बालोद। पूर्व सेवा की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से वेतन का निर्धारण कर सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर कर क्रमोन्नत वेतनमान का निर्धारण करते हुए, पुरानी पेंशन निर्धारित करने और कुल 20 वर्ष की पूर्ण सेवा अवधि से पुरानी पेंशन प्रदान करने की मांग की लेकर विगत पांच सालों से चला आ रहा आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है। इसी तारतम्य में आज रायपुर बूढ़ातालाब में पूरे छत्तीसगढ़ से आए हजारों सहायक शिक्षकों, प्रधानपाठकों व शिक्षकों ने जेल भरो आंदोलन करके अपने मांग को शासन तक पहुंचाने का प्रयास किया। जिसमें बालोद जिले के सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया और पुलिस के लाख पहरा होने के बावजूद जेल भरो आंदोलन करने में सफल रहे। गौरतलब हो कि दो दिन पूर्व ही तूता रायपुर में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने आक्रोश रैली का आयोजन किया था जिसमें हजारों की संख्या में समस्त शिक्षक संवर्ग ने भाग लेकर अपनी बात शासन तक पहुंचाने की भरसक कोशिश की थी, फिर भी शासन ने सहायक शिक्षकों से किसी भी तरह की वार्ता या मांगो के प्रति संवेदना दिखाने की कोशिश भी नहीं की गई। जेल भरो आंदोलन में शामिल सभी शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि दिसंबर 2021 में सरकार ने हमें आश्वासन दिया था कि आप लोग बच्चों की चिंता करो,आपकी चिंता हम लोग करेंगे, लेकिन दो साल होने को आए सरकार ने आज तक सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने को लेकर कोई पहल नहीं की। और तो और सितंबर 2021 में वेतन विसंगति दूर करने को लेकर एक कमेटी भी बनाई गई थी जिसको तीन माह में अपनी रिपोर्ट सौंपना था लेकिन दो साल बाद भी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को नहीं सौंपी।इस तरह के व्यवहार से समस्त एल बी संवर्ग के शिक्षकों को आक्रोशित कर दिया है और वैसे भी आचार संहिता लागू होने में एक से दो माह का समय ही शेष है फिर सरकार हमारी मांगों को कब पूरा करेगी। इस संबंध में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन बालोद के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र हरमुख ने बताया कि फेडरेशन के सभी सदस्यों में सरकार के प्रति भारी आक्रोश है उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है सरकार ने सबकी मांगे सुनी और उसका समाधान भी निकाला है पर सहायक शिक्षकों के मामले में सरकार की नीतियां समझ से परे है हमें हर बार छला जा रहा है। एक तरफ यही सरकार हर किसी के साथ न्याय की बात करती है लेकिन सहायक शिक्षकों के मामले में यही न्याय अन्याय में बदल जाता है। अनिश्चितकालीन आंदोलन में शामिल गुरुर ब्लाक अध्यक्ष धनेश यादव ने बताया कि इस बार सरकार को हमारी मांगों पर निर्णय लेना ही होगा, सहायक शिक्षक इस बार पीछे हटने वाले नहीं हैं, साथ ही यह भी कहा कि सब्र की भी एक सीमा होती है पांच साल का समय निकल चुका है मात्र दो महीने का समय बाकी है आखिर सरकार सहायक शिक्षकों के साथ कब न्याय करेगी।आज के जेल भरो आंदोलन में जिलाध्यक्ष देवेन्द्र हरमुख के साथ साथ सभी ब्लाक के सैकड़ों सहायक शिक्षक, प्रधानपाठक व शिक्षकों ने भाग लिया।
सहायक शिक्षकों के जेल भरो आंदोलन में बालोद जिलाध्यक्ष देवेन्द्र हरमुख गिरफ्तार
