नाबालिग के साथ हैवानियत पर 20 वर्ष का कारावास, बस से उतर कर घर जा रही लड़की को पकड़ खदान ले जाकर आरोपी ने बनाया था हवस का शिकार



बालोद । किरण कुमार जांगड़े, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा फत्ते लाल कोसरे निवासी एक ग्राम , थाना-गुण्डरदेही, को लैंगिक अपराध की धारा के आरोप में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000/- रू० अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। व्यतिक्रम पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किया गया।0प्रकरण का संक्षिप्त विवरण छन्नू लाल साहू, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार दिनांक 05.03.2020 को पीड़िता की माता थाना गुण्डरदेही में उपस्थित होकर लिखित आवेदन प्रस्तुत किया कि मेरी लड़की पीड़िता कक्षा आठवीं तक पढ़ाई कर करीबन एक माह से गुण्डरदेही के एक कपड़ा दुकान में काम करने रोज घर से आना जाना करती है। घटना दिनांक 05.03.2020 के प्रातः 09:00 बजे पीड़िता घर से निकलकर काम करने गुण्डरदेही गई थी। दुकान में काम करने के बाद शाम करीबन 06:00 बजे दुकान से निकल बस में बैठकर ईरागुड़ा चौक में उतर कर प्रतिदिन की तरह पैदल अपने घर आ रही थी कि पुलिया के पास पहुंची थी तभी गांव का फत्तेलाल कोसरे वहीं पर खड़ा था, पीड़िता जैसे ही उससे आगे बढ़ी तभी फत्ते लाल कोसरे पीछे से दुप्पटे को खींचा और मुंह को अपने हाथ से दबाकर खींचते हुए खदान में ले जाकर पीड़िता के पहने कपड़े को निकालकर फेंक दिया और पीड़िता के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। छिना-झपटी में पीड़िता की कुर्ती फट गया है। गाड़ी की आवाज सुनकर फत्तेलाल कोसरे पीड़िता को नग्न हालत में छोड़कर भाग गया। फिर पीड़िता अपने बिखरे हुए कपड़े को उठाकर रोते हुए आ रही थी तभी उसकी छोटी बहन डेम के पास मिली। तब पीड़िता की बहन अपनी मां जो थोड़ी दूर पर ईंट-भट्ठा में काम कर रही थी को घटना की जानकारी दी। पीड़िता की माता के लिखित रिपोर्ट के आधार पर स.उ.नि.- उदयशंकर झा के द्वारा अभियुक्त फत्तेलाल कोसरे के खिलाफ अपराध क्र0 126/2020 अंतर्गत संहिता की धारा 376 एवं लैंगिक अपराध की धारा 4, 6 का अपराध पंजीबद्ध किया गया। तत्पश्चात् संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्त के खिलाफ अपराध पाये जाने पर आरोपी के विरूद्ध अभियोग पत्र विचारण न्यायालय में दिनांक 29.04.2022 को प्रस्तुत किया गया। पीड़िता प्रकरण की विवेचना निरीक्षक-पद्मा जगत व निरीक्षक रोहित मालेकर के द्वारा किया गया था। न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

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