बालोद। आज हरियाली अमावस्या का पर्व है। जिसे छत्तीसगढ़ में हरेली कहा जाता है। यह इस राज्य का पहला त्यौहार है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति को संरक्षण को लेकर इसे विशेष रूप से मनाया जाता है। तो वही हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर लगाने को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किया गया है। तो साथ ही हर सरकारी दफ्तरों में राज गीत अरपा पैरी के धार से कामकाज की शुरुआत करने की बात कही गई है। सरकार ने तो यह पहल हाल ही में की है लेकिन बालोद जिले के गुरुर ब्लाक के ग्राम सरबदा के युवाओं ने छत्तीसगढ़ महतारी के प्रति अपना स्नेह, प्रेम पहले से ही बरकरार रखा है। और यहां 7 माह पहले छत्तीसगढ़ महतारी का मंदिर बनाकर मूर्ति स्थापना कर रोज यहां अरपा, पैरी गीत से आराधना होती है। गांव में छत्तीसगढ़ महतारी के प्रति सम्मान बढ़ाने के लिए यह पहल की गई है। ताकि लोग अपनी संस्कृति, सभ्यता से जुड़ाव रखें। हरेली के दिन भी युवा यहां विशेष पूजा करेंगे। युवा अगर एकजुट हो जाए तो कई रचनात्मक कार्य कर सकते हैं और समाज में ऐसे बदलाव ला सकते हैं जो दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत हो। ऐसे ही कुछ अलग कर रहे हैं गुरुर ब्लॉक के ग्राम सरबदा के 26 युवा। जिन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी सेवा समिति के नाम से संगठन बनाया हुआ है। नाम के अनुरूप ही इन युवाओं ने स्वच्छता, सेवा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति स्थापित की है। गणतंत्र दिवस पर गांव में इस मूर्ति की स्थापना का कार्यक्रम हुआ है। आसपास के इलाकों में छत्तीसगढ़ महतारी के मूर्ति स्थल के नाम से यह पहली जगह है। अब सरकार द्वारा स्वयं छत्तीसगढ़ महतारी के छवि चित्र को दफ्तरों व सार्वजनिक जगहों पर लगाने का निर्देश दिया गया है जिसके बाद से यह गांव चर्चा में आ गया है। क्योंकि आमतौर पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति नजर नहीं आती। छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों में अच्छी बातों का संचार करने के लिए इस मूर्ति को स्थापित किया गया है। तो साथ ही अपने संगठन की एकजुटता को यादगार रखने के लिए यह पहल युवाओं ने मिलकर की है। ताकि अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित हो सके। गांव के 26 युवा इस संगठन में शामिल है। वैसे तो इस संगठन की शुरुआत पिछले साल आजादी के पूर्व स्वतंत्रता दिवस से हुई थी। धीरे-धीरे छोटे-छोटे सामाजिक कार्यों के जरिए गांव के युवाओं ने अपनी एकता को और भी मजबूत किया और कुछ अच्छा करने की सोच के साथ आगे बढ़ते रहें। इस कार्य में गांव के पढ़े-लिखे युवा, खेती किसानी करने वालों के अलावा देश सेवा में जुटे हुए युवा भी शामिल है। जो गांव से बाहर रहते हैं पर संगठन को आर्थिक मदद कर गांव के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। पुलिस व आर्मी में पदस्थ युवा इस संगठन की महत्वपूर्ण कड़ी है। जो इसे मजबूती दे रहे हैं। गांव के युवाओं ने बताया कि उनका उद्देश्य स्वच्छता, सेवा के अलावा छत्तीसगढ़ संस्कृति को बढ़ावा देना है। वे स्वयं संगठन के माध्यम से गांव में स्वच्छता का कार्य करते ही हैं। तो वहीं कई सार्वजनिक आयोजन व निजी आयोजनों में भी श्रमदान करते हैं। लोगों की मदद को बढ़ावा देते हैं। कहीं कोई आयोजन होता है तो उसमें भी वह हाथ बटाते हैं। गांव के अलावा दूसरे गांव में भी वे सार्वजनिक आयोजनों में स्वच्छता व सेवा कार्य के लिए जुट जाते हैं।
शहीदों की स्मारक में अमर ज्योति जलाने की भी तैयारी
युवाओं ने बताया कि गांव में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति स्थापित किए ही हैं, शहीदों की याद को ही यादगार रखने के लिए अब इस जगह पर अमर ज्योति स्थापित करने की तैयारी भी चल रही है। ताकि यह स्थल और भी महत्वपूर्ण हो जाए। छत्तीसगढ़ की संस्कृतियों पर आधारित पर्वों को इस स्थल पर मनाएंगे तो वहीं लोगों को भी अपनी संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
ये युवा जुटे हैं नेक काम में
दुलेश्वर साहू,तेजप्रताप,मुनींद्र
चंद्रकांता सिन्हा, धर्मेंद्र कुमार, मोहित सिन्हा,नरेंद्र साहू,शेखर
देववर्ता निषाद, देवराज साहू
नीरज साहू,धनेंद्र साहू,याद राम, राजेश कुमारसिन्हा,राजेश कुमार साहू, गोपेश साहू,युवराज साहू
एवन साहू,कमल किशोर,मानस साहू, किशन साहू,किशन सर्वा,रूप राम साहू,सूरज यादव,प्रवीण साहू
