अब तक सुनवाई ना होने से पीछे हटे कदम
सरकार को देंगे 1 माह की मोहलत, फिर प्रदेश स्तर पर चलेगा आंदोलन
बालोद। छत्तीसगढ़ मध्यान्ह भोजन रसोईया संघ बालोद जिला स्तरीय बैठक सोमवार को गंगा मैया मंदिर परिसर झलमला में हुई। जिसमें 12 जुलाई से जारी अनिश्चितकालीन आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति तय की गई। रसोइयों ने कहा कि अभी तक बालोद जिले में ही ये आंदोलन हुआ है जिसके चलते अपेक्षित परिणाम नहीं आ रहा है। जिसे देखते हुए रसोइयों ने तय किया है कि वे 1 अगस्त से अपने काम पर लौटेंगे। फिलहाल 30 जुलाई तक आंदोलन जारी रहेगा। बालोद के साथ-साथ बस्तर जिले में भी सोमवार को आंदोलन शुरू हुआ है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि शासन प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीर नहीं है। तो वहीं सिर्फ बालोद जिले में ही आंदोलन होने के चलते वे उच्च स्तर पर दबाव नहीं बना पा रहे थे। जिसके चलते अब पूरे प्रदेश स्तर पर आंदोलन की रणनीति बनाई जा रही है। प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों से चर्चा के बाद रसोइयों ने बैठक में तय किया है कि 1 माह तक सरकार को समय देकर देखते हैं। अगस्त में पहले की तरह पूरे महीने भर रसोइए काम करेंगे। उसके बाद भी शासन प्रशासन द्वारा अगर उनके मानदेय में वृद्धि नहीं की गई तो फिर 1 सितंबर से फिर से पूरे प्रदेश स्तर पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू होगा। इसके पूर्व सभी जिलों में बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी। रसोईया संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि 1 अगस्त से वे काम पर लौटेंगे तो पहले की तरह सुबह 10:30 से 3:00 तक काम करेंगे। डेढ़ घंटे को लेकर जो आदेश हुआ है उसे अभी पालन नहीं करेंगे। पहले की तरह वे काम करते रहेंगे। रसोइयों का कहना है कि स्व सहायता समूह से समर्थन ना मिल पाने की वजह से बालोद जिले में हड़ताल को स्थगित करना पड़ रहा है। कुछ रसोइए ने बताया कि कुछ जगह स्व सहायता समूह के लोग उन पर दबाव बनाया जा रहा है। रसोईया संघ के जिलाध्यक्ष पंचू राम देशमुख का कहना है कि हर नागरिक को अपनी मांग को रखने का अधिकार है। पर संचालन कर्ता समूह द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। झलमला में हुई बैठक में जिलाध्यक्ष पंचू राम देशमुख सहित द्वारका प्रसाद, रमेश कुमार, गेंदलाल, त्रिवेणी यादव, नूकेश राम, प्रमोद कुमार यादव, रघुवीर सिंह, दुलारी बाई, भाग्यवती रंगारी, सुलोचना बाई आदि मौजूद रहे।
