गुरुर में 62 साल की महिला सावित्री सिन्हा ने पेश की अनूठी मिसाल, करेंगी देहदान



दीपक देवदास, गुरुर। गुरुर के सिन्हा परिवार की मुखिया 62 वर्षीय सावित्रीबाई ने देहदान की घोषणा की है। इसके लिए उन्होंने फॉर्म भी भर दिया है। परिवार के मुखिया के इस कदम से सभी सदस्यों में खुशी का माहौल है। और लोग उनके कदम की सराहना कर रहे हैं। गुरुर में इस महिला के पहल की चर्चा हो रही है। जिन्होंने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में मदद करते हुए पढ़ाई करने वाले बच्चों के अध्ययन हेतु मौत के बाद अपना शरीर सौंपने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि आखिर इस शरीर को लोग मृत्यु के बाद जला देते हैं। जो कुछ काम नहीं आता। लेकिन हम देह दान करेंगे तो हमारे भावी पीढ़ी को अच्छे डॉक्टर मिलेंगे। स्टूडेंट मृत शरीर का अध्ययन कर सकेंगे। यह सोचकर उन्होंने देहदान किया है। ऐसा करने का वे कई सालों से सोच रहे थे। लेकिन अब जाकर उन्होंने अपना संकल्प पूरा किया और जब उनकी मृत्यु होगी तो संबंधित संस्थान के लोग उनका देह लेने आएंगे। जिस पर परिवार जनों ने भी सहमति जताई है। परिवार में उनका बेटा देवानंद सिन्हा, बहू पुष्पा सिन्हा, बेटी किरण सहित नाती दमांद सहित अन्य लोग रहते हैं। एम्स अस्पताल के जरिए देह दान का फॉर्म भरी है। कई सालों से सावित्री सिन्हा ब्रह्मकुमारी संस्था से भी जुड़ी हुई है। जहां वह आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करती रहती है और अपने अनुभव से उन्होंने यह संकल्प लिया । इस अमूल्य शरीर को दान करने की ठानी है। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की है कि इस क्षेत्र में सब आगे बढ़े।

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