शिक्षकों ने भी याद किया मिट्टी को,,,ऑनलाइन हुआ आओ माटी का मान बढ़ाएं कार्यक्रम,,,,,



बालोद। नावल टीचर्स क्रियेटिव फाउंडेशन के शिक्षक सदस्यों द्वारा माटी पूजन दिवस के अवसर पर आओ माटी का मान बढ़ायें आनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया.छत्तीसगढ़ की समृद्ध और गौरवशाली संस्कृति के माध्यम से धान के कटोरा में विराजित छत्तीसगढ़ महतारी के वैभव को लौटाने का प्रयास किया गया है. सभी शिक्षक साथियों ने माटी के प्रति प्रतिबद्धता को माटी बचाओ अभियान से जोड़ते हुए अपनी रचना, कविता, गीत,गतिविधियों का बेहतरीन प्रस्तुतियां दी. कार्यक्रम के आरंभ में श्रीमती प्रतिभा त्रिपाठी ने सरस्वती वंदना एवं सुश्री हिमकल्याणी सिन्हा ने राजगीत की सुमधुर स्वर में प्रस्तुति दी.अरुण कुमार साहू अध्यक्ष एनटीसीएफ ने अतिथि वक्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए साफ पानी, शुद्ध हवा और उपजाऊ मिट्टी को बचाना है. माटी होही तोर चोला गीत के माध्यम से मिट्टी से जीवन के जुड़ाव को व्यक्त किया.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिवकुमार अंगारे ने मिट्टी की महिमा पर गीत प्रस्तुत करते हुए कहा कि माटी के महिमा अड़बड़ भारी, माटी हे अनमोल हमें अपने खेत,बगीचों और घरों में जैविक खाद का उपयोग करना चाहिए. श्रीमती रंजना साहू ने कहा कि हम एक देश की अलग अलग माटी और संस्कृति में पले बढ़े हैं लेकिन हम अपने देश के प्रति समर्पित एक ही दीन धर्म के मानने वाले सच्चे नागरिक बनें. श्रीमती बोधनी यदु ने कविता में मिट्टी के प्रति अपनी मार्मिक व्यथा करते हुए कहा कि माटी ही हमारी जिंदगी का बिछौना है .जंगल के पेड़ों को काटकर खत्म किया जा रहा है. मीना भारद्वाज ने कहा कि हम मिट्टी के अंश हैं आओ पेड़ लगाओ धरती बचाओ तभी इस पर बसेरा कर पायेंगे. प्रतिभा त्रिपाठी ने कहा कि मिट्टी में ही मिलना है आओ कदम बढ़ायें माटी का कर्ज चुकायें.श्रीमती पुष्पा चौधरी ने कहा कि आधुनिक समाज में हमें एक शिक्षित एवं सभ्य नागरिक की तरह प्रकृति से व्यवहार करना चाहिए. माटी के प्रति जवान,किसान और नौजवान साथियों को अपना फर्ज निभाना है. शिल्पी राय ने बच्चों की गतिविधियों के बारे में बताया कि उन्होंने बाटनिकल गार्डन और औषधीय पौधों का रोपण कर बच्चों को परिचित कराया है. लिली पुष्पा एक्का ने आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि हमें अपने बच्चों को स्वस्थ मिट्टी में खेलने देना चाहिए ताकि उनकी प्रतिरोधी क्षमता बनी रहे. कार्यक्रम का संचालन करते हुए कैशरीन बेग ने कहा कि मिट्टी हमारे संस्कार का हिस्सा है लोगों को रासायनिक खेती के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक कर जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. कार्यक्रम में एनटीसीएफ के विभिन्न जिले के शिक्षक सदस्य दीनबंधु सिन्हा, मंजू साहू,अंजली कुमार,मोनू गुप्ता, वारुणी दिल्लीवार, पूसन साहू ने भी अपने विचार व्यक्त किये.

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