ऐसा है हाल- नई ई- पोस मशीन से नहीं हो पा रहा राशन वितरण, इससे अच्छा तो टेबलेट था, हितग्राही परेशान, अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान



बालोद। शासन के निर्देश पर खाद्य विभाग द्वारा सरकारी राशन दुकानों में राशन वितरण के लिए अब टेबलेट के बजाय ई पोस मशीन की व्यवस्था की गई है लेकिन यह नई व्यवस्था दुकानदारों के साथ हितग्राहियों के लिए भी सिरदर्द साबित हो रहा है। बार-बार सर्वर डाउन होने की समस्या के चलते राशन वितरण नहीं हो पा रहा है। तो हितग्राहियों को बार-बार सोसाइटी का चक्कर काटना पड़ रहा है। ऐन होली के त्यौहार में अनियमितता सामने आ रही है। जिसको लेकर ना तो खाद्य विभाग के अफसर गंभीर है ना ही शासन-प्रशासन। नतीजा परेशानी विक्रेताओं और हितग्राहियों को हो रही है। जो चावल शक्कर सहित अन्य राशन लेने के लिए सोसाइटी पहुंच रहे हैं। इस समस्या की जानकारी मिलने के बाद समाज सेवी संगठन हिंद सेना ने इसका समाधान निकालने की मांग की है व जिला खाद्य अधिकारी को इस संबंध में ज्ञापन भी दिया गया है। लेकिन संबंधित अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

हिंदसेना के प्रदेश मुख्य संयोजक तरुण नाथ योगी ने बताया कि नवीन ई-पोस मशीन में सर्वर बार-बार डाउन होने से राशन वितरण में कठिनाई सामने आ रही है। उक्त नवीन ई-पोस मशीन मार्च माह से लागू किया गया है। जिससे लगातार सर्वर की समस्या आ रही है। जबकि टेबलेट से राशन वितरण करने में कठिनाई नहीं हो रही थी। शासन द्वारा फरवरी-मार्च का राशन देने का निर्णय लिया गया है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र मालगांव, मुल्लेगुडा, हर्रा ठेमा जमरूवा की दुकाने अभी तक चालू नहीं हुई है। होली का त्यौहार नजदीक है और किसी को राशन वितरण नहीं हो पा रहा है। इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द करने की मांग खाद्य अधिकारी से की गई है। यह सुझाव भी दिया गया है कि टेबलेट चालू होने से समस्या का समाधान हो सकता है। समाजसेवी संगठन हिन्द सेना प्रशासन ने मांग की है कि इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने करें। ताकि होली के त्यौहार में लोगों को राशन लेने में कोई अड़चन का सामना ना करना पड़े।

तो क्या बेकार पड़े रहेंगे अब टेबलेट,,,,,

बताया जाता है कि केंद्र सरकार की योजना अब टेबलेट से राशन वितरण को लेकर नहीं है। पूर्व में ये व्यवस्था लागू किए थे। लेकिन अब शासन ने सभी राशन दुकानों के लिए ई पोस मशीन की सप्लाई की है। पहले टेबलेट खुद संचालकों ने खरीदा था वह भी अपने खर्चे पर। लेकिन अब उससे राशन वितरण करना नहीं है। यह भी शर्त रख दी गई है कि टेबलेट से राशन वितरण हुआ तो जो सब्सिडी राज्य शासन को मिलती है वह भी नहीं मिलेगी। इसलिए सब जगह ई पोस व्यवस्था लागू की जा रही है। ताकि पारदर्शिता भी बनी रहे। लेकिन यह नई व्यवस्था भी सिरदर्द साबित हो रही है। बड़ा सवाल यह भी है कि खुद के खर्चे पर खरीदे गए टेबलेट क्या अब बेकार पड़े रहेंगे। उनका उपयोग नहीं हो पाएगा। शासन द्वारा उसकी उपयोगिता ही खत्म की जा रही है।

सर्वर की दिक्कत तो पूरे छत्तीसगढ़ में हैं, सुधार का कार्य चल रहा

इस संबंध में जब हमने जिला खाद्य अधिकारी एचएल बंजारे से बात की तो उनका कहना था कि ई पोस मशीन में सर्वर की समस्या तो आ रही है । यह समस्या पूरे छत्तीसगढ़ में है। क्योंकि सिस्टम नया-नया है। सर्वर में सुधार को लेकर एनआईसी की टीम सहित हमारे प्रोग्रामर भी काम कर रहे हैं। कुछ जगह राशन वितरण में दिक्कत हो रही है। अभी ई पोस मशीन से ही राशन दिया जाना है। टेबलेट सिस्टम खत्म हो जाएगा। शासन का स्पष्ट निर्देश है। वरना फिर राज्य शासन को केंद्र सरकार से मिलने वाली सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। सर्वर में सुधार कार्य लगातार चल रहा है। तो वही नॉमिनी जोड़ने का काम भी चल रहा है। ताकि जो लोग बूढ़े हैं उन्हें राशन लेने में दिक्कत होती है। वह फिर नॉमिनी के जरिए सोसाइटी से राशन ले सकेंगे। टेबलेट संचालकों ने पहले स्वयं के खर्च से खरीदा था। अब ई पोस मशीन शासन द्वारा दिया जा रहा है।

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