2 साल से दे रहे हैं यहां सरपंच अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों को प्रथम कपड़ा, इस साल 175 बच्चों को मिला तोहफा



बालोद। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुरदी एक ऐसा अस्पताल बन चुका है जहां जन्म लेने वाले हर बच्चे को तोहफे के तौर पर प्रथम कपड़ा (वस्त्र)मिलता है।

और यह तोहफा गांव के प्रथम नागरिक यानी सरपंच के द्वारा दिया जाता है। विगत 1 दिसंबर 2020 से यह पहल लगातार जारी है। करीब तीन सालों में 300 से ज्यादा बच्चों को प्रथम कपड़ा भेंट स्वरूप सरपंच द्वारा दिया जा चुका है।

इस वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुरदी में सरपंच संजय कुमार साहू की तरफ से 175 बच्चो को प्रथम कपड़ा प्रदान किया गया। पिछले साल 167 बच्चो को वितरण किया गया था। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड अनुसार गुरुर ब्लॉक का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी 177 बच्चो के प्रसव के साथ प्रथम स्थान पर है। इसी संस्थागत प्रसव में द्वितीय स्थान पर प्राथमिक स्वास्थ्य कुरदी है। जहां एक साल में 175 सकुशल प्रसव हुए हैं।
चाहे बेटी हो या बेटा हो बच्चों को जब उनकी माताएं अस्पताल से घर ले जाने होती है तो इस दौरान प्रथम वस्त्र भेंट कर सरपंच संजय साहू द्वारा उनका सम्मान किया जाता है। युवा सरपंच के इस सोच ने कई लोगों को नेक काम के लिए प्रेरित भी किया है।

यादगार होता है ये तोहफा

बच्चों के पालकों का भी कहना होता है कि जब अस्पताल से छुट्टी होती है तो उनके लिए यह यादगार क्षण हो जाता है। क्योंकि गांव के प्रथम नागरिक सरपंच द्वारा तोहफा दिया जाता है। प्रथम वस्त्र पाकर बच्चों की माताएं भी खुश होती है और यह पहला वस्त्र बच्चों के लिए भी यादगार हो जाता है। सरपंच का कहना है कि उन्हें ऐसा करके सुकून मिलता है और छोटी-छोटी खुशियों में अपनी खुशी ढूंढ लेते हैं । कुरदी ही नहीं आसपास के कई गांव की महिलाओं को प्रसव पीड़ा के दौरान भर्ती किया जाता है। अधिकतर प्रसव यही होते हैं। कुछ एक केस में जिला अस्पताल या बड़े अस्पताल रिफर करना पड़ता है।

स्वयं के जन्मदिन पर किए थे शुरुआत

ग्राम कुरदी के युवा सरपंच संजय साहू ने 2020 में 1 दिसंबर को अपने जन्मदिन पर इस अनूठी पहल की शुरुआत की थी। उन्होंने यह तय किया कि अब गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जितना भी प्रसव होगा, उन बच्चों को प्रथम कपड़ा वे अपनी ओर से भेंट करेंगे। 1 दिसंबर को उनका जन्मदिन था। इस जन्मदिन को खास बनाने के लिए उन्होंने इस पहल की शुरुआत की थी। ग्राम खुटेरी से एक महिला को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। जिनसे जन्मे बच्चे को उन्होंने प्रथम कपड़ा भेंट कर आशीर्वाद दिया। सरपंच संजय साहू ने बताया कि यह पहल अनवरत जारी रहेगा। चाहे वे सरपंच रहे या ना रहे। अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव में होने वाले हर बच्चे को प्रथम कपड़ा वे अपनी ओर से भेंट करेंगे। ऐसा करके उन्हें काफी सुकून मिला और वह इस पहल को आगे बढ़ा रहें हैं। उन्होंने कहा कि बच्चा जब घर लौटे तो उनके साथ उनके ओर से दिया हुआ यह खास तोहफा भी रहे तो उस परिवार को भी एक खुशी मिलती है। उनके जन्मदिन पर उन्हें अचानक ख्याल आया था कि क्यों न कुछ अलग किया जाए और उन्होंने अपने गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जन्मदिन पर जन्मे बच्चे को अपनी ओर से प्रथम कपड़ा भेंट किया था तब से ये सिलसिला जारी है। कई बार व्यस्तता के चलते अस्पताल में भी कपड़ा नहीं पहुंचा पाते थे। क्योंकि कभी भी यहां प्रसव केस आते रहते हैं। इसलिए उन्होंने इस बार थोक में 100 कपड़े खरीद कर अस्पताल प्रबंधन को दे दिया है। जब जब प्रसव होंगे अगर वे अस्पताल आप आएंगे तो अपने हाथ से या नहीं आ पाएंगे तो अस्पताल प्रबंधन द्वारा सरपंच की ओर से दिया तोहफा बच्चों को गिफ्ट किया जाएगा।

You cannot copy content of this page