बालोद। दिल्ली में निर्वाचन आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा 11 सीटों के चुनावी कार्यक्रम का ऐलान कर दिया गया है.

राज्य की 11 लोकसभा सीटों के लिए तीन चरणों में वोट डाले जाएंगे. पहले चरण यानी 19 अप्रैल को एक सीट बस्तर पर वोटिंग होगी. इसके बाद दूसरे चरण यानी 26 अप्रैल को 3 और 7 मई को सूबे की 7 सीटों पर मतदान होगा. चुनावी नतीजे 4 जून को आएंगे. पहले चरण में 19 अप्रैल को बस्तर (ST) सीट पर वोट डाले जाएंगे. दूसरे चरण यानी 26 अप्रैल को राजनांदगांव, महासमुंद और कांकेर (ST) सीट पर मतदान होगा. बालोद जिला कांकेर क्षेत्र में शामिल है ।

इस कारण दूसरे चरण में यहां मतदान होना है। इसके अलावा तीसरे चरण (7 मई) को सरगुजा (ST), रायगढ़ (ST), जांजगीर चांपा (SC), कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर सीट पर वोटिंग होगी. बता दें कि BJP सभी 11 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है. उधर, कांग्रेस ने 6 प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है,

जबकि 5 सीटों पर घोषणा बाकी है। इधर बालोद कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार लोकसभा आम निर्वाचन 2024 के अंतर्गत आज 16 मार्च से आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने के तत्काल बाद बालोद जिले में प्रशासनिक अमले के द्वारा सम्पत्ति विरूपण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा आज लोकसभा आम निर्वाचन तिथि की घोषणा करने के पश्चात् जिले के शहरी एवं ग्रामीणों सहित सभी क्षेत्रों में सम्पत्ति विरूपण के अंतर्गत शासकीय बैनर-पोस्टर आदि को हटाने की कार्रवाई की गई। इसके अंतर्गत आज नगर पंचायत डौण्डी, डौण्डीलोहारा, चिखलाकसा सहित जिले के अलग-अलग स्थानों ने सम्पत्ति विरूपण की कार्रवाई की जा रही हैै। इसके बाद भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा लोकसभा आम निर्वाचन 2024 केे घोषणा उपरांत कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के द्वारा आयोग के निर्वाचन कार्यक्रम एवं निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने संबंध में रविवार 17 मार्च दोपहर 03 बजे संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिले के मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों की प्रतिनिधियों की बैठक लेंगे। उल्लेखनीय है कि पूर्व में बैठक की तिथि शनिवार 16 मार्च को शाम 05 बजे निर्धारित की गई थी। जिससे संशोधित कर 17 मार्च को आयोजित की गई है।
बालोद जिले में लागू हुई धारा 144
चूंकि लोकसभा निर्वाचन-2024 दिनांक 16.03.2024 को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन की घोषणा किये जाने से आचार संहिता प्रभावशील हो गया है। बालोद जिला में सम्पन्न होने जा रहा है तथा चुनाव संबंधी सारी प्रारंभिक तैयारियां / प्रक्रियाएँ प्रारंभ हो रही हैं। अतएव जिले में लोक परिशांति बनाये रखना आवश्यक प्रतीत होता है। अतएव मैं इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, जिला दण्डाधिकारी बालोद दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अंतर्गत् प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित प्रतिबंधात्मक निषेधाज्ञा जारी किया है –
- बालोद राजस्व जिला के अंतर्गत् कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का घातक शस्त्र तथा बंदूक, पिस्टल, रिवाल्वर, भाला, बल्लम, बरछा, लाठी एवं अन्य प्रकार के घातक हथियार तथा विस्फोटक सामाग्री आदि किसी भी सार्वजनिक स्थान आम सड़क / रास्ता, सार्वजनिक सभाएँ एवं अन्य स्थानों पर लेकर नहीं चलेगा। कोई भी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी सशस्त्र जुलूस नहीं निकालेगा और न ही आपत्तिजनक नारे लगायेगा और न ही आपत्तिजनक पोस्टर वितरित करेगा।
यह आदेश उन शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों पर लागू नही होगा जिन्हें अपने कार्य के सम्पादन के लिये लाठी या शस्त्र रखना आवश्यक है। यह आदेश उन शासकीय कर्मचारियों पर भी लागू नहीं होगा जिन्हें चुनाव / मतदान के दौरान कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये पुलिस अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश उन व्यक्तियों पर भी लागू नहीं होगा जिन्हें शारीरिक दुर्बलता / वृद्धावस्था तथा लंगड़ापन होने के कारण लाठी रखना आवश्यक है।
- बालोद राजस्व जिला के अंतर्गत् विनिर्दिष्ट मतदान केन्द्र, मतगणना स्थल, कलेक्टोरेट, तहसील, ब्लाक/अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय के परिसर के बाहर न तो भीड़ होगी न धरना दिया जावेगा और न ही नारे बाजी की जावेगी।
- बालोद राजस्व जिला के अंतर्गत कोई भी राजनैतिक दल अथवा व्यक्ति द्वारा आम सभा जुलूस आयोजित करने के पूर्व उसकी विधिवत लिखित सूचना कानून व्यवस्था से जुड़ें संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी / तहसीलदार को देगा तथा विधिवत लिखित अनुमति प्राप्त करने के उपरांत संबंधित राजनैतिक दल / व्यक्ति आम सभा, जुलूस का आयोजन कर सकेगा।
- कोई भी राजनैतिक दल या व्यक्ति बालोद राजस्व जिले के अंतर्गत किसी भी धार्मिक संस्थान या उसके आस-पास न तो आम सभा का आयोजन करेगा और न ही ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग करेगा न ही धार्मिक स्थानों का आम सभा/जुलूस के लिये उपयोग करेगा।
- बालोद राजस्व जिले में किसी भी राजनैतिक दल अथवा व्यक्ति द्वारा संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी / तहसीलदार की अनुमति के बिना ध्वनि विस्तारक यंत्र द्वारा किसी प्रकार का नारेबाजी, प्रचार-प्रसार एवं व्यक्तव्य का उद्घोष नहीं करेगा
- इस आदेश का उल्लंघन यदि किसी व्यक्ति द्वारा किया जाना पाया जायेगा तो यह भा.दं.वि. की धारा-188 के अंतर्गत् दण्डनीय होगा।
- अत्यावश्यक होने एवं समयावधि न होने के कारण यह आदेश बिना सुनवाई के एकपक्षीय जारी किया गया।
लाउडस्पीकर को लेकर भी विशेष नियम लागू
- जिले में लोकसभा आम चुनाव-2024 दिनांक 16.03.2024 को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन की घोषणा किये जाने से आचार संहिता प्रभावशील हो गया है। सभी राजनैतिक दल उनके कार्यकर्ता तथा उनसे सहानुभूति रखने वाले व्यक्ति अपने दल के प्रचार-प्रसार के लिये लाउडस्पीकरों का प्रयोग करते है। इन लाउडस्पीकरों का प्रयोग न केवल स्थाई मंच से होता है बल्कि वाहनों यथा ट्रक, टेम्पों, कारें, टैक्सियों, वैन, तिपहिया, स्कूटर, साइकिल, रिक्शा आदि पर होते है। ये वाहन सभी सड़कों, गलियों, उप गलियों पर चलते है और गांवों, बस्तियों, मोहल्लों, कालोनियों में भी बहुत ऊंची आवाज पर लाउडस्पीकरों से प्रसारण करते हुए जाते है। इससे ध्वनि प्रदषूण होता हैं और आम जनता की शांति व प्रशांति में बहुत बाधा उत्पन्न होती हैं। लाउडस्पीकरों की ऊंची आवाज के प्रयोग से विद्यार्थी वर्ग विशेष रूप से अशांत हो जाते है, क्योंकि उनकी पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित होती हैं और चूंकि लाउडस्पीकर पर बहुत सुबह शोरगुल करना शुरू कर देते हैं और पूरा दिन इससे बुढ़े, दुर्बल और बीमार चाहे वे किसी भी संस्था, अस्पताल आदि में हो या घर में हो, उन्हें बहुत बेचैनी होती है।
- कलेक्टर ने कहा मैं इस बात से पूरी तरह भिज्ञ हूँ कि निर्वाचन अवधि में लाउडस्पीकरों के प्रयोग को पूर्ण रूप से रोका नही जा सकता क्योंकि लाउडस्पीकर निर्वाचन प्रचार के एवं जन समूह संप्रेषण के साधनों मे से एक साधन है, लेकिन इसके साथ-साथ विषम समय एवं विषम स्थान पर लाउडस्पीकर के अविवेक पूर्ण तथा ऊंचे स्वरों पर अव्यवहारिक प्रयोग जिसकी शांति एवं अशांति पर कुप्रभाव पड़ता हो एवं सामान्यतः जन सामान्य एवं विशेषतः रोगियों एवं विद्यार्थी समुदाय की बेचैनी का कारण हो, की अनुमति नहीं दी जा सकती हैं।
अतएव उपरोक्त वर्णित तथ्यों के प्रकाश में हर पहुलओं पर विचार करने के उपरांत इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, जिला दण्डाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी बालोद छ.ग. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा-4 के अंतर्गत् प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए रात्रि 10.00 से प्रातः 6.00 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का चलाया जाना अथवा चलवाया जाना पूर्ण रूप से निषिद्ध किया है।
- ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग चुनाव प्रसार करने के लिए वाहनों पर और चुनावी सभाओं में प्रातः 6.00 बजे से रात्रि 10.00 तक ही किया जा सकेगा, किन्तु ऐसे ध्वनि विस्तारक यंत्र साधारण किस्म के होंगे और मध्यम आवाज में ही चलाये जायेंगे। लोक शांति को देखते हुए लंबे चोंगे वाले माईक (हार्न माईक) का उपयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाता हैं। वाहनों पर और चुनावी सभाओं में एक से अधिक माईक समूह में नहीं लगाये जायेंगे। इन्हें भी प्रतिबंधित किया जाता हैं।
- चुनावी सभा में चुनाव प्रचार करने के लिए वाहनों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाने के लिए अनुमति सम्पूर्ण बालोद जिला क्षेत्र हेतु अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, अनुभाग क्षेत्र हेतु अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील क्षेत्र हेतु तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी से लिखित पूर्वानुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
प्रातः 6.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी / तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी तथा पुलिस चौकी क्षेत्र में संबंधित थाना/चौकी प्रभारी की अनुमति लेकर सामान्यतः किया जा सकता है, किन्तु शैक्षणिक संस्थाओं, चिकित्सालयों व नर्सिंग होम, न्यायालय परिसर, शासकीय कार्यालय, छात्रावास नगर पालिका परिषद, जनपद पंचायत एवं किसी भी स्थानीय निकाय कार्यालयों, बैंकों, पोस्ट ऑफिस, दूरभाष केन्द्र आदि कार्यालयों से 200 मीटर की दूरी के भीतर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग सामान्य स्थिति में भी पूर्णतः प्रतिबंधित होगा।
