रेलवे में टीसी की नौकरी लगाने के नाम पर 12 लाख की ठगी, ठगों ने भेजा था फर्जी नियुक्ति पत्र, रेलवे की वेबसाइट पर जाकर जांचने पर हुआ ठगी का अहसास



बालोद/गुरुर। गुरुर पुलिस ने खुंदनी के एक युवक अक्षय कुमार की शिकायत पर रेलवे में टीसी (टिकिट कलेक्टर) की नौकरी लगाने के नाम पर 12 लाख रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का मामला दर्ज किया है। मामले में दल्ली राजहरा के एक व्यक्ति सहित कुल 3 लोगों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है। ठगों ने मिलकर इस तरह से और भी कई लोगों को अपना शिकार बनाया है इसकी जांच की जा रही है ।वही विश्वास में लेने के लिए ठगों ने प्रार्थी अक्षय कुमार को एक फर्जी नियुक्ति पत्र तक भेज दिया था। जिसकी रेलवे की वेबसाइट पर जाकर जांच करने पर फर्जी होने का पता चला। तब जाकर युवक को ठगी का अहसास हुआ और फिर उन्होंने गुरुर थाने में मामले की रिपोर्ट लिखवाई। अक्षय कुमार साहू ग्राम खुंदनी थाना गुरूर का ने बताया। मुख्य आरोपी डुलेश साहू पिता रामप्रसाद साहू निवासी गांधी चौक वार्ड नं 13 दल्लीराजहरा में रहता है जिसने वर्ष 2021 में मुझे रेल्वे जोन बिलासपुर में टी0सी0 पोस्ट में सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर कुल 12 लाख रूपये लिया था और अब तक नौकरी नहीं लगाया है और न ही मेरा पैसा वापस किया है । इस तरह डुलेश साहू द्वारा मेरे साथ नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी किया है । डुलेश साहू पिता रामप्रसाद साहू के द्वारा नौकरी लगवाने के नाम पर मुझसे 12 लाख रूपये नकद लिया गया है । जिसे 03 किस्त के माध्यम से डुलेश साहू को दिया हूं । नौकरी न लगाने पर डुलेश साहू ने पैसा वापसी का वादा किया था । नौकरी न लगने पर वह अपने वादे से मुकर रहा है और हर बार पैसा वापसी के लिए नया तारीख देता है । अभी तक मुझे न टिकिट कलेक्टर की नौकरी पर लगाया न ही मेरा पैसा वापस किया है ।

लाल रजिस्टर दिखाकर जीत गया था विश्वास

प्रार्थी अक्षय कुमार ने बताया डुलेश साहू एक दिन मुझे और हरिओम को अपने घर बुलाया और एक लाल रंग रजिस्टर को दिखाकर विश्वास दिलाया कि इसमें रेल्वे में नौकरी हेतु आवेदन देने वालो का नाम पता लिखा जाता है । यह रजिस्टर रेल्वे कार्यालय से प्राप्त किये है और उसमें पेंज में रेल्वे का लगा सील , रजिस्टर के कवर पर रेल्वे का लगा सील था, इसके अलावा कई लोगो का आवेदन फोटो सहित तथा उस आवेदन में रेल्वे विभाग का लोगो निषान लगा होने तथा उसमें किसी रेल्वे विभाग के अधिकारी का सील लगे होना देखकर मुझे विश्वास में ले लिया । उस लाल रजिस्टर में मेरा नाम तथा हरिओम का नाम भी लिखा गया था। इसके अलावा डुलेस साहू ने रेल्वे का लोगो लगा कई कागजात दिखाये जिसमें कई लोगो का टी0सी0 के पद पर नौकरी लगने का जिक्र था तो मुझे उस पर पूरा विश्वास हो गया था और इसी विश्वास में सबसे पहला किस्त मै सितम्बर 2021 के पहले सप्ताह में 02 लाख रूपया डुलेश साहू को नगद दिया था । उस समय मेरे साथ मेरे पापा तरूण साहू, चाचा हिम्मत साहू , हरिओम और उसके पापा लिलेश्वर साथ में थे । उस रकम को हमने करीब 01 लाख रूपये का धान बेचकर और 01 लाख रूपया मेरे दादा अपने खाता से निकालकर दिये थे । डुलेश साहू को दुसरा किस्त मैने दिनांक 25.09.2021 को कोलिहामार गुरूर में मेरे दादा गोहन राम साहू के घर 07 लाख रूपया दिया था , उस समय डुलेस अपने साथ एक व्यक्ति को लाया था जिसका नाम उत्तम खांडेकर बताया था तथा उसे अपना बोस बताया था । जहां मेरे साथ मेरे फैमिली के पापा तरूण साहू, चाचा हिम्मत साहू, मम्मी झामीन साहू और हरिओम और उसके पापा लिलेश्वर साहू थे । उक्त राशि को हमने 80 डिसमिल खेत करीब 06 लाख रूपये में लोकेश कुमार साहू निवासी परसुली को बेंचकर और पापा के खाते से 1,50,000 रूपये निकालकर दिये थे । तीसरा किस्त मैने माह दिसम्बर 2021 को डुलेश साहू द्वारा जल्दी काम कराने के लिए कलकत्ता ले जाकर टी.पी. लज में डुलेश साहू को 03 लाख रूपये नकद दिया था । जहां मेरे साथ हरिओम और उसके पापा लिलेश्वर साहू, चाचा हिम्मत साहू भी गये थे, जिसके सामने उक्त राशि दिये थे । उक्त राशि के लिये हमने घर का ज्वेलरी करीब 1,90,000 रूपये बेचा था और दादा ने सेन्ट्रल बैंक से 1,50,000 रूपये का पेंसन लोन निकालकर दिया था । डुलेश साहू ने मुझसे नौकरी न लगवाने के स्थिति में पूरा पैसा वापस करने की बात कहा था और कुछ समय के बाद नौकरी के नाम पर मुझे इर्स्टर्न रेल्वे जिसमें रेल्वे विभाग एवं भारत सरकार का लोगो लगा मेरे नाम अक्षय कुमार साहू का नियुक्ति पत्र मेरे वाटसअप डुलेस साहू ने भेजा था और रेल्वे विभाग का लोगो लगा आफिसियली आर्डर रेल्वे भवन का नोटिस जिसमें चिफ सेक्टरी रेल्वे विभाग दिल्ली का सील एवं मोहर लगा था एवं भारत सरकार के सेवार्थ वाला मेरे नाम का एक गु्रप सी में टी0सी0 के लिए अपावईमेंटं पत्र भेजा था तथा मेडिकल संबंधी पत्र भी वाटसअप से भेजा था । डुलेश साहू ने मुझे अंकुश मिश्रा को क्राईम ब्रांच नागपुर का बड़ा अधिकारी बताया था और हमारा काम उसके जरिये आगे तक जाता है बताकर उसका मो.न. 9119508285 दिया था तथा उसमें नौकरी कब लगने के संबंध में पुछने पर डुलेस साहू तुम्हारा काम जल्दी करा रहा है कहते हुए अपने मो.न. 9119508285 पर 14,000 रूपये फोन पे करने को बोला था तो मै मई 2022 में दो बार में 14,000 रूपये मेरे मोबाईल नं. 9754570910 से फोन पे किया था । डुलेश साहू द्वारा मुझे वाटसअप पर भेजे गये रेल्वे संबंधी दस्तावेज को रेल्वे के वेब साईड पर जाकर चेक करने पर मुझे भेजा गया नियुक्ति पत्र संबंधी दस्तावेज को फर्जी दस्तावेज पाया । तब मुझे ठगाने का अहसास हुआ । डुलेस साहू अब तक मुझे नौकरी पर नहीं लगाया है और न ही पूरा पैसा वापस किया है । डुलेश साहू के मोबाईल नं. 7828223844 पर फोन करने पर नया दिनांक देकर घुमा रहा है । डुलेश साहू ने रकम वापसी के नाम पर फोन पे के माध्यम से मुझे मोबाईल नं. 9754570910 पर 11,000 रूपये और मम्मी के मोबाईल नं. 9009145934 पर दिनांक 30.03.2024 को 10,000 रूपये फोन पे पर दिया है । मेरे अलावा मेरा दोस्त हरिओम साहू पिता लिलेश्वर साहू सा. दुपचेरा थाना गुरूर के साथ में डुलेश साहू ने रेल्वे विभाग में टी.सी. पोस्ट पर नौकरी लगाने के नाम पर 12 लाख रूपये लेकर नौकरी नहीं लगाकर धोखाधड़ी किया है ।

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