बालोद। विगत दिनों 5 दिनों की सामूहिक हड़ताल व प्रदर्शन के बाद शासन ने अधिकारी कर्मचारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। और इस हड़ताल अवधि का वेतन काटे जाने का आदेश दे दिया है। तो इस पर कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। लेकिन उक्त 5 दिनों के हड़ताल के बाद अपने काम पर लौट चुके कर्मचारियों के इस तरह से वेतन काटे जाने के बाद आक्रोश और बढ़ गया है। जिले में भी इसका पुरजोर विरोध किया जा रहा है। जिसके क्रम में बुधवार को कर्मचारियों ने बालोद जिला मुख्यालय के तहसील कार्यालय के समक्ष नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और शासन द्वारा जारी आदेश की प्रतियां जला दी और इसे सरकार का दमनकारी निर्णय बताया गया । आदेश को वापस लेने की मांग कर्मचारियों ने शासन प्रशासन से की। ऐसा नहीं करने की स्थिति में आगे और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी जा रही है। शाषन के दमनकारी नीति को कर्मचारियों ने विरोधकर आदेश के प्रति को जलाया गया। 5 दिवसीय धरना प्रदर्शन कर कर्मचारी अधिकारियों ने शासन के खिलाफ आंदोलन किया गया था। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के तत्वाधान में 4 चरण आंदोलन चलाया जा रहा। जिसमे तीसरे चरण में आंदोलन किया गया। 29 जुलाई को ही शासन ने वेतन कटौती का आदेश जारी कर कार्यवाही करने का आदेश जारी किया गया है।
जिससे कर्मचारी अधिकारियो में आक्रोश दिखा और विरोध किया जा रहा। शासन के इस अड़ियल रूप से कर्मचारी नाखुश होकर अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय के सामने वेतन कटौती के प्रतिलिपि जलाई गई। ये विरोध प्रदर्शन प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में व बालोद संयोजक मधुकांत के उपस्थिति में किया गया। इसके साथ ही 22 अगस्त के अनिश्चत कालीन हड़ताल का समर्थन करने हेतु सभी संघ को अध्यक्ष ने निर्देश दिया। इस विरोध प्रदर्शन पर स्वास्थ्य एवं बहुद्देश्यीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष घनश्याम पुरी, वाय के दिल्लीवार सह संयोजक ,आर के शर्मा जिलाध्यक्ष छत्तीसगढ़ तृतीय कर्मचारी संघ बालोद, अश्विनी नायक कोषाध्यक्ष,चेतन यादव ,राजेन्द्र डडसेना, संतोष देशमुख सह संयोजक, दशरथ लाल साहु छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ,रत्ना ठाकुर छत्तीसगढ़ लिपिकीय संघ, मोतीलाल चंद्राकर ,जितेंद्र सोनी शिक्षक संघ,रूपेश कश्यप,संदीप दुबे, पूनम साहु, मिलाप सिंह रावटे आदि पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।
वेतन कटौती के आदेश से आक्रोश, अधिकारी कर्मचारियों ने तहसील कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन
