आरटीओ कार्यालय में दिव्यांगों व बस संचालकों के बीच हुई बैठक
बालोद। जिले के दिव्यांगों के साथ अब बस चालक, कंडक्टर आदि दुर्व्यवहार नहीं कर सकेंगे। जो बस पास उन्हें जारी हुआ है उसके तहत दिव्यांगों को सफर के दौरान किराया वसूला नहीं जाएगा। उन्हें बकायदा आरक्षित सीटों पर बैठने की सुविधा भी दी जाएगी। बता दें कि विगत दिनों छत्तीसगढ़ विकलांग मंच के नेतृत्व में जिले के दिव्यांगों ने जनदर्शन में पहुंचकर कलेक्टर को यह शिकायत की थी कि बस संचालक, चालक और कंडक्टर उनसे किराया वसूलते हैं। जबकि बस पास के तहत उनसे किराया नहीं लिया जा सकता और तो और दिव्यांगों के सहयोगियों को भी किराया वसूला जाता है। अगर किराया ना दे तो उन्हें बस से उतारकर दुर्व्यवहार किया जाता है। इसकी शिकायत विकलांगों ने की थी। जिसे कलेक्टर ने गंभीरता से लिया और जांच के आदेश दिए थे। जिसके बाद जिला परिवहन अधिकारी द्वारा भी इस पर पहल की गई और शुक्रवार को दिव्यांगों व बस संचालकों की बैठक बुलाई गई।

पाकुरभाट के आरटीओ दफ्तर में हुई इस बैठक में परिवहन विभाग के अधिकारी प्रकाश कुमार रावटे ने बस चालको को सख्त हिदायत दी कि दिव्यांगों की सुविधा का पूरा ध्यान रखें। उनके साथ दुर्व्यवहार न करें और उनसे किराया ना वसूलें। दिव्यांगों को कहा गया कि अगर किसी के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है, उनसे किराया वसूला जाता है तो इसकी शिकायत करें और संबंधित बस का नंबर नोट कर लाए। उसके बाद संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। दिव्यांगों के साथ जाने वाले एक सहयोगी से भी अब कोई किराया ना वसूलने के निर्देश दिए गए। तो बस संचालकों को हिदायत दी गई कि जिस तरह महिलाओं के लिए सीट आरक्षित है उसी तरह दिव्यांगों के लिए भी आरक्षित करने का नियम है। कहीं दिव्यांग बस पर सवार होते हैं तो उन्हें बैठने दें। उनसे किराया ना वसूलें, उनके साथ अच्छा व्यवहार करें। बसों में दिव्यांगों की सुविधा से संबंधित स्टीकर, पंपलेट आदि भी चिपकाए। परिवहन विभाग द्वारा उन्हें स्टीकर भी दिया जाएगा। इस बैठक में विकलांग मंच के जिला अध्यक्ष हरिराम कोरार्म, उपाध्यक्ष दल्लूराम, कपिल, राकेश कुमार, टेकराम साहू,अशकुमार, भूपेंश कुमार, सुदामा साहू,जीवधर ठाकुर, प्रदेश प्रभारी शिव कुमार साहू मौजूद रहे।
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