जिले भर के सैकड़ों मरीज पहुंचते हैं यहां

बालोद। बालोद जिले में सरकारी अस्पताल में तो फिलहाल डायलिसिस की सुविधा नहीं मिल पा रही है। लेकिन गंजपारा में संचालित मल्टीस्पेशलिटी नरसिंह अस्पताल द्वारा शासन की आयुष्मान कार्ड योजना के तहत निशुल्क डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है। जो कि किडनी कब मरीजों के लिए वरदान साबित हुआ है। यहां डायलिसिस सुविधा शुरू होने से अब लोगों को राजधानी का सफर तय नहीं करना पड़ता है। पहले भिलाई या रायपुर के भरोसे डायलिसिस के लिए किडनी के मरीज रहते थे। उन्हें हफ्ते में दो-तीन दिन रायपुर की दौड़ लगानी पड़ती थी। जिससे वे काफी थक जाते थे। तो आने जाने में आर्थिक मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती थी।

पर अब जिला मुख्यालय बालोद के गंजपारा में खुले अस्पताल में निशुल्क सुविधा से उनकी जिंदगी आसान हो गई है। ऐसे मरीजों का जीवन वैसे ही मुश्किलों से भरा रहता है। उनकी मुश्किलों को कम करने का प्रयास नरसिंह अस्पताल में हुआ है। यहां रोज कई मरीज डायलिसिस कराने के लिए आते हैं। जिले के कोने-कोने से लोग यहां डायलिसिस के लिए पहुंचते हैं। जो पहले रायपुर या भिलाई जाया करते थे। अब यहीं आते हैं। क्योंकि यहां सरकार की योजना के तहत आयुष्मान कार्ड से निशुल्क डायलिसिस की सुविधा मिल जाती है। इसके अलावा कई विशेषज्ञ की सेवाएं भी यहां मिलती है। जिनके लिए पहले लोगों को राजधानी तक जाना पड़ता था।
मरीज ने बताई अपनी कहानी,,,,

उत्तम कुमार देशमुख निवासी गोंड़मर्रा ने बताया कि मैं पिछले 4 साल से किडनी का पेशेंट हूं। जब मेरी किडनी खराब हुई तो पता चला मेरी जन्मजात एक ही किडनी थी। आमतौर पर लोग यही जानते हैं कि हर इंसान की दो किडनी रहती है। लेकिन मेरी शुरुआत से ही एक ही किडनी थी। पर वह खराब हुई तो मानो ऐसा लगा कि अब तो सब खत्म हो गया। पर डायलिसिस से जीवन की गाड़ी धीरे-धीरे चलनी शुरू हुई। हफ्ते में 2 से 3 दिन बालोद से रायपुर का सफर तय करना मुश्किल भरा रहता था। पर उन्होंने हार नहीं मानी।
अब मुश्किलें हुई कम, सुविधा बढ़ी
डायलिसिस के बाद भी फिट दिखने वाले उत्तम देशमुख ने कहा वर्तमान में बालोद के नरसिंह मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में डायलिसिस करवा रहा हूं। हफ्ते में मुझे तीन बार डायलिसिस करवाना पड़ता है। जिसके लिए मैं यहीं आता हूं और यहां मुझे अच्छी सुविधा मिलती है। उन्होंने सुझाव दिया कि अपनी लाइफ स्टाइल, डाइट ,सामान्य रूप से अच्छे से परहेज रखना चाहिए। बीपी की दवाई नियमित खाते रहना चाहिए। दवाई बंद नहीं करनी चाहिए। दवाई बंद करने से घातक स्थिति निर्मित हो सकती है। डॉक्टर के निर्देशों का पालन करते रहें। पानी कम पीते हैं। क्योंकि पानी किडनी पेशेंट लिए जहर का काम करता है। इसलिए पानी सीमित मात्रा में पीनी पड़ती है। अपने वजन का ध्यान रखें। वजन को ज्यादा बढ़ने ना दे। साथ में किडनी के विशेषज्ञ से सलाह लेते रहे। चेकअप करवाते रहे। ब्लड टेस्ट सहित अन्य टेस्ट करवाती रहे। मैं इसके पहले रायपुर में बाइक से डायलिसिस के लिए जाता था। जो मेरे गांव से काफी दूर था। मुझे आने जाने में बहुत परेशानी थी। 80 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। अकेला जाता था। जब से नरसिंह अस्पताल खुला है मैं 6 माह से यहीं डायलिसिस करवाने आ रहा हूं। यहां के टेक्नीशियन बहुत अच्छे हैं। अच्छी जानकारी रखते हैं। डायलिसिस, किडनी मरीजों के लिए सबसे बड़ी दवा है। डायलिसिस निरंतर कराते रहिए। यही हमारी दवाई है इस पर कोई मेडिसिन काम नहीं करता। शुगर बीपी की दवाई लेते रहना है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के प्रति धन्यवाद जताया कहा कि डायरेक्टर डॉ तारेश रावटे के प्रयास से मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल बालोद में खुला है जो व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रहा है। बालोद जिले में डायलिसिस की सुविधा नहीं थी। किडनी के मरीज को भिलाई या रायपुर जाना पड़ता था। लेकिन अब नरसिंह अस्पताल में सुविधा मिल रही है और एक बड़ी बात ये भी है कि यहां आयुष्मान कार्ड से बेहतर ढंग से इलाज किया जाता है। डायलिसिस करवाने वाले लोगों को इससे काफी सुविधा होती है। उन्हें यहां पर आयुष्मान कार्ड से निशुल्क डायलिसिस की सुविधा दी जाती है।

डॉक्टर तारेश कुमार रावटे डायरेक्टर, डॉक्टर जॉनाथन अश्वन मेडिकल डायरेक्टर
ने बताया प्रतिदिन 6से 7 डायलिसिस व माह में 150 से अधिक डायलिसिस यहां हो रहा है। यह जिला का पहला मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल है जहां एडवांस लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के साथ आर्थोस्कोपिक सर्जरी ,ज्वाइंट रिप्लेसमेंट ,न्यूरोसर्जरी के ऑपरेशन की भी सुविधा उपलब्ध है। पॉजिटिव व नेगेटिव दोनो के लिए अलग-अलग मशीन होने के कारण सुरक्षित डायलिसिस प्रक्रिया होती है। इसके अलावा यहां पूर्णकालिक मेडिकल क्रिटिकल केयर इंटेंसिविस्ट के साथ 8 बेड का आईसीयू वेंटीलेटर सुविधा भी उपलब्ध है।
यह सुविधाएं भी साथ-साथ जो बढ़ाती है इलाज की गुणवत्ता

डायरेक्टर डॉ तारेश कुमार रावटे ने बताया कि अस्पताल से संबंधित डायग्नोस्टिक एवं रिसर्च सेंटर में 24 घंटे× सातों दिन पैथोलॉजी एवं रेडियोलॉजी, एडवांस सिटी स्कैन 32/96 स्लाइस सुविधा मिलती है। इन कारणों से इलाज की गुणवत्ता को भी समर्थन मिलता है। अलग से किसी भी तरह के जांच के लिए भी लोगों को बालोद जिला मुख्यालय से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

