निष्क्रियता के चलते फेरबदल: जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष बने अब पोषण लाल देवांगन, लेखक चतुर्वेदी हटे



बालोद। बालोद जिला सरपंच संघ अध्यक्ष कोलिहामार गुरुर के लेखक चतुर्वेदी को हटाते हुए अब सर्वसम्मति से पोषण लाल देवांगन को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। जो कि वर्तमान में डौंडीलोहारा ब्लाक के ग्राम पसौद के सरपंच और सरपंच संघ के अध्यक्ष भी हैं। यह चयन पूर्व अध्यक्ष लेखक चतुर्वेदी की निष्क्रियता के कारण किया गया। सरपंचों ने आरोप लगाया कि वे करीब डेढ़ साल बैठक में भी नहीं आ रहे थे। संगठन में सक्रिय नहीं थे। बैठक या कोई आयोजन में समय भी नहीं दे पा रहे थे। जिसके चलते सरपंचों ने शेष कार्यकाल में भी अपनी एकजुटता बनाए रखने के लिए नए अध्यक्ष के चयन के लिए आकस्मिक बैठक गंगा मैया मंदिर परिसर झलमाला में रखी गई। जहां सर्वसम्मति से पोषण लाल देवांगन को उनकी सक्रियता को देखते हुए जिला सरपंच संघ अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया। सभी ब्लॉकों के सरपंच संघ अध्यक्ष के साथ सरपंच जन उपस्थित हुए। जिसमें जिला सरपंच संघ के कार्य को देखते हुए उन्हें भंग कर नए जिला पदाधिकारियों का चयन किया गया । जिसमें जिला अध्यक्ष पोषण देवांगन डौंडीलोहारा ब्लॉक सरपंच संघ अध्यक्ष का चयन किया गया। इसी तरह उपाध्यक्ष चुकेश्वर साहू , सचिव मनीष गांधी, कोषाध्यक्ष तेजराम साहू, सहसचिव संत राम तारम बनाए गए। जिला सरपंच संघ की कार्यकारिणी अगले बैठक में चयन किया जाएगा । चर्चा के दौरान गुरुर ब्लाक के पेवरो सरपंच माधुरी साहू ने अपनी पीड़ा जिला सरपंच संघ में रखी। जिसमें ग्राम विकास समिति के पदाधिकारियों द्वारा पंचायत के निर्माण कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर लगातार ग्रामीण बैठक में सरपंच एवं उनके पंचो को मानसिक रूप से परेशान कर रहे है। पंचो को दबाव देकर सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने को कहा और सरपंच के साथ देने पर ग्राम विकास समिति द्वारा दंड लिए जाने का दबाव बनाया गया है ।

जो की पंचायती राज अधिनियम के विरुद्ध है।
जिस पर जिला सरपंच संघ के द्वारा उचित निर्णय लेते हुए बालोद कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को अवगत कराने कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां पर अपर कलेक्टर को पहले इस मामले को लेकर निष्पक्ष जांच कराने की बात कही और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने पर सरपंच संघ के द्वारा उग्र आंदोलन करने का निर्णय लिया गया ।

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