DAILY BALOD NEWS

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DBNफॉलोअप- ILOVE YOU,,,,, मामला- बाबू की जरूरत थी तो हमने दे दी पोस्टिंग- बालोद डीईओ

बालोद। महिला स्टाफ से व्हाट्सएप पर अभद्रता करने वाले निलंबित बाबू की बहाली और अपने दफ्तर में ही पोस्टिंग दिए जाने पर शिक्षा विभाग की जमकर किरकिरी हुई है। तो वही खबर प्रकाशन के बाद मामले में शिक्षा विभाग द्वारा अब इसमें सफाई दी जा रही है। मामले में अब प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बसंत बाघ का कहना है कि जो कार्यवाही व बहाली हुई थी वह मेरे कार्यकाल का नहीं था।पूर्व में पदस्थ रहे डीईओ के द्वारा उक्त कार्रवाई की गई थी। बाबू के बहाली के बाद वह यहां अपने कुछ शिक्षक साथियों के साथ आया था और मांग की गई थी कि निलम्बन अवधि जहां इसे अटैच किया गया था गुरुर ब्लॉक का अंतिम गांव का स्कूल , वह उसे लंबा पड़ता है। आने जाने में बहुत परेशानी होती है। अगर यहां बाबू का कोई पद रिक्त हो तो अटैच किया जाए। प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बाघ ने कहा कि क्योंकि डीईओ दफ्तर में बाबू की जरूरत थी, यहां अलग से पोस्टिंग नहीं होती। इसी तरह निलम्बित या अटैचमेंट के जरिए काम चलाना पड़ता है। इसलिए हमने उन्हें यहां के एक शाखा का प्रभार दे दिया। पूर्व में उसके खिलाफ जो शिकायत हुई थी उस पर कार्यवाही पूर्व के जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा ही की जा चुकी थी। हमने उसे बहाली के बाद ही यहां जरूरत के हिसाब से पोस्टिंग दी है। ज्ञात हो कि
बालोद जिला शिक्षा विभाग का ये मामला चर्चा में बना हुआ था ।क्योंकि जिस बाबू को यहां पोस्टिंग दी गई है, उनके द्वारा पहले जहां पर वे पदस्थ थे, वहां की एक महिला स्टाफ को व्हाट्सएप के जरिए अभद्रता पूर्ण मैसेज किया जाता था। एक मैसेज स्क्रीनशॉट के मुताबिक उसने महिला स्टाफ को आई लव यू तक मैसेज किया था। जिस पर उक्त महिला स्टाफ ने उसे खरी-खोटी भी सुनाई थी व फिर इसकी शिकायत भी विभाग के अफसरों से की थी। जिसके बाद उसे निलंबित किया गया था। लेकिन जिसे निलंबित किया गया जिस पर अभद्रता व अश्लीलता के आरोप लगे उसे बकायदा बहाली होते ही जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ही पोस्टिंग देकर शिक्षा विभाग जिले में चर्चा में आ गया। इस संबंध में हमने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की जिसके बाद अब शिक्षा विभाग के अधिकारी मामले में सफाई देने में जुटे हुए हैं।

शिक्षा जगत में हो रही मामूली कार्यवाही व पोस्टिंग की तीखी आलोचना

तो वही जब मीडिया के जरिए उक्त बीती हुई घटना अब जाकर सामने आई तो लोग हैरान हैं। तो वहीं शिक्षक साथियों के बीच इस घटना व विभाग द्वारा की गई मामूली कार्यवाही व शिक्षा विभाग में जिला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर में पोस्टिंग को लेकर आलोचना होने लगी है। शिक्षा जगत के लोग इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे हैं। लेकिन बात वही है पहले से ही इस मामले में नरमता दिखा दी गई है। निलंबन हुआ पर कम समय के लिए, बहाली हुई और बहाली के साथ तोहफा के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर में ही पोस्टिंग भी मिल गई।

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