बालोद। हाल ही में संसद में कांग्रेस सांसद अधीर रंजन द्वारा नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपत्नी कह कर संबोधित कर दिया गया था। इस संबोधन को राष्ट्रपति सहित पूरे देश का अपमान बताते हुए भाजपाइयों ने विरोध शुरू कर दिया है। तो वही इसे कांग्रेस की ओछी मानसिकता करार दिया गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेसी लोगों को आड़े हाथों लेते हुए बालोद जिले की भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष दीपा साहू ने भी कहा कि राष्ट्रपति और वह भी प्रथम आदिवासी महिला राष्ट्रपति का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान। कांग्रेस ने इस तरह राष्ट्रपति को अपमानित कर अपने ओछी चरित्र का प्रदर्शन किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि स्वयं सांसद के इस अशोभनीय टिप्पणी का कांग्रेस के लोगों द्वारा समर्थन भी किया जा रहा है, उनका बचाव किया जा रहा है। जो कि माफी के लायक भी नहीं है। कांग्रेसी, महिलाओं के सम्मान को लेकर कितनी जागरूक है ये सांसद के बयान से लग रहा है। एक तरफ जहां राष्ट्रपति के पद पर आदिवासी समाज से पहली महिला के पहुंचने से पूरा देश गौरव महसूस कर है तो वहां उनके प्रति गलत लहजे में संबोधन कर कांग्रेस के लोगों द्वारा उन्हें अपमानित किया जा रहा है। यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह अपमान सिर्फ राष्ट्रपति का नहीं अपितु पूरे भारत देश के उन सम्मानित नारियों का है जो हमारे देश के गौरव होते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन की अशोभनीय टिप्पणी के बाद से बवाल जारी है। भारतीय जनता पार्टी व महिला मोर्चा इसका विरोध और निंदा करती है। महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष दीपा साहू ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला है। देश की पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन की अशोभनीय टिप्पणी के खिलाफ भाजपा हमलावर हो गई है। श्रीमती साहू ने इसे देश का अपमान बताया है। कहा कि जब से द्रौपदी मुर्मू का नाम राष्ट्रपति के उम्मीदवार के रूप में घोषित हुआ तब से ही द्रौपदी मुर्मू कांग्रेस पार्टी की घृणा और उपहास का शिकार बनीं। कांग्रेस पार्टी ने उन्हें कठपुतली कहा। कांग्रेस आज भी इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रही कि एक आदिवासी महिला इस देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद को सुशोभित कर रही हैं। सोनिया गांधी द्वारा नियुक्त नेता सदन अधीर रंजन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की जो कि एक शर्मनाक बयान है। ये संबोधन उस सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ है, तब भी कांग्रेस के इस पुरुष नेता ने ये घृणित कार्य किया।
कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए
दीपा साहू ने कहा कि कांग्रेस ने सोनिया जी की अध्यक्षता में ये संस्कार और मूल्यविहीन एवं संविधान को चोट पहुंचाने वाला काम किया है। संसद में और सड़क पर कांग्रेस और उनके नेताओं को देश की प्रथम नागरिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी और देश से माफी मांगनी चाहिए।
वैसे भी देश और दुनिया जानती है कि कांग्रेस आदिवासी विरोधी, गरीब विरोधी और महिला विरोधी है। लेकिन कांग्रेस का इस हद तक गिर जाना कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन एक आदिवासी और गरीब परिवार की महिला का इस प्रकार अनादर करना, उनकी गरीमा पर प्रहार करना।
