बालोद। बालोद सरपंच संघ के अध्यक्ष और ग्राम जगन्नाथपुर के सरपंच अरुण साहू ने भाजपा से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर करते हुए संजारी बालोद विधानसभा सीट पर दावेदारी की है। उन्होंने कहा कि भाजपा अगर मौका दे तो वे चुनाव लड़ना चाहते हैं। क्षेत्र की जनता की सेवा करना चाहते हैं। 2002 से वे भाजपा कार्यकर्ता के रूप में सेवा शुरू किए थे और आज भाजपा के पंचायत प्रकोष्ठ के जिला संयोजक के तौर पर अपना दायित्व निर्वहन कर रहे हैं। इस बीच विभिन्न पदों पर उन्होंने भाजपा में काम किया है। पार्टी के रीति नीति के अनुसार चलते हुए उन्होंने हर आयोजन और प्रदर्शन में सक्रियता निभाई है। गांव के विकास को लेकर उन्होंने अपने सरपंची कार्यकाल में प्रमुखता से काम किया। गांव को नशा मुक्त बनाने में सक्रियता दिखाई। साथ ही सरपंच संघ अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने लोगों की समस्याओं को शासन प्रशासन तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई है। इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए अरुण साहू भाजपा से दावेदारी कर रहे हैं। अरुण साहू पिता स्व खुमान साहू ने राजनीतिक जीवन सन 2002 से भाजपा कार्यकर्ता के रूप में पार्टी का सेवा करने का काम शुरू किया। 2010 भाजयुमो कार्यकारिणी सदस्य के रूप में काम किए और 2013 में भाजयुमो महामंत्री के पद पर रहे । 2016 में भाजयुमो के ग्रामीण मंडल अध्यक्ष पद पर पार्टी ने जवाबदारी दी जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। 2019 में भाजयुमो जिला कार्यकारिणी में जगह मिला और लगातार पार्टी में सेवा किया। अभी वर्तमान में जिला संयोजक पंचायत प्रकोष्ठ भाजपा में काम कर रहें हैं। वर्तमान में ग्राम जगन्नाथपुर सरपंच और सरपंच संघ बालोद के अध्यक्ष भी हैं।
गांव के प्राचीन शिव मंदिर का कर रहे विशेष संरक्षण, मॉडल बनाया गांव को
अपने सरपंची कार्यकाल के दौरान अरुण साहू द्वारा गांव को संवारने में विशेष कार्य किए गए हैं। बड़े शहरों की तर्ज पर छोटे-छोटे विकास कार्य यहां हुए हैं। इस क्रम में पुरातात्विक महत्व के शिव मंदिर को सहेजने का विशेष काम उन्होंने किया है। जिसके कारण आज उपेक्षित हो रहे इस मंदिर को एक नई पहचान मिली है। साथ ही भव्य शिव शंकर की प्रतिमा स्थापना भी उनके प्रयास से किया जाना है। जिसका काम प्रगति पर है। गांव को एक रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत करते हुए उन्होंने पंचायत चुनाव के समय कई घोषणा की थी। जिन पर उन्होंने अमल किया। वे चाहते हैं कि इसी तरह अन्य गांव में भी विकास हो। क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को दूर किया जाए। इसके लिए वे भाजपा के जरिए विधायक चुनाव लड़कर जन सेवा के क्षेत्र में आना चाहते हैं।
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