नाबालिग बच्चा के साथ अप्राकृतिक यौन हमला करने के प्रयास पर कारावास

बालोद। किरण कुमार जांगडे, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी दुर्गेश यादव आ० मेघनाथ यादव, उम्र-19 वर्ष, साकिन खम्हारटोला, थाना- दल्लीराजहरा, जिला बालोद (छ.ग.) को भा.द.वि. की धारा 363 आरोप में तीन वर्ष का सश्रम कारावास, भा.द.वि. की धारा 377/511 आरोप में पांच वर्ष का सश्रम कारावास व लैंगिक अपराधों के संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 8 के आरोप में पांच वर्ष का सश्रम कारावास व कुल 2,500/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण का संक्षिप्त विवरण छन्नू लाल साहू, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार पीड़िता के पिता द्वारा दिनांक 05.01.2019 को थाना राजहरा आकर रिपोर्ट लिखाया, कि दिनांक 04.01.2019 को उसका पुत्र पीडित बालक शासकीय प्राथमिक शाला कारूटोला स्कूल की ओर से खेलकूद में भाग लेने ग्राम कारूटोला गया था, जिसे ग्राम खम्हारटोला का दुर्गेश यादव बहला-फुसलाकर अपने साथ खम्हारटोला के सुनसान जगह में ले जाकर नाबालिक पीडित बालक का पहने कपडे को खोलकर आरोपी ने उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य करने का प्रयास किया था। घटना के संबंध में पीडित बालक द्वारा अपनी मां को बताया गया तथा पीडित बालक की माँ द्वारा प्रार्थी को बताये जाने पर उसके द्वारा अपने पुत्र पीडित बालक से पूछताछ करने पर उसके द्वारा रोते हुए घटना के बारे में बताया गया। प्रार्थी / पीडित बालक के पिता की उपरोक्त लिखित शिकायत के आधार पर दिनांक 05.01.2019 को रिपोर्ट लिखाए जाने पर आरोपी के विरुद्ध थाना राजहरा के उप निरीक्षक मनीष कुमार नेताम द्वारा अपराध क्र0 04/2019 अंतर्गत संहिता की धारा 363, 377 एवं संरक्षण अधिनियम की धारा-3 (क)/4/6 एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 2015 की धारा-3(1-बी) एवं 3(2-V) के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की विवेचना नगर पुलिस अधीक्षक अब्दुल अलीम खान के द्वारा किया गया। माननीय न्यायालय का मत है कि वर्तमान में नाबालिग बच्चों के प्रति लैंगिक अपराध निरंतर वृद्धि होती जा रही है, यौन हिंसा गैर-मानवीय कार्य होने के अतिरिक्त, बालकों के मनोमस्तिष्क पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

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