बालोद। एक तो पहले कलेक्ट्रेट बालोद से दूर बना। वहां जैसे तैसे रोजगार कार्यालय चल रहा था। लेकिन अब उसे भी कुछ माह पहले पाकुरभाट में शिफ्ट कर दिया गया है। इससे बेरोजगार युवाओं को और खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। दूर दराज के लोग पहले बालोद आते हैं। फिर पाकुरभाट पहुंचने के लिए मशक्कत करना पड़ता है। खुद के साधन से आने वाले तो जैसे तैसे पहुंच जाते हैं लेकिन बस आदि से पहुंचने वाले लोगों को काफी दूर तक या तो पैदल चलकर जाना पड़ता है या फिर लिफ्ट के भरोसे या बस का इंतजार करना पड़ता है।

इन समस्या को देखते हुए एनएसयूआई ने जिला रोजगार दफ्तर को बालोद शहर के भीतर शिफ्ट करने की मांग की है। इस मांग को प्रमुखता से उठाते हुए एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने कलेक्टर कुलदीप शर्मा से मुलाकात की और इस पर संज्ञान लेने का निवेदन किया गया। और युवाओं को हो रही समस्या से अवगत कराया। बहुत पहले जब जिला बना था रोजगार दफ्तर शहर के भीतर था। जब नया कलेक्ट्रेट बना तो इसे सिवनी शिफ्ट कर दिया गया। अब दफ्तर का ठिकाना लगातार बदल रहा है। लोगों के लिए दूरी लगातार बढ़ रही है। इससे पंजीयन कराने वालों को काफी परेशानी हो रही है।
दूरी के साथ आवागमन की भी समस्या
जिला रोजगार कार्यालय बालोद शहर से अत्यधिक दूरी पर स्थानांतरित किए जाने से छात्र-छात्राओं व युवाओं को आवागमन के पर्याप्त साधन ना होने से रोजगार पंजीयन हेतु काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इससे पूर्व बालोद नगर में स्थापित था। उसके बाद कलेक्टर परिसर में था। जहां छात्र-छात्राएं अपना रोजगार पंजीयन कराने हेतु आसानी होती थी। किंतु पिछले कुछ महीनों से रोजगार कार्यालय को ग्राम पाकुरभाट में स्थापित कर दिया गया है। जो कि जिला मुख्यालय से काफी दूर होने से व आवागमन के पर्याप्त साधन ना होने से युवाओं को पंजीयन कराने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। छात्रों व युवाओं की उक्त समस्या को देखते हुए बालोद एनएसयूआई जिलाध्यक्ष जितेंद्र पाण्डेय के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर जिला रोजगार कार्यालय को बालोद शहर में अतिशीघ्र में स्थापित करने की मांग की गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष जितेंद्र पाण्डेय, अंचल साहू, छात्र नेता कुलदीप यादव, लक्की सिन्हा, मयंक गंगराले, आयुष राजपूत, भोजेन्द्र साहू, विक्की पिस्दा,दिव्यम शर्मा, मनीष साहू, विक्की यदु, राहुल निषाद, व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
