
बालोद। बालोद जिले में कुछ गांव ऐसे भी हैं जहां लगातार बेटियों को प्रोत्साहित करने की पहल हो रही है चाहे वह किसी भी क्षेत्र में हो। सांस्कृतिक क्षेत्र में बेटियां लगातार सामने आ रही है और परंपराओं को सहेज रही है। इस क्रम में दिवाली में भी लीला की प्रस्तुतियों का रिवाज जो वर्षों से चला आ रहा था, जो अब लुप्त होने की कगार पर है उसे बचाए रखते हुए ग्राम नागाडबरी में इस परंपरा को निभाया जा रहा है और इस क्रम इस बार भक्त प्रहलाद की कथा में बेटियों को सभी पात्र को अभिनय के रूप में उतारा गया बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ के संदेश को सार्थक करते हुए इस गांव के लोगों ने अपनी बेटियों को लीला के क्षेत्र में आगे बढ़ाते भक्त प्रल्हाद की कथा बतलाने के लिए लीला अभिनय में सभी पात्रों में बेटियों ने भूमिका निभाई।जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर बसा ग्राम नागाडबरी एक अलग पहचान बना रहा है। इस बार दीपावली पर गांव के बेटियों के द्वारा भक्त प्रहलाद की भक्तिमयी लीला दिखाई गई। लीला मंडली के संचालक षडप्रकाश किरण कटेन्द्र ने बताया कि भक्त प्रहलाद की नाटिका में सभी पात्रों की भूमिका गांव की बेटियों ने किया। अपनी सशक्त भूमिका एवं संवाद शैली से खूब तालियां बटोरी। विगत 20 वर्षों से मंडली का संचालित कर रहे कटेन्द्र ने यह भी बताया कि बेटियों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए वे लगातार प्रयास कर रहे हैं ताकि बेटियां हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर सके।
इन्होने निभाई ये भूमिका

हिरण्यकश्यप भूमिका कुमारी कुमकुम सिन्हा ,प्रहलाद कुमारी चंचल साहू,कयाधू गीतिका सोनवानी,वज्रदंत दिव्या साहू , लोभीलाल अनुराधा सिन्हा ,प्रमोद पूजा साहू , कुम्हार दीपांजली यादव , कुम्हारिन केशरी साहू , विष्णु सृष्टि सिन्हा लक्ष्मी दीपा साहू ,नारद रानिका गंजीर अन्य पात्रों की भूमिका में रोशनी साहू ,भूमी साहू ,कुमिका साहू ने निभाई। लीला मंडली में अन्य व्यवस्था में नुकेश सोनवानी ,धर्मेन्द्र सोनवानी , सूर्यकान्त साहू , शानू श्रवण , भूपत साहू , पीताम्बर सोनवानी ,घनाराम ,खोमेश्वर सोनवानी ,बिरेन्द्र साहू ,भावेश साहू ,विजय साहू का सहयोग रहा।


