ब्रेकिंग- छत्तीसगढ़ में सियासी संकट बरकरार- ढाई घंटे से ज्यादा हो गई राहुल गांधी और भूपेश बघेल के बीच बैठक, लोगों की निगाहें फैसले पर टिकी, देखिए अब तक की परिस्थितियां, इधर बालोद विधायक ने क्या कही ढाई-ढाई साल पर बात?




नई दिल्ली/ रायपुर/ छत्तीसगढ़
। छत्तीसगढ़ में क्या वाकई में ढाई- ढाई के फार्मूले पर सीएम बदल दिया जाएगा या फिर यह फार्मूला महज कयासबाजी थी। इसका खुलासा आज हो सकता है। पर खुलासा कब तक होगा कोई निश्चित नहीं है क्योंकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व राहुल गांधी के बीच बातचीत का दौर 2 घंटे से ज्यादा हो गए अब तक शाम 6.30 बजे तक खत्म नहीं हुआ। राहुल गांधी के आवास में दिल्ली में उनके बीच बातचीत जारी है। प्रियंका गांधी भी इस बैठक में शामिल थी। लेकिन वह करीब 6 बजे बैठक से निकल कर चली गई है। शाम 7 बजे प्रियंका बैठक में वापस आई. शाम करीब 7.30 बजे बैठक खत्म हुई है. सीएम भूपेश बघेल शाम 7 बजे के बाद बाहर आये. अब तक सामने नहीं आया है कि वहां बातचीत में क्या तय हुआ है। सबकी निगाहें मुख्यमंत्री या कांग्रेस के हाईकमान के बयान पर टिकी हुई है कि आगे क्या फैसला सुनाया जाएगा। इधर छत्तीसगढ़ के कई विधायक और मंत्री दिल्ली में भी डटे हुए हैं या यूं कहें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पक्ष में शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं।

इधर सोशल मीडिया में तरह तरह के मैसेज वायरल हो रहे हैं कुर्सी को लेकर एक फनी वीडियो जमकर वायरल हो रहा। कहा जा रहा है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ की स्थिति कुछ ऐसी ही हो गई है। कुर्सी को लेकर खींचतान जारी है। कई तरह की अफवाहें भी उड़ती चल जा रही है। इन अफवाहों के बीच एक बात यह भी सामने आ गई थी कि अगर टीएस ( त्रिभुवनेश्वर शरण) सिंहदेव को मुख्यमंत्री बनाया जाता है। तो जोगी कांग्रेस भी उनके साथ विलय करेगी। हालांकि इसे अमित जोगी ने अफवाह बताया तो वही दिल्ली में रेणु जोगी द्वारा सोनिया गांधी से मिलने के लिए समय मांगे जाने पर रेणु जोगी का बचाव करते हुए अमित जोगी ने कहा है कि हो सकता है कि वह उनसे कोई काम होगा इसलिए वह उनसे मिलना चाहती होंगी बांकी विलय की बात उन्होंने अफवाह बताया है।

2023 के चुनाव को ध्यान में रखकर भी लेना होगा फैसला

छत्तीसगढ़ में सीएम बदलेगा या नहीं? यह आज ही तय हो सकता है। तो वही हाईकमान के लिए भी ये परीक्षा की घड़ी है कि वह क्या फैसला देती है। 2023 में विधानसभा चुनाव व 2024 में लोकसभा चुनाव की रणनीति को लेकर भी ध्यान में रखकर फैसला लिया जाएगा। सभी पहलुओं पर ध्यान रखकर फैसला सुनाया जाएगा। 2 से ढाई घंटे से ज्यादा चल चुकी राहुल गांधी व भूपेश बघेल के बीच बैठक को लेकर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि किसने किसको कितने हद तक समझाने की कोशिश की होगी। इधर विधायकों से अपने समर्थन में लेटर पैड पर पत्र लिखवाने की बात भी सामने आ रही है उक्त सभी बातें चर्चाएं व सूत्रों के हवाले से हैं। हम इसकी अधिकृत पुष्टि नहीं करते हैं।

इधर विधायक संगीता सिन्हा ने कहा- दोनों का नेतृत्व बहुत अच्छा है, हाईकमान जो फैसला ले सर्वमान्य होगा

इधर DailyBalodNews से चर्चा करते हुए संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक संगीता सिन्हा का इस मसले पर कहना है कि वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्य से बहुत खुश हूं । स्वास्थ्य मंत्री का काम भी बहुत अच्छा है। दोनो का नेतृत्व बहुत अच्छा है। ये जो ढाई-ढाई साल वाली बात है इस पर मैं कुछ नही कहना चाहती। ये हाई कमान का निर्णय है। हाई कमान से जिसे भी छग का नेतृत्व सौंपा जाएगा, सर्व मान्य होगा। तो वहीं उन्होंने सीएम के समर्थन में पत्र लिखे जाने की बात से फिलहाल इंकार किया है।

विधायक संगीता की बातें उनके शब्द में

फाइल फोटो एक मुलाकात की

ये तो हाई कमान की बातें हैं,क्योंकि सीएम भूपेश बघेल को भी उन्होंने ही जिम्मेदारी दी थी। सीएम भूपेश बघेल एक अच्छे इंसान हैं। उनका नेतृत्व अच्छा है। तो ही श्री सिंहदेव भी अपनी जगह अच्छे हैं। दोनों का नेतृत्व बहुत अच्छा है। ढाई साल वाले जो बात आती थी उसके बारे तो हमें कोई पता ही नहीं था। यह हाईकमान की बातें हैं। इस पर वही फैसला करें तो ज्यादा अच्छा है। मैं तो वर्तमान सरकार से बहुत खुश हूं, संतुष्ट हूं और हाईकमान जो फैसला करें वह सर्वमान्य होगा।- जैसा विधायक संगीता सिन्हा ने हमें बताया

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