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राज्य शिक्षक सम्मान से कोसा स्कूल के श्रवण कुमार यादव और बोहारडीह की पुष्पलता साहू हुए राज्यपाल से सम्मानित

बालोद। शिक्षक दिवस पर राजभवन में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें इस बार भी बालोद जिले से दो शिक्षक सम्मानित हुए। जिसमें एक गुंडरदेही ब्लॉक के कोसा प्राइमरी स्कूल के श्रवण कुमार यादव हैं तो दूसरे गुरुर ब्लॉक के बोहारडीह स्कूल की शिक्षिका पुष्प लता साहू है। दोनों शिक्षकों ने नवाचारी गतिविधियों के जरिए पढ़ाई को रोचक बनाने के साथ-साथ स्वयं के खर्चे पर कई काम किए हैं। जिसके चलते उन्हें उक्त सामान प्राप्त हुए हैं। जानिए इन शिक्षकों की प्रमुख उपलब्धि और कार्य जिनकी वजह से हुआ उनका सम्मान ,,,,।

श्रवण यादव के संघर्ष की कहानी

कोसा के प्राइमरी स्कूल में सहायक शिक्षक के पद पर श्रवण कुमार यादव विगत 15 वर्षों से पदस्थ है। शिक्षक श्रवण कुमार यादव एक शैक्षिक संगोष्ठी में सम्मिलित होने रायपुर गए थे, वहां पर एक पोस्टर लगाए गए थे, जिसमें लिखा था “बदलाव की शुरूआत अकेले से भी हो सकता है”। इस वाक्य ने इस शिक्षक को इतना अधिक प्रभावित किया कि उन्होंने अपने विद्यालय में काफी बदलाव करते हुए अपनी सरकारी स्कूल की तस्वीर ही बदल दिया है। शिक्षक श्रवण कुमार यादव के इस भागीरथ प्रयास हेतु राज्य शिक्षक पुरस्कार 2022 के लिए चयनित किया गया है। जिनका सम्मान इस बार शिक्षक दिवस पर राज्यपाल करेंगे

शिक्षक ने स्वयं से की शुरूआत

उनके द्वारा सर्वप्रथम अपने स्कूल में अध्ययनरत सभी बच्चों को अपने वेतन की राशि से टाई, बेल्ट, पीवीसी आईडी कार्ड वितरण करना शुरू किया, जो अब तक प्रतिवर्ष सभी बच्चों को निःशुल्क वितरित किए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने अपने खर्चे पर बच्चों में अभिव्यक्ति कौशल के विकास के लिए म्यूजिकल सिस्टम भी व्यवस्था किया, जिसका प्रतिदिन प्रार्थना सभी सहित अनेकों आयोजनों में उपयोग करते बच्चों में अभिव्यक्ति कौशल का विकास हो रहा है।

विद्यालय के भौतिक विकास हेतु संसाधनों की व्यवस्था

शिक्षक श्रवण कुमार यादव द्वारा प्रारंभ किए गए इन अभिनय पहल के फलस्वरूप कोसा प्राइमरी स्कूल में भौतिक विकास हेतु संसाधनों की व्यवस्था के लिए क्षेत्रीय विधायक कुंवर सिंह निषाद की अनुशंसा से
जिला प्रशासन सहित अन्य सामाजिक संस्थाएं, शिक्षकों व समाजसेवी व्यक्ति आगे आए है। जिनमें शाला परिसर में विद्यादायिनी माता सरस्वती की मंदिर निर्माण एवं मूर्ति स्थापना, सभी बच्चों को प्रतिवर्ष निःशुल्क टाई, बेल्ट, पीवीसी आईडी कार्ड का वितरण, कम्प्यूटर, लैपटॉप, प्रोजेक्टर, एलईडी टेलीविजन, बच्चों के लिए निःशुल्क जूते मोजे का वितरण, निःशुल्क पाठ्य सामग्री का वितरण, सीलिंग फैन, माइक सेट, लेक्चर स्टैंड, खेल सामग्री, ईको गॉर्डन निर्माण, पौधरोपण, गॉर्डन हेतु फेंसिंग तार जाली, दीपक स्टैंड, सांस्कृतिक मंच, प्रार्थना सभा शेड निर्माण, प्रधानपाठक कक्ष निर्माण, स्टूडेंट्स फर्नीचर, ऑफिस फर्नीचर, आहाता निर्माण, विभिन्न मरम्मत कार्य, शुद्ध पेयजल हेतु प्यूरीफायर, पानी टँकी एवं नल कनेक्शन, हैंडवाश प्लेटफॉर्म निर्माण, मॉडल शौचालय निर्माण, शाला परिसर में पेवर ब्लॉक फीटिंग, व्यवस्थित किचन गार्डन निर्माण, मुस्कान पुस्तकालय की स्थापना इत्यादि प्रमुख है।

दर्ज संख्या में हुई दुगुना वृद्धि

शिक्षक श्रवण कुमार यादव के द्वारा शाला की दर्ज संख्या बढ़ाने में किए गए प्रयास के फलस्वरूप कोसा प्राइमरी स्कूल की दर्ज संख्या लगातार 6 वर्षों तक वृद्धि होते हुए 49 से बढ़कर 91 तक अर्थात लगभग दुगुना हो चुका है। अपने विद्यालय में शिक्षण को प्रभावकारी बनाने के लिए सहज व परिवेशीय भाषा का उपयोग करते हुए पाठ्यक्रम को रोचक व आनन्दमय बनाने के लिए प्रयास करते रहते है। शिक्षक के इस विभिन्न प्रयासों से बच्चे किसी भी अवधारणा को सहजता से सीख लेते है। उनके कुछ विशेष नवाचारों में पढ़ाई को सहज बनाने आईसीटी का उपयोग, मानवीय मूल्यों का विकास, खेल खेल में शिक्षा, स्थानीय परिवेश को शिक्षा से जोड़ना, प्रिंटरिच वातावरण का निर्माण, अभिव्यक्ति कौशल विकास हेतु म्यूजिकल सिस्टम का उपयोग, प्रोजेक्टर के माध्यम से ई शैक्षिक सामग्रियों का प्रदर्शन, प्रेरक फिल्में, डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन प्रमुख है।

शिक्षिका पुष्पलता साहू करती हैं इस तरह बच्चों की मदद

शासकीय प्राथमिक शाला बोहारडीह विकासखंड गुरुर की शिक्षिका पुष्पलता साहू को उत्कृष्ट कार्य के लिए रायपुर के राजभवन के दरबार हॉल में राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन के हाथों राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, शिक्षा मंत्री रविन्द्र चौबे, शिक्षा सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, डॉ एस भारतीदासन उपस्थित थे। बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़े रखने के लिए कक्षा पहली से पांचवी तक सभी बच्चों को प्रति वर्ष स्वयं के व्यय से कापी, पेन, बेल्ट, टाई का वितरण करती हैं। खेल – खेल के माध्यम से पढ़ाई सिखाती हैं। इनके द्वारा नवाचार, नवअनुप्रयोग और शैक्षिक अनुसंधान के अंतर्गत विडियो फुटेज का निर्माण कर नवाचार गतिविधियों को गति प्रदान किया। अपने शिक्षण को प्रभावशाली बनाने हेतु इनके द्वारा टी. एल. एम. का प्रयोग एवं नवाचार किया जाता है।

कोरोना काल में लर्निंग लास को दूर करने पहल की

कोरोना महामारी के समय बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़े रखने के लिए आनलाईन एवं मुहल्ला क्लास का संचालन किया एवं प्रति सप्ताह क्विज प्रतियोगिता का आयोजन कर विजेता बच्चों को पुरस्कृत किया। कोरोना काल के समय हुए लर्निंग लास को दूर करने शाला में गढ़बो नवा भविष्य 2.0,अंगना म शिक्षा,
माता उन्मुखीकरण एवं विज्ञान व गणित ओलंपियाड,कबाड़ से जुगाड़, मॉडल निर्माण प्रतियोगिता, शैक्षणिक भ्रमण के लिए विघुत क्रेडा पावर ग्रिड,कृषि उपज मंडी व गौठान भ्रमण एवं हस्तपुस्तिका लेखन प्रतियोगिता आयोजित कर बच्चों की प्रतिभा को निखारने का प्रयास किया।

बेहतर शिक्षण कार्यों के लिए हुई सम्मानित

राज्य स्तरीय गुणवत्ता सुधार के अंतर्गत सौ दिवसीय भाषा पठन एवं गणितीय कौशल विकास पुस्तक में शिक्षिका पुष्पलता साहू की लिखी चौदह सप्ताह के पाठों को सम्मिलित किया गया। गुणवत्ता सुधार के अंतर्गत बालोद जिले से सी. जी. स्कूल डॉट इन के पोर्टल में हमारे नायक चयनित हुई। खेल – खेल में गतिविधि आधारित शिक्षा देने के कारण इन्हें ” बेस्ट एक्टिविटी टीचर” पुरस्कार,विद्यालय में शैक्षिक नवाचार के द्वारा अध्यापन कराने के कारण ” बेस्ट इन्नोवेटिव टीचर” पुरस्कार एवं शाला में सकारात्मक वातावरण निर्माण कर उत्कृष्ट अध्यापन कौशल का प्रर्दशन करने के लिए ” उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान ” से सम्मानित किया गया है।

ये हैं रचनात्मक एवं सहयोगात्मक कार्य

शिक्षिका पुष्पलता साहू द्वारा लिखित पुस्तक ” सफलता की कहानी ” को दुर्ग डाइट में ” अनुभूति ” नामक प्रत्रिका में प्रकाशित किया गया है। पूर्व पदस्थ शाला सरबदा में स्वयं के व्यय से सरस्वती माता की मूर्ति
स्थापित की है। बहुमुखी प्रतिभा के धनी शिक्षिका पुष्पलता साहू ने बालवाडी(आंगनबाड़ी) में बच्चों के हस्तकौशल विकास के लिए स्वयं के व्यय से कापी, पेन, का वितरण कर शैक्षिक विकास में सहयोग प्रदान कर रहीं हैं।

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