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राम वन गमन परिपथ का उद्घाटन चंदखुरी कौशल्या मंदिर परिसर से 7 अक्टूबर को, चल रही तैयारी

शंकर महादेवन सहित राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय स्तर पर  प्रख्यात अनेक कलाकार देंगे अपनी प्रस्तुतियां

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर तैयार हुई  तीन दिवसीय कार्यक्रम की भव्य रूप-रेखा


रायपुर।

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा क्रियान्वित की जा रही छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी परियोजना राम-वन-गमन परिपथ का औपचारिक उद्घाटन 7 अक्टूबर को चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर में किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर तीन दिनों के कार्यक्रम की भव्य रूप-रेखा तैयार की गई है। इन तीन दिनों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रख्यात कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय कलाकार भी अपने कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
राम वन गमन पर्यटन परिपथ विकास परियोजना भगवान राम के वनवास काल की स्मृतियों और लोक-साक्ष्यों से जुड़ी है। भगवान राम ने 14 वर्षाें के वनवास-काल में से 10 वर्ष छत्तीसगढ़ में ही बिताए थे। उन्होंने उत्तर छत्तीसगढ़ के बैकुण्ठपुर जिले से इस अंचल में प्रवेश किया था। प्रदेश के विभिन्न स्थलों पर प्रवास करते हुए सुकमा जिले से दक्षिण भारत में प्रवेश किया था। तत्कालीन समय में दण्डकारण्य के रूप में जाने वाले छत्तीसगढ़ में भगवान राम के वन गमन-पथ पर स्थित 75 स्थानों को चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर उन्होंने या तो प्रवास किए थे, या फिर ये उनके महत्वपूर्ण पड़ावों में शामिल थे। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सम्पूर्ण राम-वन-गमन परिपथ तथा भगवान राम से संबंधित स्थलों के विकास की योजना तैयार की गई है। पहले चरण में 75 में से 9 स्थलों का पर्यटन तीर्थ के रूप में विकास तथा सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इनमें से चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर परिसर का कार्य पूर्ण हो चुका है।
 रायपुर के समीप एक छोटा सा गाँव चंदखुरी भगवान राम की माता कौशल्या का जन्म स्थान है। इसे प्रभु श्री राम का ननिहाल भी कहा जाता है। माता कौशल्या मंदिर उन्हें समर्पित दुनिया का एकमात्र मंदिर है। विशाल सरोवर के बीचों-बीच स्थित प्राचीन काल का यह खूबसूरत मंदिर हाल ही में पुननिर्मित किया गया है
राम वन गमन पर्यटन परिपथ के उद्घाटन समारोह में नृत्य, संगीत, लेजर शो एवं एलईडी रोशनियों के जरिए प्रभु श्री राम के वनवास एवं छत्तीसगढ़ में उनके प्रवास की कहानी प्रस्तुत की जाएंगी। जाने-माने गायक-संगीतकार शंकर महादेवन इस समारोह में शामिल होने वाले मुख्य अतिथियों में से एक होंगे। अन्य कलाकारों में कबीर के गीतों को अलग अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए मशहूर पद्म श्री भारती बंधु, गायिका कविता वासनिक, प्रभु श्री राम के भक्ति गीतों को दुनिया के कोने-कोने तक ले जाने वाली मानस (भजन) मंडली नंदकुमार साहू, मुम्बई स्थित फ्यूजन बैंड, कबीर कैफे के साथ प्रसिद्ध गायिका सुकृति सेन की जुगलबंदी भी इस कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में शामिल है। भारतीय रॉक बैंड इंडियन ओसियन द्वारा छत्तीसगढ़ एवं राम वन गमन पर्यटन परिपथ के लिए इस अवसर पर विशेष रूप से तैयार किया गया गीत प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही मुम्बई स्थित प्रसिद्ध एक्रोबेटिक नृत्य समूह ‘वी अनबीटेबल’ द्वारा प्रभु श्री राम पर आधारित विशेष नृत्य का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
उद्घाटन समारोह के उपरांत अगले दो दिन तक आयोजन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों से इकट्ठा हुई मानस मंडलियों का कार्यक्रम चलता रहेगा। मानस मंडली की परंपरा छत्तीसगढ़ राज्य की सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न अंग है। इस आयोजन में राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों के स्थानीय कलाकारों को भी भाग लेने का मौका दिया जाएगा। इन कलाकारों में वे मंडलियां भी शामिल हैं जो महाकाव्य रामचरितमानस का गायन करती है।

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