धान के बदले दूसरी कोई भी फसल लेने पर प्रति एकड़ 10 हजार की मिलेगी आदान सहायता
राजीव गांधी किसान न्याय योजना के दिशा-निर्देशों में हुआ संशोधन, बढ़ाया गया फसलों का दायरा
बालोद/गुरुर। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के क्रियान्वयन के लिए जारी दिशा-निर्देशों में शासन ने आंशिक संशोधन कर फसलों का दायरा बढ़ाते हुये योजना में शामिल किया है। संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र के विधायक संगीता सिन्हा ने बताया कि पूर्व के निर्देशों में कुछ निर्धारित फसलों को योजना में शामिल किया गया था। निर्देशों में संशोधन उपरांत अब खरीफ मौसम के कृषि एवं उद्यानिकी की भी सभी फसलों पर किसान को 9 हजार रुपये प्रति एकड़ तथा जिस रकबे में पिछले साल किसान द्वारा धान बोया गया था, उसमें इस वर्ष धान के बदले कोई दूसरी फसल लेने या वृक्षारोपण करने पर 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की आदान सहायता राशि दी जाएगी। विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र के सभी किसानों को इस योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने की अपील की है। ताकि धान की खेती से जो भूजल स्तर का अधिक दोहन होता है उसे रोका जा सके व दलहन तिलहन की फसलों को बढ़ावा दे सके। कृषि परिवर्तन की दिशा में भी आगे बढ़ सके। मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बनाने के लिए फसल परिवर्तन भी जरूरी है।
राजीव गांधी किसान न्याय योजना के क्रियान्वयन हेतु शासन द्वारा पूर्व में जारी दिशा-निर्देश अनुसार खरीफ 2021 से धान के साथ खरीफ की प्रमुख फसल मक्का, कोदो-कुटकी, सोयाबीन, अरहर तथा गन्ना उत्पादक कृषकों को प्रति वर्ष 9 हजार रुपये प्रति एकड़ आदान सहायता राशि दी जाएगी। साथ ही वर्ष 2020-21 में जिस रकबे से किसान द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया था। यदि वह किसान उसी रकबे पर धान के बदले कोदो-कुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगंधित धान, अन्य फोर्टिफाइड धान, केला, पपीता लगाता है अथवा वृक्षारोपण करता है तो उसे प्रति एकड़ 10 हजार रुपये की आदान सहायता राशि दी जाएगी। इस दिशा निर्देश में संशोधन किया गया है। जिसके तहत अब राजीव गांधी किसान न्याय योजना में फसलों का दायरा बढ़ा दिया गया है। जिसके अनुसार योजनान्तर्गत खरीफ मौसम के कृषि एवं उद्यानिकी फसल उत्पादक कृषकों को प्रति वर्ष 9 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि दी जाएगी। इसी तरह वर्ष 2020-21 में जिस रकबे में किसान द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया था, यदि वह धान के बदले सुगंधित धान, फोर्टिफाइड धान, अन्य अनाज, दलहन, तिलहन, उद्यानिकी फसल अथवा वृक्षारोपण करता है तो उसे प्रति एकड़ 10 हजार रुपये की आदान सहायता राशि दी जाएगी। वृक्षारोपण करने वाले कृषकों को 3 वर्ष तक आदान सहायता राशि दी जाएगी। विधायक संगीता सिन्हा ने बताया कि किसान अपना आधार कार्ड, किसान किताब (ऋण पुस्तिका) और बैंक खाते की जानकारी संबंधी दस्तावेज के साथ अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर राजीव गांधी किसान न्याय योजना में पंजीयन करवा सकते है। उन्होंने किसानों से योजना का लाभ लेने जल्द से जल्द पंजीयन करवाने की अपील की है।
