DAILY BALOD NEWS

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बालोद पुलिस ने सुलझाया मर्डर मिस्ट्री: अमलीडीह में टुकड़ों में मिली लाश निकली बकलीटोला के महिला की, प्रेमी ने की थी हत्या, महिला के मां के जरिये हुई पहचान,पीएम रिपोर्ट में नसबंदी होने के प्रमाण से कड़ी जोड़ते आरोपी तक पहुंची पुलिस, पढ़िए पूरा मामला….

बालोद| आखिरकार 10 अप्रैल को अमलीडीह में टुकड़ों में मिली लाश की घटना में बालोद पुलिस और साइबर सेल ने मामला सुलझा लिया है अज्ञात महिला की पहचान बकलीटोला के प्रमिला ध्रुवे  के रूप में हुई साथ ही उसका हत्यारा उसका ही प्रेमी दीपक साहू निवासी डारागांव निकला जिसने महिला की पहले अपने घर ले जाकर हत्या की फिर लाश को टुकड़ों में ले जाकर गोंदली डैम साइड नहर के आसपास फेंक आया था. शनिवार को  बालोद पुलिस  ने अमलीडीह में हुए अंधे हत्याकांड का खुलासा किया। मृतिका के चेहरे व शरीर को जलाकर उसके टुकड़े कर दो बोरी में भर कर एक बोरी जंगल और दूसरा बोरी नहर किनारे फेक दिया था।  बालोद जिला के अलावा धमतरी, दुर्ग,कांकेर,मानपुर, राजनांदगांव, के कई गुम इंसान महिला की जानकारी लेकर तस्दीक किया गया.  मृतिका के पीएम रिपोर्ट से  नसबंदी की जानकारी मिली थी जिसके बाद मितानिन, कोटवार की मीटिंग लेकर महिला की पहचान का प्रयास किया गया ।  मृतिका की पहचान व हत्या के अज्ञात आरोपी की पता साजी हेतु थाना बालोद और  साइबर सेल से विशेष टीम बयाना गया था। बालोद पुलिस द्वारा लगातार तीन माह से घटना स्थल के आस पास गांव में कैंप  किया गया तब जाकर एक गुम महिला की सूचना मिली।  मृतिका के पहचान के बाद तकनीकी डाटा से  आरोपी का भी सुराग मिला। घटना की जाँच में  सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस द्वारा खंगाले गये थे.

क्या था मामला 

13 अप्रैल 2024  को सूचना मिली कि थाना बालोद क्षेत्र के ग्राम अमलीडीह के नहर किनारे एक जली कटी लाश है जिसका सिर ,हाथ पैर एक बोरी में मिला l दूसरे दिन ग्राम अमलीडीह के जंगल में एक बोरी में जली कटी लाश का धड़ मिला, उस लाश का चेहरा जल गया था जिससे उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी । थाना बालोद में मर्ग कायम कर विवेचना में लिया गया था। मामला हत्या का होने से थाना बालोद में  धारा302,201 भादवी कायम किया गया ।

बनाई गई थी इनकी टीम 

घटना की  सूचना वरिष्ठ अधिकारी पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग, रेंज दुर्ग श्री रामगोपाल गर्ग को देकर उनके निर्देशन में पुलिस अधीक्षक बालोद श्री एस आर भगत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अशोक जोशी , एसडीओपी श्री देवांश सिंह राठौर व फारेंसिक टीम के द्वारा घटना स्थल जाकर घटना का बारीकी से निरीक्षण किया गया एवं थाना प्रभारी बालोद ,साइबर सेल प्रभारी को अज्ञात महिला के शव की पहचान एवं अज्ञात आरोपी की पतासाजी हेतु  एसडीओपी बालोद के नेतृत्व में विशेष टीम बनाकर  आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया था।

टीम द्वारा किया गया प्रयास:-

घटना स्थल पर मिले लाश महिला का होने से टीम द्वारा गांव में कैंप कर आस पास एवं  सरहदी जिलों दुर्ग, धमतरी, कांकेर, राजनांदगांव, मानपुर मोहला के पुलिस से संपर्क कर वहां के महिला गुम इंसान की जानकारी प्राप्त कर उसे तस्दीक किया गया। पीएम रिपोर्ट में मृतिका का नसबंदी होना पाया गया था जिसके आधार पर गठित टीम द्वारा बालोद जिला के सभी थाना क्षेत्रों में मितानीन के माध्यम व ग्राम कोटवार का मिटिंग लेकर मृतिका के पहचान के लिए प्रयाय किया गया।  इसके अलावा बालोद शहर से अमलीडीह की ओर आने जाने वाले रास्तों के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त कर उसका बारीकी से एनालिसिस किया गया। घटना स्थल का तकनीकी डाटा लेकर उसका एनालिसिस किया गया। टीम द्वारा लगातार आसपास के गांव जाकर  एवं कोटवार की मीटिंग लेकर गुम महिला की जानकारी प्राप्त किया गया।

मुखबिर से मिली सूचना कि एक महिला गायब है :-

मुखबिर से सूचना मिली की डौण्डीलोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम बकलीटोला में एक महिला कई दिनों से लापता है और वह अपने मायके ग्राम बाघमार में भी नही है कि सूचना पर तत्काल थाना बालोद से प्रभारी रवि पांडेय अपनी थाना टीम व साइबर सेल टीम को लेकर थाना लोहारा के ग्राम बकलीटोला जाकर लापता महिला के संबध में पतातलाश कर रही थी कि गांव में स्वरूप धुर्वे की पत्नी गांव में नही है। जिस पर स्वरूप धुर्वे से मिलकर उससे उसकी पत्नी के बारे में पूछने पर बताया कि उसकी पत्नी प्रमिला धु्रवे कुछ दिनो से घर पर नही है, कहां गई है इसकी जानकारी हमारे परिवार में किसी को नही है। वापस आ जायेगी सोच कर हम लोग थाना में रिपोर्ट दर्ज नही कराये है। और वह बताया कि वह दिनांक 10 अप्रैल काम करने के लिए केशकाल गया था। उस दिन उसकी पत्नी प्रमिला धु्रवे अपने मायके ग्राम बाघमार में थी उसके बाद दूसरे दिन से उसका मोबाइल फोन नही लग रहा है और आज तक वह घर नही आई है। टीम द्वारा बाघमार जाकर गुम महिला की मां से पूछताछ किया गया। गुम महिला के मोबाईल का तकनीकी डाटा हेतु सायबर सेल को लगाया गया।

इस तरह से हुई मृतिका की पहचानः- 

गुम महिला प्रमिला धु्रवे के संबध में उसकी मां बुधनतीन बाई से पूछताछ करने पर  बताई कि दो जोड़ी पायल अपने दोनो बेटियों के लिए ली थी जिसका एक जोड़ी मेरे पास है। टीम द्वारा घटना के फोटोग्राफ दिखाने पर बुधनतीन बाई ने नाक की फूली , अंगूठी, पायल और नेलपालिश का पहचान कर अपनी बेटी का होना बताया। और घर में रखे नेलपालिस को दिखाते हूए बताई कि प्रमिला एक हाथ में नेलपालिश लगाती थी। बुधनतीन बाई के द्वारा दिखाए गए पायल एवं बताये पहचान को विश्लेषण करने पर मृतिका की पहचान प्रमिला के रूप मे हुई।

 तकनीक साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस 

 मृतिका की पहचान प्रमिला के रूप में होने से मृतिका के कॉल डिटेल के आधार पर लगभग 15 से 20 लोगों से पूछताछ करने पर अततः जानकारी मिली कि मृतिका के घर से जाने का दिनांक 10.04.2024 से डारागांव निवासी दीपक साहू के साथ थी। जिसकी सूचना पर दीपक साहू का तकनीकी डाटा व मृतिका का तकनीकी डाटा एंव घटना स्थल से प्राप्त तकनीकी साक्ष्य के आधार पर दीपक साहू से घटना एवं गुम महिला के संबध में बारिकी से पूछताछ करने पर शुरूआत वह पुलिस को गुमराह कर रहा था। लेकिन टीम द्वारा साक्ष्यो के आधार पर बार बार पूछताछ करने पर अपना अपराध करना स्वीकार किया.

आरोपी ने बताया कैसे जुड़ा था महिला से रिश्ता 

आरोपी ने  बताया कि मेरा 05 साल पूर्व मेरी पत्नि से तलाक हो जाने से मै अपने मामा गांव बकलीटोला जाने लगा उस दौरान प्रमिला से पहचान हुई जो प्रेम संबध में बदल गया। और प्रमिला मेरे घर डारागांव आने जाने लगी थी। जो मुझे शादी कर अपने पास रखने दबाव बना रही थी और घटना को अंजाम देने के संबध में बताया।

देर रात किसी और से बात करने पर हुआ विवाद , कर दी प्रेमी ने हत्या 

आरोपी द्वारा 10 अप्रैल को  प्रमिला धु्रवे को अपने घर ग्राम डारागांव में लाकर संबंध बनाये फिर शाम को उसके घर प्रमिला को छोड़ दिया वापस आते समय दीपक ने पूनः प्रमिला को अपने घर से बाहर आने बोल कर अंधेरा होने के बाद अपने मोटर सायकल में बैठाकर उसे अपने डारागांव घर पर लाया। रात में दोनों  शराब पीकर सोये थें तभी अचानक दीपक की नींद खुली तब उसने सुना कि प्रमिला किसी से मोबाईल में बात कर रही है। तब दीपक ने प्रमिला को इतनी रात को किससे बात कर रही हो कहने पर दोनो के बीच वाद विवाद हुआ। दीपक ने प्रमिला को हाथ घुसे से मारा और हत्या करने की नियत से सिर को पकड़कर चौखट में पटक दिया जिससे प्रमिला बेहोश होकर नीचे गिर गई। जिसे दीपक ने प्रमिला के पहने हुए साड़ी को गले में लपेटकर खिचते हुए घर के पीछे की बाड़ी में ले जाकर रख दिया। पहचान छुपाने की नियत से घर में रखे पेट्रोल को प्रमिला के चेहरे एवं शरीर में डालकर उसे जला दिया। घर में रखे हसिया से उसके सिर, पैर, हाथ को काटकर दो अलग अलग बोरियो में भर कर अपने मोटरसायकल से अमलीडीह तरफ गोंदली नहर के पास अलग अलग 100 मीटर की दूरी में दोनो बोरियों को फेक कर अपने घर आ गया। आरोपी दीपक साहू के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसायकल, रस्सी, बोरी एवं हसिया को गवाहो के समक्ष जप्त कर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

केस सुलझाने में इनकी रही अहम् भूमिका 

उक्त अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में एसडीओपी बालोद देवांश सिंह राठौर, थाना प्रभारी बालोद रविशंकर पाण्डेय, उनि कमला यादव, सउनि धरम भूआर्य, प्रधान आरक्षक हरिशचंद सिन्हा, आरक्षक भेाप सिंह साहू , बनवाली साहू, मोहन कोकिला, अविनाश सिंह, नागेश साहू, लोकेश ठाकुर, लता सोनवानी। सायबर सेल टीम प्रभारी उनि जोगेन्द्र साहू, प्रधान आरक्षक रूमलाल चुरेन्द्र, भुनेश्वर मरकाम, विवेक शाही, आरक्षक पूरन देवांगन ,विपिन गुप्ता, राहुल मनहरे, आकाश दुबे, आकाश सोनी, संदीप यादव, मिथलेश यादव, योगेश पटेल, योगेश गेडाम, गुलझारी साहू, रवि गंधर्व, मनीष ठाकुर आदि की अहम् भूमिका रही.

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