ली जा रही सेल्फी विद सक्सेस और खुशनुमा बन रहा है कक्षा का वातावरण
बालोद। आधुनिक तकनीकी का उत्साही वातावरण का निर्माण करने वाले तकनीकी का दुरुपयोग के चक्कर में सकारात्मक के जगह नकारात्मक खबर लेते आई थी यह सेल्फी। अब शिक्षा विभाग सेल्फी के सकारात्मक प्रभाव को पुनः उजागर करने बच्चों को स्वप्रेरणा के साथ स्वयं से चुनौती लेने का वातावरण निर्माण हेतु राज्य के शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम एवं शिक्षा सचिव कमल प्रीत सिंह के निर्देशानुसार राज्य शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद के संचालक राजेश सिंह राणा आई ए एस, सहायक संचालक योगेश शिवहरे एवं नवा जतन के राज्य प्रभारी सुनील मिश्रा की पूरी टीम के द्वारा कोरोना काल में विद्यार्थियों में आए सीखने के मार्ग में बाधा और अंतराल अर्थात लर्निंग लास एवं लर्निंग गेप को दूर करने के लिए नए उपचारात्मक शिक्षण के 6 बिंदु में से आधुनिक तकनीकी के प्रयोग के साथ चुनौती देकर एक सेल्फी विद सक्सेस शुरू किया गया है। जो आधुनिक शिक्षा सूचना तंत्र का सफलतम प्रयोग है। जिनमें अन्य गतिविधियों के साथ शिक्षक अब बच्चों को विभिन्न सकारात्मक चुनौती देंगे। जिसके ऊपर प्राप्त सफलता के प्रतिफल के रूप में सेल्फी विद सक्सेस उन बच्चों के साथ लिया जाएगा, जो चुनौती को पूर्ण करेंगे और उसे विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चों के उत्साहवर्धन हेतु प्रचार एवं प्रसार करेंगे। विगत दिनों उक्त नवा जतन उपचारात्मक शिक्षण हेतु जिला शिक्षा अधिकारी एवं समग्र शिक्षा कार्यालय बालोद एवं डाइट दुर्ग के राज्य स्रोत शिक्षकों क्रमशः डीपी कोसरे एपीसी बालोद उमेश कुमार दुबे व्याख्याता डाइट दुर्ग रघुनंदन गंगबोईर व्याख्याता शासकीय हाई स्कूल जमरूवा एवं विवेक धुर्वे व्याख्याता शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल सांकरा ज के द्वारा जिले के समस्त संकुल समन्वयक एवं पीएलसी सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसे प्रत्येक शिक्षकों को संकुल समन्वयकों के द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इसी तारतम्य में जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास बघेल एवं जिला मिशन समन्वयक अनुराग त्रिवेदी के आदेशानुसार जी एल खुरश्याम ए पी सी,खंड शिक्षा अधिकारी बालोद बसंत कुमार बाग एवं खंड स्रोत समन्वयक निर्मल सर के मार्गदर्शन में संकुल केंद्र जमरूवा में संकुल प्राचार्य श्रीमती अंजना बैक , राज्य श्रोत शिक्षक रघुनंदन गंगबोईर संकुल समन्वयक छोटे लाल चंद्राकर
के द्वारा दिनांक 23 फरवरी2022 को प्रदान किया गया। जिसमें संकुल के गणित में आने वाले परेशानी के संबंध में उच्चारण और समझ संबंधित समस्या जैसे 19 2939 5969 को समझने के लिए बहुत सटीक तरीके से श्री देवांगन सर प्राथमिक शाला सोंहतरा ने बात बताई। इनको हम छत्तीसगढ़ी के शब्द उना से समझ सकते हैं जिसका अर्थ उना होना मतलब कम होना।
ठीक इसी प्रकार से 20 30 40 50 60 में क्रमश एक-एक कम होने से या 1 उना होने से इनको क्रम से इनका उच्चारण उन्नीस,उन्तीस, उनचालीस आदि 19 29 39 49 59 69 इत्यादि करते हैं। उच्चारण के संबंध बहुत अच्छा समझ स्थानीय परिवेश के अनुसार विकसित किया गया।
89 के संबंध में उच्चारण समझ विकसित करने के लिए श्री नंदा सर उच्च प्राथमिक शाला मिशन संकरा ने बहुत रोचक तरीके से बताया की नवासी क्या यदि संधि विच्छेद किया जाए तो नव व अस्सी होता है इसलिए 89 में अस्सी 80 के साथ नव 9 रहता है।
प्रशिक्षण में प्रशिक्षार्थी के रूप में श्रीमती राम कुमारी खुरश्याम, झमित कुंवर साहू,पद्मिनी साहू, ठाकुर मैडम, फ्लेश देवांगन, कामिनी यादव आदि शिक्षकों ने अपनी सहभागिता प्रदान की।

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