आनेवाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण को इतना नुकसान न पहुंचाएं कि उनका सांस लेना भी मुश्किल हो जाए – घनश्याम चंद्राकर
बालोद। आम आदमी पार्टी बालोद जिले के सभी विधानसभाओं के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने अपने विधानसभा के विधायको से सवालों भरा ज्ञापन सौंप के उनकी राय को पूछा है,क्या हसदेव अरण्य बचाने उनके विधायको की विचारधारा है। साथ ही महत्वपूर्ण रूप में यह भी पूछा की विधायकगण राहुल गांधी जी के पक्ष में है या भूपेश बघेल जी के। राहुल गांधी जी हसदेव अरण्य को बचाने विरोध किए थे जब छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार थी और अब भूपेश बघेल अपने ही पार्टी के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी के विचारो के विरुद्ध हसदेव अरण्य को खुद कटवाने मंजूरी दे दिए है।देखना यह है की विधायक गण,जनता से जुड़े सवालों का जवाब देना लाजमी समझते है या नही,और अगर समझते है तो क्या होगा उनका जवाब क्योंकि कांग्रेस पार्टी के नेताओ में विचारधाराएं अलग अलग प्रतीत होने लगी है,मानो कांग्रेस पार्टी खुद में दो खूंट होकर चल रही हो।ज्ञापन देने घनश्याम चंद्राकर प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक आरदे जिला अध्यक्ष डेविड बारले राज्य पर्यवेक्षक चोवेन्द्र साहू राज्य पर्यवेक्षक कामता प्रसाद भंडारी सचिव विशेश्वर सिन्हा विधानसभा अध्यक्ष डौंडीलोहारा शंकर बंजारे संगठन मंत्री गुंडरदेही विनय गुप्ता विधानसभा अध्यक्ष गुंडरदेही महेश गुप्ता आप नेता उमेश देशमुख आप नेता सरजू देशमुख हरिप्रसाद बालक दास गेंद्रे हीरामन दास मानिकपुरी के न्यू विश्वकर्मा शतरूपा भाई पटेल संतोषी धनकर छत्तर सिंह मानकर श्याम लाल गेंदले अमित भास्कर भोज साहू प्रदीप हिरवानी विधानसभा उपाध्यक्ष सजारी बालोद,विनय गुप्ता गुंदरदही विधानसभा अध्यक्ष सहित आप के कार्यकर्ता गण सभी विधानसभाओं में उपस्थित होकर विधायक गण को ज्ञापन दिया,इस सवालों से भरे ज्ञापन में 10 महत्वपूर्ण सवाल किए गए है।

सवाल का मांगा जवाब
- क्या लाखों की संख्या में विशाल वृक्षों की कटाई सही है.?
- क्या इस जंगल की कटाई का दुष्प्रभाव प्रदेश नहीं झेलेगा.?
- क्या हसदेव जंगल को काटे बिना दूसरे विकल्प पर विचार नहीं किया जाना चाहिए.?
- हसदेव के जंगलों में कोयला खदानों के लिए जंगलों को काटने से भविष्य में जनता के लिए गंभीर जलसंकट आ जाएगा, इस पर आप सहमत हैं?
5.हसदेव के जंगल कटने से अहीरिन नदी में पानी खत्म होगा जिससे बिलासपुर की अमृत मिशन योजना असफल हो जाएगी इस पर क्या आप सहमत हैं?
6.हसदेव के जंगल कटने से बांगो डैम में सिल्ट जल्दी भरने से उसका जीवन आधा हो जाएगा जिससे जांजगीर चांपा क्षेत्र में सिंचाई नहीं हो पाएगी क्या इससे आप सहमत हैं?
- बांगो डैम में जल्दी सिल्ट भरने से उससे मिलने वाली 120 मेगावाट बिजली नहीं बनेगी क्या इससे आप सहमत हैं?
- हसदेव के जंगलों में खदानों के लिए फर्जी ग्रामसभा के आरोपों की जांच होनी चाहिए क्या इससे आप सहमत हैं?
- पर्यावरण और वन्य पशु पक्षियों के संरक्षण के लिए हसदेव के जंगलों को सुरक्षित रहना चाहिए, क्या इससे आप सहमत हैं?
- कर्क रेखा जिनसे गुजरती है छत्तीसगढ़ के मध्य क्षेत्र में वर्षा के लिए आवश्यक ऐसे हसदेव के घने जंगलों का संरक्षण जरूरी है, क्या इस बात से आप सहमत हैं?
इसके साथ ही आप नेताओ ने मुख्यमंत्री व छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के राज में पर्यावरण पर पड़ रहे दुष्प्रभाओं पर कहा।
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष घनश्याम चंद्राकर ने कहा जीवन के लिए जल और ऑक्सीजन की जरुरत पडती है। हसदेव अरण्य के सैकड़ों हज़ारो साल के जंगलों को कटवाकर मुख्यमंत्री जी मध्य भारत का पर्यावरण ही खतरे में डाल रहे है और हम सभी का और आने वाली पीढ़ी का जीवन भी खतरे में डाल रहें हैं। घनश्याम चंद्राकर प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि कल का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बयान “हसदेव अरण्य में पेड़ काटे जाने पर कुछ लोग सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। कोयला चाहिए तो खदान चलानी पड़ेगी। इस साल यहां 8 हजार पेड़ काटे जाएंगे, लेकिन कुछ लोग 8 लाख पेड़ कटने का हल्ला कर रहे हैं। जो लोग विरोध कर रहे हैं वे पहले अपने घर की बिजली बंद कर दें । एसी, कूलर, पंखा, फ्रीज सब बंद करें और फिर मैदान में आकर लड़ें” हास्यास्पद है। मुख्यमंत्री जी शायद भूल गये हैं कि एसी कूलर पंखा के बिना रहा जा सकता है पर जल और वायु के बिना नहीं। आज भी गांव और शहरों बहुत से लोग ए सी कूलर के बिना रह रहे हैं और गांव के लोगों और आदिवासियों ने एसी कूलर का उपयोग तो जीवन में कभी किया ही नहीं होगा। भूपेश जी शहरों में पेड़ों की छाँव के लिए लोग तरस जाते हैं और आप लाखों पेड़ों को कटवाने पर अड़े हुए हैं?
स्टेट ऑब्जर्वर दीपक आरदे ने सवालात करते हुए कहा क्या छत्तीसगढ़ में कोयला सिर्फ हसदेव में ही है अन्यत्र भी उपलब्ध है यहां आसान है इसलिए आप अपने मित्र को लाभ पहुंचाने उनकी गोदी में ही जा बैठे। बहुत से इलाके है जहा कोयला है वहा से खनन करवाए इस क्षेत्र को जैसा है वैसा ही रहने दे ये हमारी चेतावनी समझे।
पेड़ों के कटने से आक्सीजन की कमी होगी जल स्तर कम होगा, गर्मी बढ़ेगी। निश्चित ही पर्यावरण असंतुलन बढेगा। वन्य जीवों का जीवन संकट बढेगा। हसदेव अरण्य के जंगलों पर अभी भी वहां के आदिवासियों कि रोजी रोटी चलती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी अभी भी समय है हसदेव में पेड़ों की कटाई बंद करवाइये वर्ना प्रकृति आपको कभी माफ़ नहीं करेगी।
आप डौंडी लोहारा वि.स. अध्यक्ष बिशेसर सिन्हा ने अंत में कहा कि मुख्यमंत्री साहब तो गांव से है आप पर्यावरण का अर्थ समझते है अब समझ लीजिए प्रकृति ने झाड़ू वालो को राजनीति साफ करने और पर्यावरण बचाने आम आदमी पार्टी वालो को भेजा है और हमने अब ठान लिया है जब कायनात भी साथ देने लगे तो आपका दोगला पन जनता को भटका नही पाएगा और आप अपने नेता राहुल गांधी के वादे को ही झूठा साबित कर रहे है।
