सूरज में बनने वाले काले धब्बों का 10 इंच के न्यूटोनियन टेलीस्कोप से किया गया अवलोकन, ये धब्बे होते हैं पृथ्वी से आठ गुना बड़े



बालोद। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर बच्चों में वैज्ञानिक जागरूकता और अभिरुचि जागृत करने एवम भारत की समृद्ध वैज्ञानिक विरासत से परिचित कराने शासकीय उच्चतर माध्यमिक कन्या शाला बालोद में विभिन्न आयोजन हुआ।
इस अवसर पर संस्था के व्याख्याता बी एन योगी ने नोबेल प्राइज विजेता प्रथम भारतीय वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट रमन के खोज के बारे में विस्तार से बताया कि

उन्होंने इस प्रभाव को जब खोजा जब वे इंग्लैंड से समुद्री रास्ते द्वारा भारत आ रहे थे और उन्होंने समुद्र के पानी का और आसमान का रंग नीला देखा।

साथ ही उन्होंने रमन प्रभाव के उपयोगो की जानकारी भी साझा किया। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर मिडिल स्कूल की छात्राओं ने शानदार पेंटिंग और पोस्टर बनाकर प्रदर्शनी लगाया।

तथा बैलून कार बनाकर और चलाकर दिखाया। बच्चो को बैलून कार के चलने के वैज्ञानिक सिद्धांतो से बी एन योगी ने अवगत कराया, और विज्ञान के क्षेत्र में भारत के बढ़ते कदम से परिचित कराते हुए उनके विभिन्न ,

भ्रांतिया और अन्धविश्वास से जुड़े सवालों को सुलझाया और उन्हें विश्वास दिलाया कि किसी भी अन्धविश्वास के चक्कर में न फंसे और अपने परिवार के साथ सबको जागरूक करने का जवाबदारी उठाएं।
इसके बाद उन्हें सूरज में बनने वाले काले धब्बों का अवलोकन 10 इंच के न्यूटोनियन टेलीस्कोप के माध्यम से करवाया जो सभी के लिए प्रथम

और रोमांचित करने वाला अवसर रहा। बच्चों को बताया गया कि सूर्य में दिखने वाले काले धब्बे पृथ्वी से 8 गुने बड़े होते हैं। जादूगरों द्वारा दिखाये जाने वाले हाथ की सफाई को वैज्ञानिक ढंग से प्रस्तुत करते उनका वर्णन किया गया। इस अवसर पर राजेंद्र वर्मा और डी एन तिवारी ने भी विभिन्न प्रयोगो को करके दिखाया। जिसमें नीबू से रक्त निकलना, पानी का रंगीन हो जाना, कंकड़ से आग लगा देना, हाथ से बिजली जलाना, जलते हुए आग को मुंह में रखना …. चुम्बक द्वारा चुंबकीय बल रेखाओं के बनना जैसे वैज्ञानिक चमत्कारों का प्रदर्शन देख बच्चे और स्टाफ के उपस्थित सदस्य हतप्रभ रह गए।कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ व्याख्याता डी के सुकदेवे ने कार्यक्रम के महत्ता और रोचकता पर विचार प्रकट किए।

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