अपने अच्छे कार्यों से बालोद जिले के इन थाना प्रभारियों ने बनाई थी जनता में अलग पहचान, तबादले के बाद किए जाएंगे याद



बालोद। पुलिस स्थापना बोर्ड के नियम अनुसार प्रशासनिक दृष्टिकोण से पूरे छत्तीसगढ़ में 318 पुलिस निरीक्षक, उप निरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक व प्रधान आरक्षक, आरक्षकों का तबादला आदेश जारी किया गया है। जिसमें बालोद जिला भी प्रभावित हुआ है। इस आदेश के तहत बालोद जिले में लंबे समय से पदस्थ 6 निरीक्षकों (थाना प्रभारी) को अन्यत्र जिला तबादला किया गया है। तो वहीं 3 निरीक्षक दूसरे जिले से आकर बालोद में जॉइनिंग लेंगे। बालोद से तबादला होने वालों की सूची देखें तो वर्तमान में बालोद के थाना प्रभारी मनीष शर्मा का दुर्ग जिला, यातायात थाना बालोद के प्रभारी नवल किशोर कश्यप का रायपुर जिला, महिला सेल की प्रभारी निरीक्षक पदमा जगत का सुकमा जिला, अर्जुंदा थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू का रायपुर जिला, गुरुर थाना प्रभारी रोहित मालेकर का रायपुर जिला में तबादला हुआ है। इसी तरह डौंडी के थाना प्रभारी अनिल ठाकुर का मानपुर मोहला तबादला किया गया है। बालोद जिले में अन्य जिलों से तीन निरीक्षक आ रहे हैं। जिनमें राकेश ठाकुर रायपुर से, वीणा यादव महासमुंद से, गायत्री शर्मा साहू कोरबा से आ रही हैं।

यह रही है यहां से जाने वाले निरीक्षकों की खासियत

जो थाना प्रभारी बालोद जिले से स्थानांतरित होकर अन्य जिला जा रहे हैं उनकी कुछ खासियत भी रही है। जैसे क्रमशः बात करें बालोद थाने के निरीक्षक मनीष शर्मा, जो इसके पहले गुरूर और अन्य थानों में भी पदस्थ रहे। उनके नेतृत्व में बालोद जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्र में कई गंभीर अपराधों में तत्परता से कार्रवाई की गई। आरोपियों की धरपकड़ निरंतर जारी रही। चिटफंड, हत्या, बड़े-बड़े मामलों का खुलासा मनीष शर्मा ने किया। अर्जुंदा में पदस्थ रहे कुमार गौरव साहू स्पेशल टीम के अक्सर प्रभारी बनाए जाते थे। हत्या लूटपाट सहित कई गंभीर मामलों में उन्हें जांच का जिम्मा दिया जाता था। जिसमें वे हमेशा सफल रहे हैं और कई केस सुलझाए हैं। गुरुर में पदस्थ रहे रोहित मालेकर पहले साइबर सेल का भी काम देखते थे और वे साइबर एक्सपर्ट के रूप में जाने जाते हैं। लोगों को साइबर क्राइम के प्रति जागरूक करने में उनकी अहम भूमिका रही है। महिला सेल के प्रभारी पद्मा जगत नारी शक्ति को संगठित करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई है। महिला कमांडो हो चाहे महिला स्व सहायता समूह हो या कॉलेज की छात्राओं, उन्हें आत्मरक्षा के गुर सिखाने, हर हालात का सामना करने और गलत का विरोध करने के लिए ट्रेनिंग देती थी। हाल ही में अभिव्यक्ति ऐप के प्रचार प्रसार में भी उन्होंने कड़ी मेहनत की थी। थाना प्रभारी डौंडी अनिल ठाकुर भी लगातार जंगल क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में काम करते रहे। क्षेत्र में जहां कई गंभीर घटनाएं होती थी उनमें आरोपियों की पतासाजी, दुष्कर्म के कई मामलों में गिरफ्तारी उनकी उपलब्धि रही है। तो वहीं यातायात प्रभारी नवल किशोर कश्यप भी जिला मुख्यालय बालोद व आसपास की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए प्रयासरत रहते थे।

लंबे समय से एक ही जिले में पदस्थ निरीक्षक हुए प्रभावित

बड़ी संख्या में जारी इस तबादला लिस्ट में खासतौर से लंबे समय से एक ही जिले में पदस्थ रहे निरीक्षक, उप निरीक्षक व अन्य स्टाफ प्रभावित हुए हैं। जिन्हें एक जिले से दूसरे जिले में शिफ्ट किया जा रहा है ताकि इससे पुलिस प्रशासनिक कसावट बनी रहे। अक्सर एक जगह पर लंबे समय से पदस्थ रहने के कारण कार्यों में लापरवाही व संवेदनशीलता का अभाव दिखता है। वही गड़बड़ी की आशंका भी बनी रहती है। जिसके चलते मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है। जिससे बालोद जिले के थाना प्रभारी भी प्रभावित हुए हैं। हालांकि जो भी थाना प्रभारी बालोद जिले से अन्यत्र जिले में स्थानांतरित होकर जा रहे हैं वह बालोद जिले के अपने कार्यकाल में पूरी तरह निर्विवाद रहे हैं और अपने अच्छे कार्यों से अपनी अलग पहचान कायम रखे हुए थे। लगातार शराब, सट्टा, जुआ सहित अन्य गंभीर अपराधों में भी आरोपियों को पकड़ने में हमेशा ये थाना प्रभारी आगे रहे हैं। जनता के बीच अपनी अमिट छाप बना चुके इन सभी थाना प्रभारियों के तबादला होने से जनता में भी एक मायूसी देखने को मिल रही है तो वहीं जो नए थाना प्रभारी जो आने वाले हैं उनको लेकर भी उत्सुकता है।

अभी तय नहीं है कौन सा थाना देंगे
अभी सिर्फ एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरण किया गया है। किस निरीक्षक को कौन सा थाना का प्रभारी बनाया जाएगा अभी कोई तय नहीं है। जिले में जॉइनिंग देने के बाद वहां के एसपी उन्हें थानों का आवंटन करेंगे। तो वही बाहर से जो भी निरीक्षक बालोद जिले में आ रहे हैं उनके थानों का निर्धारण भी अभी नहीं हुआ है। उनके जॉइनिंग के बाद यहां के एसपी गोवर्धन ठाकुर उन्हें थाना में पदस्थ करेंगे। जिन थानों के निरीक्षकों को यहां से दूसरे जिले भेजा जा रहा है उनके जगह पर बाहर से आने वाले निरीक्षकों को पदस्थ किया जा सकता है। पर किसे कौन सा थाना दिया जाएगा अभी निश्चित नहीं है। बालोद थाने में राकेश ठाकुर निरीक्षक को पदस्थ किए जाने की चर्चा है हालांकि अभी इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है ।

नए थाना प्रभारियों के आने के बाद आरोपियों के बीच बचेगी खलबली

कई अपराधों में संलिप्त आरोपी जो पहले भी गिरफ्त में आ चुके हैं और जमानत पर रिहा हैं लेकिन अपनी कृत्यों से बाज नहीं आए ऐसे लोगों के बीच नए थाना प्रभारियों के आने के बाद फिर से खलबली मचेगी। खासतौर से जुआ सट्टा शराब के कारोबार से जुड़े लोग आए दिन गिरफ्तार होते हैं लेकिन अपने कृत्य से बाज नहीं आते, ऐसे लोगों के बीच में थाना प्रभारी की पोस्टिंग से हलचल मचने वाली है। नए एसपी के दिशा निर्देशन में जिले भर में पुलिस व्यवस्था को फिर से मजबूत किया जाएगा।

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