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प्राथमिक शाला चिटौद के शताब्दी महोत्सव में शामिल हुए स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, शाला की गौरवशाली अतीत एवं उपलब्धि की सराहना की

प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला में 02-02 अतिरिक्त कक्ष निर्माण तथा एमबीबीएस में अध्यनरत छात्रा एवं विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम को बढ़ावा देने हेतु 25-25 हजार रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की

बालोद। प्रदेश के स्कूली शिक्षा एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम आज बालोद जिले के गुरुर विकासखंड के प्राथमिक शाला चिटौद के शताब्दी समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्राथमिक शाला चिटौद के गौरवशाली इतिहास एवं उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उसकी भूरी-भूरी सराहना की। मंत्री डॉ. टेकाम कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मंत्री डॉ. टेकाम ने विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा की मांग पर प्राथमिक शाला एवं पूर्व माध्यमिक शाला में 02-02 अतिरिक्त कमरे का निर्माण तथा प्राथमिक शाला चिटौद में डिजिटल क्लास शुरू करने की घोषणा की। इसके अलावा डॉ. टेकाम ने संस्था के भूतपूर्व विद्यार्थी एवं वर्तमान में एमबीबीएस में अध्यनरत छात्रा कु.वर्षा ठाकुर के शिक्षण एवं अन्य शुल्क के लिए 25 हजार रुपये तथा प्राथमिक शाला चिटौद में सांस्कृतिक कार्यक्रम को बढ़ावा देने हेतु 25 हजार रुपये की राशि स्वेच्छानुदान से प्रदान करने की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि प्राथमिक शाला चिटौद की स्थापना 08 दिसम्बर 1922 को की गई थी।

विद्यालय के 100 वर्ष पूरा होने पर आज शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संजारी-बालोद विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मीना साहू, सरपंच श्रीमती कुमारी बाई सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि प्राथमिक शाला चिटौद का अतीत अत्यंत वैभवशाली है। यहां से विद्या अध्ययन करने के लिए अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर इस संस्था का नाम रौशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निश्चित रुप से उनका कर्मकौशल हमारे विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का मार्ग प्रर्दशित करेगा। डॉ. टेकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा राज्य में शिक्षा के गुणात्मक सुधार तथा समाज के सभी वर्गों के विद्यार्थियों को बेहतर से बेहतर शिक्षा मुहैया कराने हेतु कारगर उपाय सुनिश्चित की जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की स्थापना के साथ-साथ आगामी शिक्षा सत्र से अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। जिससे कि गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमारी सरकार छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परम्परा, रीतिरिवाज,खानपान, खेल आदि को भी संरक्षण व संवर्धन करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। डॉ. टेकाम ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों की मेहनत का सम्मान करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने हेतु प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदी समर्थन मूल्य पर करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा हमारी सरकार के द्वारा पूरे देश में सर्वाधिक दर पर गन्ना की खरीदी की जा रही है। मंत्री डॉ. टेकाम ने प्राथमिक शाला चिटौद के आदर्श पुस्तकालय की भी सराहना की तथा शाला के उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उसकी सराहना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा ने शिक्षा मंत्री डॉ. टेकाम के प्राथमिक शाला चिटौद आगमन की सराहना करते हुए हृदय से धन्यवाद दिया। श्रीमती संगीता सिन्हा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है। जिसका आने वाले समय मे बेहतर परिणाम दिखने लगेगा। उन्होंने गुरुर में हाईस्कूल भवन एवं पीपरछेड़ी में स्कूल भवन की स्वीकृति के लिए मंत्री डॉ. टेकाम को हृदय से धन्यवाद भी दिया। श्रीमती सिन्हा ने शाला के दाखिल-खारिज पंजी को विद्यालय का अनमोल धरोहर बताते हुए इसे सम्हाल कर रखने के लिए शिक्षकों की सराहना भी की। कार्यक्रम को जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मीना साहू, सरपंच श्रीमती कुमारी बाई साहू तथा शाला प्रबंधन समिति के सदस्य श्री परमानंद साहू ने भी सम्बोधित करते हुए मंत्री डॉ. टेकाम को विद्यालय के मांगो के संबंध में ध्यान आकृष्ट कराया। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा शाला के दाखिल-खारिज पंजी का लोकार्पण भी किया गया। इसके साथ ही मंत्री डॉ. टेकाम एवं अन्य अतिथियों ने मंच से उतरकर गांव के बुजुर्ग व्यक्तियों का सम्मान किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले ग्राम के प्रतिभावान लोगों को प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

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