DAILY BALOD NEWS

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हड़ताल का हुआ असर- सीएम के निर्देश पर जीएडी ने मंत्रालय में बैठक बुलाकर की चर्चा

शिक्षकों की मांग- हड़ताल के वेतन कटौती का आदेश निरस्त करे शासन

बालोद। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन बालोद के जिलाध्यक्ष दिलीप साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, शालेय शिक्षक संघ, नवीन शिक्षक संघ द्वारा 25 जुलाई से केवल 2 सूत्रीय मांग देय तिथि से लंबित मंहगाई भत्ता व देय तिथि से एचआरए को सातवें वेतन के आधार पर पुनरीक्षित करने की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन आंदोलन किया गया था। हड़ताल का व्यापक असर हुआ, मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर जीएडी द्वारा सूचना देकर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, शालेय शिक्षक संघ, नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल को मंत्रालय में चर्चा हेतु आमंत्रित किया गया था। चर्चा में भाग लेने छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, सुधीर प्रधान, बसंत चतुर्वेदी, मनोज सनाढ्य, गिरीश साहू, नवधा चंद्रा, बसंत गायकवाड़, शामिल हुए। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से सचिव डी डी सिंह, सचिव कमलप्रीत सिंह, संयुक्त सचिव संजय अग्रवाल, उप सचिव खेस मेडम द्वारा बैठक कर चर्चा करते हुए मांगो पर पक्ष लिया गया।
अधिकारियों के साथ बैठक में पक्ष रखते हुए छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि लंबित डीए व एचआरए के लिए कर्मचारियों ने सफल हड़ताल कर अपनी मांग और इच्छा से शासन व सरकार को अवगत करा दिया है। 2 सूत्रीय मांग देय तिथि से लंबित मंहगाई भत्ता व देय तिथि से एचआरए को सातवें वेतन के आधार पर पुनरीक्षित करने की मांग संबधी तथ्य व केंद्र व अन्य राज्य की स्थिति पर तर्क मजबूती के साथ रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा गतिरोध दूर करते हुए तत्काल मांग पूरा करना चाहिए। बैठक में संजय शर्मा ने 29 जुलाई को जीएडी द्वारा हड़ताल में शामिल कर्मचारियों व शिक्षकों के वेतन कटौती सम्बन्धी आदेश पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए आदेश को निरस्त करने की मांग की। उन्होंने कहा है कि शासन द्वारा लंबित डीए व एचआरए देने के बजाय कर्मचारियों के वेतन कटौती का आदेश क्यों किया गया है? प्रदेश के कुछ जिले में हड़ताल में शामिल कर्मचारियों का वेतन निकाला जा चुका है ऐसे में कुछ जिलों में वेतन देयक को ट्रेजरी से वापस करना पूर्णतः गलत व अन्याय है,,अतः हड़ताल में शामिल सभी कर्मचारियों व शिक्षकों के वेतन भुगतान का निर्देश जारी किया जाए।

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