बड़े-बड़े मंत्रियों के साथ फोटो दिखाकर बताता था अपना पहुंच, सरकार बदलने के बाद शिकायती आवेदन जांच पर हुआ अब जाकर एफआईआर
बालोद। बालोद जिले के गुण्डरदेही थाना क्षेत्र में नौकरी लगाने की नाम पर 4 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। दिलचस्प बात यह है कि इसमें एक आरोपी नितेश ने खुद को तत्कालीन नगरी निकाय मंत्री शिव डहरिया का पीए और रिश्तेदारी में नाना होना बताया है। अलग-अलग नेताओं और मंत्रियों के साथ अपनी फोटो दिखाकर अपनी पहुंच का हवाला देकर आरोपी ने युवक को झांसे में लिया था। उनके साथ दो अन्य आरोपी भी इस घटना के लिए जिम्मेदार माने गए हैं। सभी ने प्लानिंग करके युवक से पैसे ऐंठे थे और जब धोखाधड़ी का पता चला तो पैसे देने के लिए आनाकानी करने लगे ।वही मामले का एक पहलू यह भी है कि पीड़ित युवक ने इसकी शिकायत जिला जनदर्शन और एसपी कार्यालय में अगस्त में की थी। लेकिन अब छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार आने के बाद इस केस में जांच उपरांत एफआईआर दर्ज किया गया है। हमने भी जब आरोपों की पुष्टि करने के लिए संबंधित आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट के फोटोस खंगाले तो कई ऐसे फोटो मिले जिसमें आरोपी अलग-अलग नेताओं और मंत्रियों के साथ तस्वीरों में नजर आ रहे थे। तो कोई बाइक तो कोई कार की खरीदारी करते दिख रहे थे। खास बात यह है कि इस घटना में शामिल आरोपी नितेश पूर्व में सुपेला थाना क्षेत्र में भी इसी तरह ठगी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। वही हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में वह निर्दलीय चुनाव वैशाली नगर क्षेत्र से खड़ा हुआ था।
जानिए पीड़ित युवक द्वारा घटना की पूरी कहानी
पीड़ित युवक भूपेश साहू ने बताया वह ग्राम अंगारी जिला बालोद का रहने वाला है। उनके शिकायत पर जांच पुलिस अनुविभागीय अधिकारी गुण्डरदेही के द्वारा किया गया। 21.12.2022 को आरोपी कार्तिक राम डहरिया, नितिश कुमार गेन्ड्रे, दीपक कुमार देशलहरे के द्वारा उन्हें सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 4,00,000 रूपये छल कपट पूर्वक धोखाधडी किया गया। कार्तिक राम डहरिया निवासी ग्राम ओटेबंद, नितिश कुमार गेन्ड्रे निवासी भिलाई एवं दीपक कुमार देशलहरे निवासी ग्राम खुरदी नवागांव जालबांधा रोड जिला दुर्ग तीनो के खिलाफ धारा 420,34 का केस दर्ज किया गया। भूपेश ने बताया वर्ष 2019 के खादी ग्रामोद्योग देना ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण के अंतर्गत ट्रेनिंग सेन्टर बरगा राजनांदगांव में बेच 207 मे प्रशिक्षण हेतु गया था। जहां कार्तिक राम डहरिया के साथ मेरा जान पहचान हुआ था। प्रशिक्षण पश्चात मुझे योजनान्तर्गत किश्तो में कुल 6,00,000/- (छ: लाख रूपये ) ऋण प्राप्त हुआ था। उसी दौरान कार्तिक राम डहरिया द्वारा मुझे फोन कर बडे बडे नेताओ के साथ फोटो दिखाकर नौकरी लगाने हेतु बार बार फोन करने लगा और कहने लगा कि मंत्री शिव डहरिया का पीए मेरे जान पहचान का है। मंत्री के बंगले पर चपरासी का पोस्ट खाली है वहां लगवा देता हूं कहने लगा। दिनांक 17.01.2021 को मंत्री के पीए नितिश कुमार गेन्ड्रे से मुलाकात करने हेतु 1,00,000 रूपये (एक लाख रूपये) एवं दस्तावेज के साथ कार्तिक राम ने अपने घर बुलाया। जहां मैं और एक मित्र ओमप्रकाश निवासी चिद्दो जिला राजनांदगांव के साथ गये थे, जहां कार्तिक राम ने मंत्री पीए बताते हुये नितिश कुमार गेन्ड्रे से मुलाकात करवाया। नितिश कुमार गेन्ड्रे ने बताया कि मंत्री डहरिया रिश्ते में मेरे नाना लगते है तुम्हारा काम हो जाएगा, कहते हुये मुझसे व मेरे मित्र से 1,00,000 – 1,00,000 रूपये नगद प्राप्त किया। कुछ दिन पश्चात नितिश कुमार गेन्ड्रे ने फोन कर कहा कि कल तुम्हारा इंटरव्यू है 1,00,000 रूपये (एक लाख रूपये) लेकर मानव इन्टप्राइजेस में आना कहां, मानव इन्टरप्राइजेस रायपुर पहुचने पर नितिश कुमार गेन्ड्रे ने मुझये 1,00,000 रू. (एक लाख रूपये) प्राप्त कर कहा कि बात हो गई है कल से आनंद समाज वाचनालय में 90 दिवस की ट्रेनिंग है कल से ज्वाइनिंग कर लेना कहा दुसरे दिन मुझे नितिश द्वारा मुझे ज्वाइनिंग कराया गया तब बताया गया तब बताया कि तुम्हारे वेतन 20,000/- (बीस हजार रूपये ) है, 03 माह बाद तुम्हारा ट्रान्सफर मंत्री के बंगले में होना बताते हुये , मंत्री के बंगले में दीपक कुमार से मिलवाता हूं कहां मुझे मंत्री डहरिया के बंगले के बाहर दीपक से मिलवाया, दीपक द्वारा कहा गया कि मै मंत्री जी के बंगले में चपरासी हूं ट्रेनिंग के बाद आपका ट्रेनिंग के बाद आपका ट्रांसफर बंगले में हो जायेगा फाइल बंगले में पहुच गया है ट्रेनिंग के दौरान नितिश कुमार गेन्ड्रे ने फोन पे के माध्यम से अलग अलग तिथियो पर 1,88,500 रू. ( एक लाख अठयासी हजार पांच सौ रूपये) तथा नगद 11,500 रू. ( ग्यारह हजार पांच सौ रूपये) मुझसे प्राप्त किया। 03 माह बीतने पर तथा वेतन न मिलने पर मैने कार्तिक राम को फोन लगाया तो बहाना बनाते हुये गोलमोल जवाब देने लगा तब मैने अपने नियुक्ति के संबंध में कार्यस्थल और मानव इन्टप्राइजेस में पता किया तब मुझे जानकारी हुआ यह ठेकेदार के अंतर्गत गार्ड का पोस्ट है तब मैने कार्तिक राम डहरिया से संपर्क किया और अपने पैसे का मांग किया तब कार्तिक राम द्वारा कहा गया कि मंत्री के पीए नितिश कुमार गेन्ड्रे के पास आपको पैसा है किश्तो में पैसा वापस मिल जायेगा कहते हुये घुमाने लगा। कुछ दिन बाद मै अपने पिता एवं हुकुम ठाकुर के साथ कार्तिक राम के घर ग्राम ओटेबंद गया था जहां पैसा मांगने पर कार्तिक राम द्वारा जातिगत मामला में फंसाने की धमकी देते हुये गाली गलौच किया गया। इस प्रकार कार्तिक राम डहरिया, नितिश कुमार गेन्ड्रे एवं दीपक कुमार द्वारा धोखा देने के आशय से छल कपट पूर्वक मुझसे नौकरी लगाने के नाम पर विभिन्न तिथियो पर कुल 4,00,000 रूपये (चार लाख रूपये) मुझसे प्राप्त किया है।
