एक तरफ कोरोना टीकाकरण की तैयारी तो दूसरी ओर स्वास्थ्य संयोजक (टीका कर्मी) कर रहे हड़ताल की तैयारी, प्रांत स्तरीय प्रदर्शन 23 को



वेतन विसंगति को लेकर 23 जनवरी को ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों ( टीका कर्मी) का एक दिवसीय प्रांत स्तरीय ध्यान आकर्षण रैली व धरना प्रदर्शन

बालोद। जिले के सभी विकास खंड के ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक स्वास्थ्य संयोजक संघ के प्रांतीय आह्वान पर अपनी वेतन विसंगति व अन्य ज्वलंत समस्याओं के निराकरण के संबंध में शासन का ध्यानाकर्षण हेतु 23 जनवरी को प्रांत स्तरीय एक दिवसीय धरना प्रदर्शन व रैली रायपुर में करेंगे। जिसमें सामूहिक अवकाश लेकर बालोद जिले के स्वास्थ्य संयोजक संघ के महिला एवं पुरुष स्वास्थ्य संयोजक सेक्टर सुपरवाइजर, बी ई टी ओ शामिल होंगे।

पुरूर के नीलकमल सिन्हा ने बताया उक्त समस्याओं के निराकरण हेतु कर्मचारियों द्वारा लगभग 20 वर्षों से शासन प्रशासन को पत्राचार किया जाता रहा। फिर भी अब तक निराकरण नहीं हो पाया। वर्ष 2018 में स्वास्थ्य संयोजक संघ के कर्मचारियों द्वारा वेतन विसंगति दूर करने हेतु 42 दिन का प्रांत स्तरीय अनिश्चित कालीन हड़ताल किया गया लेकिन शासन द्वारा आज तक वेतन विसंगति दूर करने पहल नहीं की गई। वर्तमान सरकार द्वारा अपने घोषणा पत्र में भी स्वास्थ्य के कर्मचारियों की वेतन बढ़ाने संबंधी विषयो को शामिल किया गया है। जो आज पर्यन्त तक लंबित है।
ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजको की समुदाय में उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर पद स्थापना होती है। जो लगभग 3000 से5000 की आबादी वाले क्षेत्र में रहकर शासन के 28 राष्ट्रीय कार्यक्रम व 14 योजनाएं संपादित करते है। जैसे प्रसव ,जन्म पंजीयन, गर्भवती, साप्ताहिक टीकाकरण, पल्स पोलियों अभियान, मलेरिया नियंत्रण, क्षय नियंत्रण, कुष्ठ उन्मूलन मुख्य मंत्री हॉट बाज़ार क्लीनिक, महामारी नियंत्रण कार्यक्रम व अन्य कार्यक्रम,अभी वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण, रोकथाम एवम् नियंत्रण हेतु स्वास्थ्य संयोजक 24 घंटा बिना अवकाश लिए परिवार से अलग रहकर मानवीय सेवा में अपनी जिम्मदारियों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। जो सेवा भाव को दर्शाता है और यह किसी से छुपा नहीं है, जो मानवीय सेवा भाव को दर्शाता है।

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