
बालोद/दल्ली राजहरा। दल्ली राजहरा की लेखिका व कवियित्री शिरोमणि माथुर द्वारा लिखी गई अर्पण पुस्तक की समीक्षा गोष्ठी का आयोजन दल्ली राजहरा के माथुर सिनेप्लेक्स में हुआ। जहां छत्तीसगढ़ के अलग-अलग कोने से वरिष्ठ साहित्यकार, लेखक, कवि पहुंचे थे।

जिन्होंने अपनी-अपनी विचारों के जरिए अर्पण पुस्तक की समीक्षा की। सभी अतिथि साहित्यकारों ने पुस्तक को श्रेष्ठ बताया व इनकी रचनाओं की सराहना की। कई भावनाओं को छूती हुई इस पुस्तक के अलग-अलग हिस्सों के बारे में भी साहित्यकारों ने बताते हुए कहा कि जीवन के हर पड़ाव को इस रचना के जरिए एक दिवंगत बेटे व बहू की यादों को कविता में कैसे अपने आंसुओं की धारा को रोक कर कितनी साहस के साथ इसे लिखा गया है, यह इस अर्पण पुस्तक में नजर आता है। इसके अलावा पारिवारिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ समाज को आईना दिखाती हुई रचनाएं भी इसमें शामिल की गई है। जिसे साहित्यकारों ने खूब सराहा।

लॉकडाउन व कोरोना काल के दौरान की परिस्थितियों को भी इन रचनाओं में उकेरा गया है। जिसमें श्रमिकों का दर्द को भी बयां किया गया है। कलम के सिपाहियों व आज का भारत, नई संस्कृति, कहानियों में नमक हराम, नारी का स्वाभिमान, बड़ी भाभी और गवाही काफी अच्छी है। इसके अलावा इसमें लोगों को आध्यात्मिक के लिए भी प्रेरित किया गया है।

इस समीक्षा गोष्ठी के मुख्य अतिथि शासकीय महाविद्यालय कांकेर से आए डॉ एस आर बंजारे थे। अध्यक्षता लोक असर के संस्थापक दरवेश आनंद ने की। विशेष अतिथि के रूप में नगर पालिका दल्ली राजहरा के अध्यक्ष शिरोमणि माथुर, कवि व साहित्यकार डॉ अशोक आकाश साहू सहित अन्य प्रमुख मौजूद रहे। ज्ञात हो कि 4 फरवरी 2021 को उक्त पुस्तक का विमोचन किया गया था। समीक्षा गोष्ठी का आयोजन माथुर परिवार व हस्ताक्षर साहित्य समिति के तत्वाधान में हुआ।
