी वह महती भूमिका निभाती है। रेड क्रॉस और स्काउट गाइड में भी राज्यपाल द्वारा अलंकृत की जा चुकी है। उन्हें तीन बार राज्यपाल अवार्ड मिल चुका है। जैसे शिक्षा विभाग रेड क्रॉस विभाग और स्कूल गाइड क्षेत्र में। स्काउट गाइड से एशिया फेराफिक अवार्ड जो इस विभाग का सबसे बड़ा अवार्ड है उन्हें भी यह मिल चुका है। वह शिक्षा विभाग के साथ-साथ योग के क्षेत्र में भी नेशनल ट्रेनर है। और हर वर्ष अलग-अलग जगह पर जाकर निशुल्क योग प्रशिक्षण देती है। इनका योग क्लास विगत 15 वर्षों से लगातार जारी है। हजारों बीमार लोगों को योग से वह ठीक कर चुकी है। समाज सेवा सहित अपने समाज में भी अहम भूमिका निभाती है। महार समाज की वह महिला जिला अध्यक्ष भी हैं। गुण्डरदेही की रहने वाली और सिकोसा हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ व्याख्याता मधुमाला कौशल को लगातार तीन बार राज्यपाल पुरस्कार पा चुकी है। अंतिम बार उन्हें स्काउटिंग के क्षेत्र के लिए सर्वश्रेष्ठ गाइडर का अवार्ड दिया गया था। ज्ञात हो कि इसके पहले उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग से 2016 में, रेडक्रॉस के तहत 2022 में भी राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त हो चुका है।

मधुमाला कौशल द्वारा शैक्षणिक कार्य के अलावा बच्चों के समग्र विकास के साथ स्काउट गाइड रेडक्रॉस, योग एवं समाज सुधार के कार्य भी बढ़ चढ़कर किए जाते हैं। उनके निर्देशन में करीब 30 बच्चे भी राज्यपाल अलंकृत हुए हैं। रेडक्रॉस में भी बच्चे नेशनल तक जाकर अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। प्रतिवर्ष नेशनल योग में राजस्थान, गोवा, मुंबई, भुसावल एवं महासमुंद में नेशनल योग में छत्तीसगढ़ का स्थान रहता है। नेशनल ट्रेनर के रूप में जाने जाने वाली मधुमाला कौशल विगत करीब 15 वर्षों से लगातार निशुल्क योग कक्षा भी ले रहे हैं और योग से लोगों को स्वास्थ्य लाभ दे रहे हैं। कोरोना काल में भी कोविड सेंटर में जाकर एवं ऑनलाइन कक्षा से लोगों को स्वास्थ्य लाभ उन्होंने दिलाया। इस तरह विभिन्न संस्था से जुड़कर छात्र-छात्राओं और महिलाओं को जागरूक करने और व्यवसाय परक शिक्षा देखकर बेटियों को प्रोत्साहित करती है।

गले की आवाज योग से ही लौटी, अब कर रही प्रेरित

मधुमाला को कुछ साल पहले थायराइड की समस्या थी। उनकी आवाज चली जाती अगर उन्होंने योग को न अपनाया होता। कई जगह इलाज करवाने के बाद भी कुछ न होने पर मधु ने योग का सहारा लिया और इससे अपना गला ठीक की। उनकी आवाज भी लौट आई। बीमारी के कारण वह बोल भी नहीं पा रही थी। अब फायदे लोगों को बताकर वह नियमित योग करने के लिए प्रेरित करती है।

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