सिस्टम को जगाने साइकिल पर निकला शिक्षक, 1458 किमी का सफर तय करेंगे, सनौद पहुंचने पर हुआ स्वागत, 1 जुलाई को पहुंचेंगे रायपुर, 14580 शिक्षकों की भर्ती का है मामला



बालोद

राजनांदगांव के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने वाले नंद किशोर छत्तीसगढ़ के हर संभाग का चक्कर साइकिल पर लगाएंगे। वो ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि लगभग दो सालों में प्रदेश में 14 हजार 580 शिक्षकों की भर्ती रुकी हुई है। नंद किशोर इस दौरान प्रदेश के सभी संभाग, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर का सफर करेंगे। वे शुक्रवार को बालोद जिले के गुरुर ब्लॉक के ग्राम सनौद होते धमतरी फिर वापस पुरुर चारामा होकर जगदलपुर की ओर रवाना हुए। सनौद में उनकी इस यात्रा का स्वागत जिले के डीएड बीएड संघ के युवाओं ने किया।जो नौकरी के इंतजार में है। और उन्ही को नौकरी दिलाने नंदकिशोर यह साइकिल यात्रा कर रहे। इस यात्रा के दौरान वे बेरोजगारी की हालत में जिंदगी बिताने को मजबूर शिक्षकों के मुलाकात कर रहे और 1 जुलाई को सभी से रायपुर पहुंचने की अपील कर रहे। ताकि सभी एक साथ एक बार फिर सरकार के सामने अपनी मांगों को रख सकें। जिले के हर ब्लॉक से युवा साथी इस आंदोलन में शामिल होंगे। जानकारी अनुसात

1458 किलोमीटर की साइकिलिंग करेंगे

दुर्ग से नंद किशोर गुरुवार को बालोद के लिए निकले थे। शुक्रवार को वे बालोद से बस्तर की ओर बढ़े। बस्तर के बाद इस टीचर की साइकिल गरियाबंद, रायगढ़ से होते हुए अंबिकापुर के बाद बिलासपुर और अंत में रायपुर पहुंचेगी। डीएड बीएड संघ के जिला पदाधिकारी चलेश साहू, दानेश्वर साहू, विजय साहू, अनिल साहू व पवन देव् ने बताया कि ये साइकिल यात्रा सरकार तक अपनी बात को पहुंचाने के लिए है। नंद किशोर इस दौरान लगातार साइकिलिंग करेंगे। अगर रात में रुकने की जरूरत पड़ी तो स्थानीय शिक्षकों से संपर्क कर उनकी मदद लेंगे। इस सफर को पूरा करने में 7 दिनों का वक्त लगने का अनुमान है।

आखिर क्या है मामला

2019 में सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए सरकार ने 14 हजार 580 युवाओं को चुना मगर अब तक नियुक्ति नहीं दी गई। करीब ढाई साल से नौकरी दिए जाने की मांग की जा रही है। छत्तीसगढ़ के प्रशिक्षित डीएड-बीएड संघ के शिक्षकों ने बताया कि प्रदेश में 14 हजार 580 शिक्षकों का चयन हो चुका है मगर भर्ती नहीं हो रही। इससे पहले सभी शिक्षक किसी न किसी प्राइवेट स्कूल में नौकरी कर रहे थे, सभी ने इस आस में नौकरी छोड़ दी कि उन्हें सरकार की तरफ से रोजगार मिलना था। अब कोई दूसरी नौकरी इसलिए नहीं मिलती क्योंकि ये उम्मीदवार चयनित हैं, लॉकडाउन में सभी शिक्षकों की माली हालत और भी खराब हो गई मगर सरकार ने ध्यान नहीं दिया।

अब 1 जुलाई को बड़े आंदोलन की तैयारी


पवन देव् ने बताया कि पिछले एक महीने में दो बार शिक्षा मंत्री से मुलाकात हुई मगर सिवाए आश्वासन के शिक्षकों के हिस्से कुछ नहीं आया। पिछली बार रायपुर में ही रैली का एलान करने पर पुलिस ने जेल में बंद करने की धमकी देकर शिक्षकों को डरा दिया। अब 1 जुलाई को रायपुर में बड़े आंदोलन की तैयारी में ये भी शिक्षक हैं। प्रदेश भर से हजारों की तादाद में शिक्षक जुटेंगे और नौकरी दिए जाने की मांग करेंगे।

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