
बालोद। पुलिस द्वारा अभिव्यक्ति जागरूकता सप्ताह का आयोजन 8 से 14 मार्च तक किया गया। जिसमें महिलाओं के विरुद्ध अपराध जैसे घरेलू हिंसा, लैंगिक उत्पीड़न, मानव तस्करी, साइबर सुरक्षा, पॉक्सो एक्ट, टोनही प्रताड़ना एवं अन्य विषय पर जागरूकता अभियान चलाया गया। इसका समापन 14 मार्च को टाउन हॉल बालोद में हुआ। जिसमें खेलकूद, निबंध, कविता, रंगोली प्रतियोगिता के साथ साथ बाइक रैली का आयोजन कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन हेतु जिला पुलिस बालोद के द्वारा अभिव्यक्ति, नारी के सम्मान की, का प्रतीक चिह्न दिया गया। अभिव्यक्ति जागरूकता का कार्यक्रम का समापन जनप्रतिनिधियों के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में महिला कमांडो की प्रमुख प्रेरक पद्मश्री शमशाद बेगम थी। अध्यक्षता जनपद पंचायत बालोद के अध्यक्ष प्रेमलता साहू ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में पार्षद दीप्ति शर्मा, पार्षद धनेश्वरी ठाकुर, पार्षद चमेली साहू, पार्षद पद्मिनी साहू, बगदई सरपंच मंजू साहू, छेड़िया सरपंच जया साहू, भेजा मैदानी सरपंच रेणुका गजेंद्र थी। कार्यक्रम में एसपी गोवर्धन राम ठाकुर सहित महिला सेल की प्रभारी पद्मा जगत व अन्य अधिकारियों ने महिलाओं को सम्मानित भी किया व अभिव्यक्ति ऐप का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने प्रेरित किया।
ऐसे चला पूरे सप्ताह कार्यक्रम

अभिव्यक्ति जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत प्रथम दिवस जिला मुख्यालय बालोद में जनप्रतिनिधियों व लोगों की मौजूदगी में ख्याति प्राप्त महिलाओं को आमंत्रित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। दूसरे दिन थाना राजहरा व डौंडी के शहरी क्षेत्र कॉलोनी, मोहल्ला, रहवासी क्षेत्र में बालोद पुलिस रक्षा टीम द्वारा घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, लैंगिक उत्पीड़न, साइबर सुरक्षा, पॉक्सो एक्ट, आत्म सुरक्षा, पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना की जानकारी दी गई। तृतीय दिवस अर्जुन्दा के जनजाति व ग्रामीण क्षेत्र में मानव तस्करी, कैरियर काउंसलिंग, स्वास्थ्य, स्वच्छता, टोनही प्रताड़ना, नशा मुक्ति, पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना की जानकारी दी गई। चौथे दिन रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि में जाकर लोगों को जागरुक किया गया। पांचवे दिन लोहारा थाना क्षेत्र के स्कूल, कॉलेज में व्यवसायिक शैक्षणिक संस्थानों में साइबर सुरक्षा कानून में महिलाओं को प्राप्त मूलभूत अधिकार, कैरियर काउंसलिंग की जानकारी दी गई। बाजार वाले स्थान गुंडरदेही क्षेत्र में जाकर टोनही प्रताड़ना अधिनियम दहेज प्रतिषेध अधिनियम व पौष्टिक आहार पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना की जानकारी दी गई।
